एक ब्लॉग बनाने के बाद हर ब्लॉगर के लिए सबसे बारे चैलेंज अपने ब्लॉग पर ट्रैफिक लाना होता है. आप कितना भी अच्छा क्वालिटी कंटेंट अपने ब्लॉग पब्लिश क्यों न कर ले पर जब तक आपके ब्लॉग पोस्ट पर ट्रैफिक नहीं आएगी तब तक कोई फायदा नहीं है. इसलिए मैं आज आपके साथ शेयर करने जा रहा हूँ Blog Ki Traffic Kaise Badhaye 51 Top Tarike.
जब आप कंटेंट लिखे और वो कोई भी पढ़े ही न तो फिर क्या फायदा है? है ना.
जब किसी ब्लॉग पर अच्छी ट्रैफिक आती है तभी वो ब्लॉगर उससे रेवेनुए बना पता है और साथ ही उससे द्वारा दी गयी जानकारी से अन्य लोगो को मदद मिलती है.
आज के इस लेख में मैं आपके साथ टॉप तरीके शेयर करने जा रहा हूँ जिन से आप अपने ब्लॉग पर ट्रैफिक ला सकते है.
तो अगर आपने भी ब्लॉग बनाया है पर आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक नहीं है तो परेशां होने की जरुरत नहीं है आज के लस ब्लॉग पोस्ट में मैं Blog Ki Traffic Kaise Badhaye 51 Top Tarike बताने जा रहा हूँ जिससे फॉलो कर आप ट्रैफिक ला सकते है.
ब्लॉग पर ट्रैफिक लाने के तरीके को मैंने अलग अलग केटेगरी में बता है तो सभी केटेगरी को एक एक कर देखें की उसकी मदद से कैसे ट्रैफिक लाया जा सकता है.
सोशल मीडिया के जरिये.
अपने ब्लॉग के लिए ट्विटर पर अकाउंट बनाये और रेगुलर ब्लॉग पोस्ट को ट्वीट करे.
अपने ब्लॉग के लिए फेसबुक अकाउंट बनाये और उसके प्रोफाइल सेक्शन में अपने ब्लॉग का यूआरएल ऐड करे.
फेसबुक पर अपने ब्लॉग पोस्ट को शेयर करे लिंक के साथ.
अपने ब्लॉग के लिए इंस्टाग्राम पर भी प्रोफाइल बनाये और प्रोफाइल विकल्प में वेबसाइट में अपने ब्लॉग का लिंक अपडेट करे.
फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर अपने नए फोल्लोवेर्स को मैसेज और पोस्ट कर वेलकम करे उनसे जुड़े.
अपने ब्लॉग के लिए पिनटेरेस्ट पर भी बिज़नेस अकाउंट बनाये और अपने ब्लॉग का लिंक ऐड करे.
पिनटेरेस्ट पर अपने ब्लॉग पोस्ट के इमेज को पिन करे और साथ ही पिन के यूआरएल विकल्प में अपने ब्लॉग पोस्ट का लिंक भी ऐड करे.
यूट्यूब पर अपने ब्लॉग के लिए चैनल बनाये और वेबसाइट ऑप्शन में अपने ब्लॉग का लिंक अपडेट करे.
अपने ब्लॉग पोस्ट के कंटेंट को वीडियो के रूप में बनाये यानि की जो जानकारी अपने पोस्ट कंटेंट के रूप में दी है उसी को वीडियो के रूप में रिकॉर्ड यूट्यूब पर अपलोड कर पब्लिश करे. वीडियो के डिस्क्रिप्शन में अपने ब्लॉग पोस्ट का लिंक ऐड करना न भूले.
अपने ब्लॉग के लिए लिंक्ड इन पेज बनाये और वेबसाइट विकल्प में अपने ब्लॉग पोस्ट कर लिंक ऐड करे.
लिंकेडीन ग्रुप में अपने ब्लॉग पोस्ट को लिंक के साथ शेयर करे.
अगर आप अन्य किसी भी सोशल साइट्स पर अपने ब्लॉग के लिए पेज बनाते है या बनाये है तो वह पर वेबसाइट विकल्प में अपने ब्लॉग पोस्ट का लिंक जरूर ऐड करे.
व्हाट्सप्प पर अपने अपने ब्लॉग पोस्ट को अपने niche से जुड़े ग्रुप में शेयर करे.
फेसबुक लाइव का उसे कर अपने ब्लॉग पोस्ट और ब्लॉग से रिलेटेड जानकारी ऑडियंस को दे और उनसे जुड़े.
ब्लॉग के कंटेंट को शेयर करने के लायक बढ़िया सा इन्फोग्राफिक्स बनाये.
अपने ब्लॉग को यूट्यूब वीडियोस और चैनल दोनों से लिंक करे.
अपने niche से रिलेटेड फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करे और एक्टिव रहे वह पर ऑडियंस को हेल्प कर आप अपने ब्लॉग पर ट्रैफिक ड्राइव कर सकते है.
मस्सगे बोर्ड या ग्रुप के उपयोग से.
फेसबुक ग्रुप में ब्लॉग पोस्ट को शेयर करे.
अपना खुद का भी फेसबुक ग्रुप बनाये और उसमे ब्लॉग पोस्ट शेयर करे लिंक के साथ.
अपने niche से जुड़े फ़ोरम्स में ब्लॉग पोस्ट को शेयर करे.
रेड्डिट पर अपने ब्लॉग पोस्ट को शेयर करे.
अपने ब्लॉग की मदद से
ईमेल लिस्ट बढ़ाये.
अपने ब्लॉग पर गिव अवे चलाये और इसके जरिये विसिटोर्स जो आते है उनका ईमेल कलेक्ट करे .
ब्लॉग पर कोई भी फ्री प्रोडक्ट अपने ऑडियंस को ऑफर करे.
अपने निचे से जुड़े दूसरे अच्छे ब्लॉगर का इंटरव्यू अपने ब्लॉग पर पब्लिश करे साथ ही उस ब्लॉगर को भी लिंक मेल कर जानकारी दे
अपने ब्लॉग पर ईमेल सब्सक्राइबर बॉक्स को एक प्रमुख स्थान पर रखें
अपने ब्लॉग पोस्ट पर सोशल शेयर बटन ऐड करे.
अपने ब्लॉग पर नियमित रूप से नए ब्लॉग पोस्ट(लेख) प्रकाशित करें (सप्ताह में कम से कम एक बार).
अपने ब्लॉग साइट पर एक मंच(forum) बनाएँ
अपने ब्लॉग पर दूसरे ब्लॉगर का इंटरव्यू पब्लिश करे.
कंपनी और प्रोडक्ट्स कर रिव्यु ब्लॉग पर पब्लिश करे.
अपने ब्लॉग पोस्ट के कंटेंट को रेगुलर बेसिस पर अपडेट करे.
वेबसाइट के बाहर काम कर ट्रैफिक लाने के तरीके.
अपना खुद का पॉडकास्ट शुरू करे.
अपने निचे के दूसरे ब्लॉग पर कमेंट करे.
आप किसी कंपनी का प्रोडक्ट उसे करे और उन्हें आपका एक्सपीरियंस शेयर करने दे.
अपने कुछ ेबूक ऑडियंस को फ्री में दे.
अपने niche से जुड़े दूसरे ब्लोग्स पर गेस्ट पोस्ट करे.
दूसरे वेबसाइट की मदद से क्रॉस प्रमोशन करे.
अपने कंटेंट को medium पर पब्लिश करे.
दूसरे ब्लॉग के लिए गेस्ट पोस्ट लिखे.
अपने ब्लॉग पर गेस्ट पोस्ट के लिए दूसरे ब्लॉगर को invite करे.
SEO के जरिये
अपने ब्लॉग का डिज़ाइन SEO फ्रेंडली बनाये.
अपने ब्लॉग के लिए on पेज SEO सेटिंग कम्पलीट करे.
कीवर्ड रिसर्च कर ही ब्लॉग पोस्ट लिखे.
Long tail keywords को टारगेट करे.
ब्लॉग पोस्ट में इंटरनल लिंकिंग जरूर करे.
People also ask वाले सवाल का जवाब अपने ब्लॉग पोस्ट में जरूर ऐड करे.
अपने वेबसाइट को सर्च इंजन में सबमिट करे.
ब्लॉग पोस्ट का क्वालिटी बैकलिंक्स बनाये
अपने कॉम्पिटिटर्स के ब्लोग्स पर नजर रखे और उससे analyze करे.
अपने ब्लॉग पर एक्सक्लूसिव कंटेंट पब्लिश करे.
ऊपर बताये गए तरीके को फॉलो कर आप अपने ब्लॉग पर आसानी से ट्रैफिक बढ़ा सके सकते है और नया विसिटोर्स भी ला सकते है. उम्मीद है आपको इस पोस्ट में कुछ नयी ब्लॉग ट्रैफिक से जुड़ी कुछ नयी जानकारी मिल पायी होगी. इस लेख से ज़ुरा कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेंट कर जरूर बताये.
Podcast: पॉडकास्ट अभी तक अपने देश में बहुत ज्यादा पॉपुलर नहीं है. बहुत सारे लोगो को अभी तक इसकी जानकारी भी नही है की पॉडकास्ट होता क्या है.
अगर आपको भी नहीं मालूम है तो ये पोस्ट आपके लिए ही है इस लेख में हम पॉडकास्ट के बारे में आपको पूरी जानकारी देने वाले है जैसे की Podcast kya hai, podcast कैसे करते है पॉडकास्ट शुरू करने के लिए आपको क्या चाहिए.
अगर आप एक कंटेंट क्रिएटर है तो ऐसे में पॉडकास्ट आपके लिए बहुत हेलफुल साबित हो सकता है अगर इस्पे आप सही तरीके से काम करते है तो
पॉडकास्ट ऑडियो फाइलों की एक एपिसोडिक श्रृंखला होता है जिससे कोई भी व्यक्ति सुनाने के लिए अपने व्यक्तिगत डिवाइस पर डाउनलोड कर सकता है
दूसरे शब्दों में हम पॉडकास्ट को ऑडियो कंटेंट भी कहते है जो रेडियो शो की तरह है जहा पर अलग अलग टॉपिक के ऊपर बात की जाती है डिस्कशन किया जाता है.
इसकी सबसे अच्छी और ख़ास बात ये है की इससे ऑफ़िस जाते समय या यहां तक कि काम करते हुए भी चलते-फिरते सुना जा सकता है।
यह एक ऐसे टाइप का कंटेंट है जिसपे ऑडियंस को ब्लॉग पोस्ट या वीडियो की तरह अपना अटेंशन देने की जरुरत नहीं होती है.
इसलिए यदि आप सोच रहे हैं कि पॉडकास्ट कैसे शुरू किया जाए, तो आपको सबसे पहले यह तय करने की आवश्यकता होगी कि आप किस प्रकार का पॉडकास्ट बनाएँगे और उसके लिए सबसे पहले पॉडकास्ट कितने प्रकार के होते है ये जानना बेहद जरूरी है.
Types of Podcasts
The Interview Show
यह पॉडकास्ट का एक प्रकार है जिसमे में किसी व्यक्ति जो किसी भी क्षेत्र में अच्छी जानकारी रखता है उससे पॉडकास्टर बुलाते है और उनसे उनके विषयों के बारे में सवाल करते है ताकि ऑडियंस को उस विषय की जानकारी मिल पाए या फिर उनके मैं में जो भी सवाल है उसका जवाब मिल सके.
इसमें एक पॉडकास्ट करने वाला व्यक्ति अलग विषयों के क्षेत्र में एक्सपर्ट को बुलाकर अपने शो में लेट है और उनका इंटरव्यू करते है जिससे ऑडियंस को काफी कुछ नया जानने को मिलता है.
The Solo Podcast
यह पॉडकास्ट अलग तरह का है इसमें पॉडकास्ट करना वाला व्यक्ति अकेला ही शो करता है और अपने निचे और विषय से जुड़ी जानकारी ऑडियंस के साथ शेयर करता है. सोलो पॉडकास्ट में पॉडकास्टर अपनी जानकारी अपने ऑडियंस के साथ शेयर कर उन्हें सिखने में मदद करता है.
इस तरह के पॉडकास्ट हर किसी ऑडियंस के लिए काफी अच्छा होता है जैसे की मान लीजिये की आपको जानना है की प्रोग्रामिंग क्या है कैसे सीखते है यानि की आपको प्रोग्रामिंग में इंटरेस्ट है तो ऐसे में आप प्रोग्रामिंग से जुड़े पॉडकास्ट शो को सुन कर काफी जानकारी हासिल कर सकते है और प्रोग्रामिंग सीखना शुरू कर सकते है.
इसी तरह से अगर किसी को किसी अन्य विषय में इंटरेस्ट है तो वो उससे से जुड़े पॉडकास्ट शो से जुड़ सारे एपिसोड सुनकर उस विषय के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है.
Conversational/Co-Hosted Podcast
यह पॉडकास्ट शो बिलकुल अलग तरह का होता है इसमें दो पॉडकास्ट होस्ट करने वाले व्यक्ति होते है मान लीजिये की आप पॉडकास्ट शो करते है और आप किसी और को अपने शो में होस्ट के रूप में जोरते है यानि की दोनों मिलकर शो को होस्ट करते अपनी जानकारी ऑडियंस के साथ सांझा करते है ऐसे शो को कहॉस्ट पॉडकास्ट बोला जाता है.
अपने पॉडकास्ट में एक नियमित कहॉस्ट होने से आप अपने पॉडकास्ट शो को अधिक संवादात्मक, व्यक्तिगत और वैकल्पिक दृष्टिकोण के साथ अधिक गहन बना सकते हैं।
Repurposed Content.
यह पॉडकास्ट का एक ऐसा प्रकार है जिससे पहले से क्रिएट किये गए कंटेंट को ऑडियो के रूप में प्रवर्तित कर बनाया जाता है.
जैसे अगर किसी के पास ब्लॉग है और वो अपने ब्लॉग पोस्ट के कंटेंट को ऑडियो के रूप में क्रिएट कर पॉडकास्ट बनता है तो ऐसे पॉडकास्ट को रेपुरपोसेड पॉडकास्ट कहा जाता है.
कोई वीडियो बनाने वाला कंटेंट क्रेटर अगर अपने वीडियो के कंटेंट को ऑडियो के रूप में तैयार करता है तो ये भी रेपुरपोसेड कंटेंट कहलाता है. यानि एक रूप में पहले से बनाये गए कंटेंट को ऑडियो के रूप में बनाना ही रेपुरपोसेड है.
इस तरीके पॉडकास्ट का उपयोग अपने कंटेंट को ज्यादा से ज्यादा ऑडियंस तक पहुंचने के लिए किया जाता है इसके अलावा इससे ब्रांडिंग करने में भी बहुत मदद मिलती है.
ये पॉडकास्ट ब्लॉग पर ट्रैफिक लाने में भी बहुत ज्यादा सहायक होता है.
ब्लॉग पोस्ट के लिए जब पॉडकास्ट बनाते है और उससे पब्लिश करते है तो वह पे ब्लॉग पोस्ट का लिंक भी पॉडकास्टर ऐड कर देते है जिससे पॉडकास्ट के जरिये ब्लॉग पर ट्रैफिक आती है.
एक Podcast और एक Audio फ़ाइल के बीच अंतर क्या है? (What is the Difference Between a Podcast and an Audio File in Hindi)
ऑडियो फाइल किसी वेबसाइट पे अपलोड की जाती है जिससे सुनाने के लिए आपको उस वेबसाइट पे जाकर डाउनलोड करना होता है या फिर उस वेबसाइट को ओपन रख कर प्ले कर सुनना परता है.
फिर से जब वेबसाइट एडमिन नई ऑडियो फाइल अपलोड करता है तो यूजर को फिर से साइट पर जाकर डाउनलोड करना होता है या साइट ओपन रख कर प्ले करके सुन्ना परता है.
लेकिन पॉडकास्ट ऑडियो फाइल की तरह वेबसाइट पर अपलोड नहीं की जाती है.
पॉडकास्ट जो है ऑडियो फाइल की एक series होती है जिससे सब्सक्रिप्शन के द्वारा सुना जाता है. जैसे ही नई फाइल अपलोड की जाती है सब्सक्राइबर तक फीड की मदद से ऑटोमेटिकली पहुंच जाती है.
श्रोता जो है वो बहुत सरे वेबसाइट से पॉडकास्ट को सब्सक्राइब कर सकते है और जैसे ही सीरीज का कोई भी नया फाइल अपलोड होता है तो सब्सक्राइबर के पास फीड सब्सक्रिप्शन लिंक पहुंच जाता है जिस पर क्लिक कर वो आसानी से पॉडकास्ट के उस सीरीज को सुन पाते है.
उम्मीद है अब आप जान चुके होंगे की एक ऑडियो फाइल और पॉडकास्ट में क्या अंतर होता है.
Podcast शुरू करने के लिए आपको क्या उपकरण चाहिए?(Equipment Needed to Start Your Podcast in Hindi)
तो अब आप जान चुके है की पॉडकास्ट क्या है और कितने प्रकार के होते है और अब आपके मैं में सवाल आ रहा होगा की पॉडकास्ट शुरू कैसे किया जाये क्या क्या उपकरण चाहिए पॉडकास्ट करने के लिए तो चलिए
जानते है की पॉडकास्ट शुरू करने के लिए आपके पास क्या क्या होना जरुरी है.
Computer/Mobile
अगर आपके पास कंप्यूटर या लैपटॉप है तो फिर आप इससे आसानी से माइक्रोफोन के जरिये पॉडकास्ट शुरू कर सकते है. साथ ही इसमें आपको एडिटिंग करना भी आसान हो जायेगा.
अगर आपके पास कंप्यूटर नहीं है तो भी परेशां होने की बात नहीं है आप अपने मोबाइल फ़ोन से पॉडकास्ट रिकॉर्ड कर सकते है.
शुरुआत में आपको जायदा पैसा लगाने की जरुरत नहीं है. आपको अच्छे टॉपिक और जानकारी देने पर फोकस करना है.
पॉडकास्टिंग के लिए सर्वश्रेष्ठ माइक्रोफोन
अगर आप सिर्फ खुद से पॉडकास्ट करना चाहते है तो आपके लिए सबसे बढ़िया विकल्प है उसब माइक्रोफोन जिससे आप अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में डायरेक्टली प्लग कर उसे कर सकते है. कुछ माइक्रोफोन जो पॉडकास्ट के लिए बढ़िया है वो इस प्रकार से है.
अगर आपके पास कंप्यूटर या लैपटॉप नहीं है या फिर आपका बजट अच्छे माइक्रोफोन के लिए नहीं है तो कोई बात नहीं है आप ले सकते है जिससे आप कंप्यूटर और मोबाइल दोनों में ही रिकॉर्डिंग के लिए उपयोग कर सकते है और इसकी साउंड क्वालिटी भी काफी अच्छी है.
ऑडेसिटी एक फ्री और बहुत ही बढ़िया ऑडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर है. इसका उपयोग करना भी बहुत आसान है और साथ ही इंटरनेट पे इससे ज़ुरा बहुत सारे टुटोरिअल वीडियो उपलब्ध है जिसने आप जान सकते है की इस सॉफ्टवेयर में ऑडियो एडिटिंग कैसे करनी है.
Additional Podcast Equipment
Pop filter
जब आप माइक्रोफोन के बिलकुल नजदीक से बोलकर रिकॉर्डिंग करते है तो ऐसे में पॉप फ़िल्टर आपके दवारा होने वाले शोरे को दूर रखता है और आवाज को साफ साफ रिकॉर्ड होने में हेल्प करता है.
Mic Boom Arm
माइक्रोफोन स्टैंड अलग अलग तरीके के आते है और अगर आप इससे लेते है तो इससे आपका माइक्रोफोन सुरक्षित रहेगा साथ ही रिकॉर्डिंग के दौरान माइक्रोफोन को स्टेबल रखने में मदद मिलेगी जिससे आवाज बिलकुल सही साउंड के साथ रिकॉर्ड हो पायेगा.
आप अपने अनुसार माइक्रोफोन स्टैंड चुन सकते है जैसे की tripod, tabletop, boom arm, या shockmount वो आपके बजट और आप किस तरीके का सेटअप रखना चाहते है उसपर निर्भर करेगा.
Headphone
यदि आप किसी गेस्ट का साक्षात्कार कर रहे हैं तो हेडफ़ोन की एक अच्छी जोड़ी महत्वपूर्ण है।
आप नहीं चाहते कि आपके अतिथि का भाषण आपके वक्ताओं के माध्यम से आए और आपके माइक्रोफ़ोन द्वारा उठाया जाए, जिससे गूंज उत्पन्न होने लगे
यहाँ पर कुछ हेडफोन जो की सस्ते और अच्छे है इस प्रकार से है आप अपने बजट के अनुसार ले सकते है.
Podcast कैसे शुरू करें (How to Start a Podcast in Hindi)
पॉडकास्ट शुरू करने के लिए आपको सबसे पहले इन काम को करना जरुरी है.
सबसे पहले आपको अपने Niche निश्चित करना है की आप किस बारे में पॉडकास्ट करने वाले है साथी ही आप किस तरह के टॉपिक को कवर करेंगे और आपके एपिसोड कितने मिनट का होगा.
अपने पॉडकास्ट के लिए टाइटल और डिस्क्रिप्शन लिखे जिससे आपको एक ब्रांड के रूप में स्थापति करना चाहेंगे.
इसके बाद अब आपको एक माइक्रोफोन लेकर ऑडियो रिकॉर्ड और एडिट करना है
अब आपको अपने पॉडकास्ट को होस्ट करने के लिए जगह देखना है की कहा कहा पे आप पॉडकास्ट को होस्ट कर सकते है. जैसे की Anchor, Spotify, Soundcloud etc.
अब इन जगह पे आपको अपने फाइल को अपलोड कर पब्लिश करना है.
Podcast कैसे क्रिएट करे (How to Create a Podcast in Hindi)
अब आपके पास सारे इक्विपमेंट मौजूद है और आप अपने पहला पॉडकास्ट एपिसोड रिकॉर्ड करना चाहते है पर शुरुआत कैसे करे कहा से करे ऐसे सवाल आपके मैं में आ रहे होंगे.
आप इस पहले एपिसोड में क्या बात करते हैं? आप अपने बारे में बात कीजिए! अपना और दुनिया का पॉडकास्ट पेश करें।
यह आपका पहला एपिसोड है तो ऐसे में यह बताने की जरुरत है कि आपका पॉडकास्ट क्या है किस बारे में है और इससे आपके ऑडियंस को क्या मिलने वाला है.
थोड़ा नर्वस होना से कोई परेशानी की बात नहीं है खासकर अगर आपने कभी सीधे बैठकर 5-10 मिनट पहले कभी माइक पर बात नहीं की है धीरे धीरे आगे के एपिसोड में आपके आवाज़ में कॉन्फिडेंस आता चला जायेगा
ये हर किसी के साथ होता है और प्रैक्टिस से ही हर कोई बेहतर कर पाता है.
तो अब इस लेख को पढ़ कर आप जान गए होंगे की पॉडकास्ट क्या होता है और पॉडकास्ट कैसे बनाते है.
अगर आप के मन में ये सवाल है की मैं किस प्लेटफार्म पर पॉडकास्ट अपलोड करता हूँ. तो मैं आपकी जानकारी के लिए बता दू की मैं एंकर पे पोकस्ट अपलोड करता हु और वह से वो सभी प्लेटफार्म पर अपने आप डिस्ट्रीब्यूट हो जाता है.
अगर आपको ये दी गयी जानकारी Podcast kya hai अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और किसी तरह का कोई सवाल या सुझाव हो तो आप कमेंट लिख कर हमें ज़रूर बताये. हमे आपको सवालों का जवाब देने में ख़ुशी होगी.
ऑनलाइन बिज़नेस के दौर में एफिलिएट मार्केटिंग ऑनलाइन पैसे बनाने का सबसे बढ़िया तरीकों में से एक है. दुनिया में ऐसे बहुत सारे ब्लोग्गेर्स है जो एक दिन में एफिलिएट मार्केटिंग से 1000 डॉलर कमा रहे है.
अगर आप भी एफिलिएट मार्केटिंग से पैसे कामना चाहते है और जानना चाहते है की एफिलिएट मार्केटिंग से कैसे बनाये जाते है तो ये लेख आपके लिए है. इस लेख में हम आपको बताने जा रहे है एफिलिएट लिंक्स को प्रमोट करने के 8 बेस्ट तरीके जीने से आप ज्यादा से ज्यादा कमाई कर सकते है.
क्या आप सीखना चाहते है की Affiliate Links Promote Kaise Kare कैसे पैसे कमाते है.
अक्सर नए ब्लॉगर और कंटेंट क्रिएटर को लगता है की एफिलिएट लिंक को शेयर कर हम पैसे कमा लेंगे पर हक़ीक़त में ऐसा नहीं है.
एफिलिएट मार्केटिंग से पैसे कमाने के लिए आपके पास सही स्ट्रेटेजी और तकनीक की जानकारी होना बहुत जरूरी है इसके बिना समय और म्हणत दोनों ही बेकार हो जायेगा.
इसलिए हम आपके साथ एफिलिएट प्रोडक्ट्स को प्रमोट कैसे करते है इसके 8 अलग अलग तरीके बता रहे है जो आपको ऑनलाइन इनकम करने में पूरी तरह से हेल्प करेगी.
एफिलिएट प्रोडक्ट्स को प्रमोट करने का सबसे बढ़िया तरीका ब्लॉग का है पर ब्लॉग के जरिये प्रमोट करने के भी अलग अलग तरीके है और यह पर हम सभी तरीको के बारे में जानेंगे.
ब्लॉग के जरिये एफिलिएट प्रोडक्ट्स को प्रमोट करने का मुख्या रूप से ३ तरीके है जिसमे से पहला है ब्लॉग आर्टिकल, दूसरा ब्लॉग रिसोर्स पेज और तीसरा ब्लॉग बैनर और बटन.
Blog Articles
ब्लॉग आर्टिकल्स को अलग अलग तरीके से लिख कर आप एफिलिएट प्रोडक्ट को प्रमोट कर सकते है.
Review Post
आप जिस प्रोडक्ट्स को प्रमोट करना चाहते है उसके बारे में रिव्यू ब्लॉग पोस्ट लिख सकते है जिसमे आप को उस प्रोडक्ट्स की डिटेल रिव्यू करनी होगी.
इस तरह के ब्लॉग पोस्ट में आपको प्रोडक्ट्स से जुड़ी सभी जानकारी आपको लिखना होता है ताकि यूजर को प्रोडक्ट्स के फीचर्स, उसेस , बेनिफिट्स से लेकर प्राइस तक सभी जानकारी मिल जाये और यूज़र को अच्छा लगे तो वो ब्लॉग पोस्ट में आपके दिए गए एफिलिएट लिंक पे क्लिक प्रोडक्ट्स को ख़रीदे.
List Post
लिस्ट पोस्ट का फॉमट बाकी ब्लॉग पोस्ट से अलग होता है यहाँ पे आप किसी पर्टिकुलर केटेगरी के ऊपर ब्लॉग पोस्ट लिखते है और उसमे प्रोडक्ट्स की लिस्ट दिखते है साथ उसकी जानकारी भी.
उदाहरण के लिए
जैसे की अगर आप लिखते है टॉप 5 माइक्रोफोन पॉडकास्ट के लिए तो यहाँ पे आप अपने ब्लॉग पोस्ट में 5 अलग अलग मिक्रोहोने के बारे में लिखेंगे और उसकी पूरी जानकारी देंगे साथ ही सभी प्रोडक्ट्स का एफिलिएट लिंक भी ऐड करे जिससे की कोई यूज़र उस पे क्लिक कर उससे ख़रीद सके.
How to Guide Post
इस तरह के ब्लॉग पोस्ट में आप अपने यूज़र के प्रॉब्लम को सोल्वे करने का तरीका बताते है यानि की किसी काम को कैसे किया जाता है वो बताते है और साथ उस काम को करने में जो जरुरत का टूल्स या प्रोडक्ट्स है
उससे आप रेकमेंड करते है अपना एफिलिएट लिंक ऐड कर के जिससे यूज़र वह से ख़रीद सके.
Comparison Posts
इस तरह के ब्लॉग पोस्ट में आप दो या उससे अधिक प्रोडक्ट्स की तुलना करते है साथ ही दोनों के अच्छे और बुरे फीचर्स के बारे में बताते है. ऐसे में आपके लिंक से कोई भी प्रोडक्ट की खरीदारी पर आपको कमीशन मिलता है.
Blog Resources Page
एक संसाधन पृष्ठ(resource page) एक संदर्भ पृष्ठ(reference page) है जिसे आपके पाठक(reader) यह जानने के लिए उपयोग कर सकते हैं कि आप अपने blog niche में कौन से उपकरण(tools) का उपयोग करते हैं
इससे ये भी पता चलता है की कौन से सॉफ्टवेयर और टूल को अब सबसे जायदा रेकमेंड करते है. आप अपने ब्लॉग पर अक्सर किस तरह के प्रोडक्ट्स अपने रीडर्स को रेकमेंड करते है उसका आसानी से यहाँ एक्सेस मिल जाता है और आपके पाठक उससे जान पते है और खरीद पाते है.
Banners and buttons on Blog
आपने अक्सर ब्लॉग पर विजिट करते समय देखा होगा की ब्लॉग के साइड में बैनर या लिंक्स दिए होते है दरसल में ये बैनर एफिलिएट प्रोडक्ट्स के होते है. ब्लॉगर एफिलिएट प्रोडक्ट्स के बैनर या लिंक्स को साइडबार में शो करते है जिससे की रीडर का ध्यान जल्दी से उस पे जाये. ये भी एक एफिलिएट लिंक को प्रमोट करने आसान और बढ़िया तरीका है.
Email list
अगर आप एक ब्लॉगर है तो आप इस बात को शायद जानते होंगे की ईमेल लिस्ट कम्युनिटी बनाने का एक बहुत ही उम्दा तरीका है. क्योंकि ये सब्सक्राइबर आपका एक सर्किल है.
ये लोग अपने इन बॉक्स में आपके मेल को पाना चाहते है क्यूंकि ये लोग आप पे विश्वास करते है. आप रिव्यू ब्लॉग पोस्ट, ऑफर एंड डील्स रिलेटेड कंटेंट जब भी लिखे अपने सब्सक्राइबर को मेल करे ताकि
वो टूल्स के बारे में जान सके और आपके एफिलिएट लिंक्स से प्रोडक्ट को खरीद सके.
Videos
अगर आप कैमरा के सामने बोलने से नहीं शरमाते है और आप बोल सकते है तो वीडियो कंटेंट भी एक बढ़िया तरीका है एफिलिएट लिंक्स को प्रमोट करने का.
अगर आप कैमरा के सामने बोलने से नहीं शरमाते है और आप बोल सकते है तो वीडियो कंटेंट भी एक बढ़िया तरीका है एफिलिएट लिंक्स को प्रमोट करने का. आप टुटोरिअल वीडियो बना सकते है और उसमे उस प्रोडक्ट का उसे दिखा सकते है. या फिर आप प्रोडक्ट्स को दिखा सकते है की वो कैसे काम करते है या फिर कैसे उससे उसे करना चाहिए और ऐसे में आप वीडियो के डिस्क्रिप्शन में अपने एफिलिएट लिंक दे.
वीडियो का उपयोग करने से आपको अधिक एक्सपोज़र मिल सकता है और अपने ग्राहकों को उनकी ज़रूरत की जानकारी प्रदान कर सकते हैं
Podcast
क्या आप जानते है की ज़्यादातर अच्छे ब्लोग्गेर्स अपने पॉडकास्ट से एफिलिएट मार्केटिंग के जरिये अधिकांश ऑनलाइन इनकम करते है.
यदि आप अपने स्वयं के पॉडकास्ट की मेजबानी करते हैं तो उन उत्पादों और उपकरणों का सुझाव दें, जिनका आप पहले से ही उपयोग करते हैं।
प्रोडक्ट जो आप उपयोग करते है उनके बारे में भी डिटेल में बता कर उससे प्रमोट करते सकते है.
Social Media
अपने प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए, आपको सोशल मीडिया के जानकारी होने की आवश्यकता है
प्रोडक्ट्स के बारे में पोस्ट या ब्लॉग लिखना और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करना आपकी सेवाओं को बढ़ावा देने के सभी प्रभावी तरीके हैं
आप इसके लिए account, पेज या समूह(social media group) भी बना सकते हैं
Within your own products
अगर आप के पास खुद का प्रोडक्ट्स है जैसे की ebooks या फिर वीडियो कोर्स तो ऐसे में आप अपने प्रोडक्ट्स के अंदर जहा भी जरुरत हो वह पर उसेफुल प्रोडक्ट्स को नाम उपयोग करे और साथ में एफिलिएट लिंक्स जरूर ऐड करे ताकि आपके यूज़र उससे ख़रीद सके.
Pay-Per-Click (PPC) advertising
पीपीसी का अर्थ है पे-पर-क्लिक
यह एक इंटरनेट मार्केटिंग का मॉडल जिसमें विज्ञापनकर्ता अपने विज्ञापनों में से किसी एक पर क्लिक करने पर हर बार शुल्क का भुगतान करता है.
हम विज्ञापनों के बारे में बात किए बिना एफिलिएट मार्केटिंग के बारे में बात नहीं कर सकते क्योंकि आज के समय में जायदातर डिजिटल मार्केटर और इंटरनेट मार्केटर इसकी मदद से अपने एफिलिएट प्रॉडक्ट्स को प्रमोट कर रहे है खासकर फेसबुक एड्स की मदद से.
अगर आपको PPC चलाने आती है तो ऐसे में आप अपने ब्लॉग पोस्ट पर डायरेक्टली विसिटोर्स ला सकते है कर ज्यादा से ज्यादा सेल्स निकल सकते है.
अब आप जान गए है की एफिलिएट लिंक्स या ाफ़िलिटे प्रोडक्ट्स को कैसे प्रमोट किया जाता है. एफिलिएट प्रोडक्ट्स को प्रमोट करने का अलग अलग तरीका क्या है ये आपको मालूम हो गया है.
आप बताये गए तरीके को फॉलो करे और इस लेख से ज़रा कोई भी सवाल या सुझाव हो तो कमेंट में हमें ज़रूर बताये.
Subdomain क्या है (What is A Subdomain in Hindi)?
सब्डोमैन किसी भी वेबसाइट के प्राइमरी डोमेन से ज़ुरा एक एडिशनल डोमेन होता है. मेन वेबसाइट से ज़ुरा अलग अलग सेक्शन बनाने के लिए सब्डोमैन को बनाया जाता है.
सब्डोमैन हमेशा एक रुट डोमेन की मदद से ही बनाया जाता है.
दूसरे शब्दों में
एक उपडोमेन(subdomain) आपकी वेबसाइट का एक उपखंड(subsection) है जो एक नए डोमेन नाम के बिना एक नई वेबसाइट के रूप में मौजूद हो सकता है।
Subdomains A रिकॉर्ड के रूप में क्रिएट किया जाता है जो IP एड्रेस को पॉइंट्स करता है.
या फिर CNAME के रूप में जो दूसरे डोमेन नाम को पॉइंट्स करता है.
एक CNAME कभी भी IP एड्रेस को पॉइंट्स नहीं करता है.
Subdomain Example
उदाहरण के लिए
tools.phpcluster.com
Demos.phpcluster.com
Ye dono phpcluster.com domain ke subdomain hai.
Tools.phpcluster.com ये एक सब्डोमैन है जो मेरे मैं डोमेन फप्क्लोस्टेर से ज़ुरा है. इससे मैं फ्री वेब टूल्स लिस्ट करने के लिए बनाया है.
demos.phpcluster.com ये भी एक सब्डोमैन है जो मेरे मैं डोमेन फप्क्लोस्टेर से ज़ुरा है. इससे मैं स्क्रिप्ट की डेमोस देने के लिए बनाया है.
ये आपको अपने प्राइमरी वेबसाइट से ज़ुरा नया सेक्शन बनाने की सुविधा देता है.
अगर किसी कंपनी के पास पहले से वेबसाइट मौजूद है या फिर बिज़नेस वेबसाइट मजूद है तो इसकी मदद से ब्लॉग सेटअप कर सकते है.
सब्डोमैन बनाकर आप अपनी प्राथमिक वेबसाइट के पूरक के लिए ई-कॉमर्स स्टोर चला सकते है.
सर्च इंजन व्यक्तिगत वेबसाइटों के रूप में सब्डोमैन को पहचानते हैं। इसका मतलब है कि आपको अपने ट्रैफ़िक को बढ़ाने के लिए अधिक मौके मिल सकते है.
और भी कई सारे कारण है जिसकी वजह से आपको सब्डोमैन का उपयोग करना चाहिए.
Subdirectory Ke Bajaye Subdomain Ka Upyog Kab Karna Chahiye?
अगर आप अपने प्राइमरी वेबसाइट के लिए एक ecommerce स्टोर सेटअप करना चाहते है या फिर ब्लॉग सेटअप करना चाहते है ?
दोनों को आप subdirectory के साथ भी कर सकते है पर SEO के लिए सब्डोमैन ज्यादा बेहतर है.
अगर आप दूसरी किसी फंक्शनलिटी को अपने प्राइमरी वेबसाइट में ऐड करते है तो इससे एप्लीकेशन कॉम्प्लेक्स हो जाता है जिससे लोडिंग टाइम बढ़ जाती है जो किसी वेबसाइट के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं है.
Subdomain कैसे बनाते है (How to Set Up and Use Subdomains in Hindi)
चरण 1: अपने cPanel पे जाये
अपने सपनेल में जाने के लिए ब्राउज़र ओपन करे. अपने सपनेल या होस्टिंग का वेबसाइट ओपन करे और यूजरनाम पासवर्ड लिख कर लॉगिन करे. लॉगिन होते ही आप सपनेल डैशबोर्ड पे पहुंच जायेंगे.
चरण 2: अब cPanel में डोमेन सेक्शन पे जाये
अब आप पेज को निचे के तरफ स्क्रॉल करे और डोमेन सेक्शन पे जाये. डोमेन सेक्शन के अंदर सब्डोमैन्स का ऑप्शन मिलेगा. सब्डोमैन ऑप्शन पर क्लिक करे.
चरण 2: अब cPanel में एक उपडोमेन बनाएँ
अब एक नई पेज खुले गा यहाँ पर आप आपको सब्डोमैन से जुड़ी जानकारी लिखना है और सब्डोमैन क्रिएट कर लेना है.
सबसे पहले अपने सब्डोमैन नाम लिखे.
अब अपना मैं डोमेन चुने जिसके लिए सब्डोमैन बनाना है.
सब्डोमैन के लिए फोल्डर सेलेक्ट करे जहा पे आप इसके लिए वेबसाइट का फाइल स्टोर कर रखेंगे.
Subdomain Kaise Kaam Karta Hai (How does a subdomain work in Hindi)?
सब्डोमैन आपके वेबसाइट के मैं डोमेन का एक्सटेशन के रूप में काम करता है. आप अपने वेबसाइट के डोमेन नाम के लिए बहुत सारे सब्डोमैन बना सकते है.
ध्यान देने योग्य है कि आप एक डोमेन के लिए जितने चाहें उतने उप-डोमेन सेट कर सकते हैं, लेकिन आपको उनका उपयोग केवल तब करना चाहिए जब ऐसा करने का कोई मतलब हो!
जब आप सब्डोमैन बनाते है तो आपको उसके लिए एक path सेलेक्ट करना होता है. सब्डोमैन बन जाने के बाद जैसे ही वेबसाइट की फाइल को सब्डोमन फोल्डर में अपलोड की जाती है वेबसाइट सब्डोमैन पे लाइव हो जाती है.
Subdomain Kya Hai निष्कर्ष(Subdomain Conclusion)
सब्डोमैन अपनी कार्य क्षमता के अनुसार आपकी वेबसाइट के क्षेत्रों को अलग करने का एक बढ़िया तरीका है।
उदाहरण के लिए,
आप अपनी साइट के बाकी हिस्सों के समानांतर चलने वाले ई-कॉमर्स को सेट करने के लिए store.yourwebsite.com पते का उपयोग कर सकते हैं।
इसी तरह आप अपनी साइट के बाकी हिस्सों के समानांतर चलने वाले courses को सेट करने के लिए courses.yourwebsite.com पते का उपयोग कर सकते हैं।
उप-डोमेन साफ दिखते हैं और उन्हें स्थापित करना आसान है
इस पोस्ट में, हमने आपको दिखाया है कि subdomain kya hai, अपने cPanel के माध्यम से एक उपडोमेन कैसे सेट अप करें और उसका उपयोग कर सकते है
किसी भी वर्डप्रेस वेबसाइट या ब्लॉग को सेट अप करने का अंतिम प्रोसेस अपने मन चाहे थीम को इंस्टॉल और एक्टिवेट करना होता है
वर्डप्रेस थीम को इंस्टॉल करना बहुत ही सरल है अगर आप सही तरीके से प्रोसेस को फॉलो करते हैं
इस लेख में हम आपको बताएंगे की वर्डप्रेस में थीम को कैसे इनस्टॉल करते हैं चाहे वह थीम वर्डप्रेस डायरेक्टरी से हो या फिर किसी थर्ड पार्टी डेवलपर के थ्रू डिवेलप किया गया हो
इसके अलावा इस लेख में हम आपको बताएंगे कि WordPress Me Theme Kaise Install Kare पहले से इंस्टॉल थीम को कैसे बदलते हैं नया थीम कैसे इनस्टॉल करते हैं थीम को कैसे अपडेट करते हैं
किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग में थीम का महत्वपूर्ण भूमिका होता है
भीम के उपयोग से कुछ ही क्लिक्स में वेबसाइट का रूप यानी कि ढांचा तैयार हो जाता है जिसमें कोडिंग की कोई आवश्यकता नहीं होती है
यहां पर आप वर्डप्रेस में थीम इंस्टॉल करने के सभी तरीकों को विस्तार में जानेंगे
नोट: वर्डप्रेस थीम को इंस्टॉल करना बहुत ही आसान होता है परंतु जब भी कोई नया थीम को इंस्टॉल और एक्टिवेट करते हैं तो हमारे वेबसाइट का डिजाइन बदल जाता है। अगर आप नए थीम को इंस्टॉल और एक्टिवेट करना चाहते हैं तो उससे पहले वर्डप्रेस ब्लॉग का डेटाबेस का बैकअप जरूर ले।
वर्डप्रेस में थीम इनस्टॉल करने के 3 तरीके | WordPress Me Theme Kaise Install Kare
तो चलिए एक-एक करके वर्डप्रेस थीम को इंस्टॉल करने के सभी तरीकों के बारे में जानते हैं
वर्डप्रेस एडमिन में थीम को सर्च करके इंस्टॉल करने का तरीका
अगर आप वर्डप्रेस फ्री थीम को WordPress.org थीम डायरेक्टरी से इंस्टॉल करना चाहते हैं तो वर्डप्रेस एडमिन में थीम सर्च फंक्शनैलिटी का उपयोग कर आसानी से कर सकते हैं
सबसे पहले आपको वर्डप्रेस एडमिन लॉगइन करना है
अब आप Appearance >> Themes पर क्लिक करें।
अब एक नया थीम का पेज ओपन होगा। यहां पर Add New बटन पर क्लिक करें।
अब एक नया पेज ओपन होगा यहां पर आप थीम सर्च कर सकते हैं अलग अलग फीचर्स के अनुसार थीम को फिल्टर कर सकते हैं
आपके सर्च के अनुसार एक या एक से ज्यादा थीम आ जाएगी. अब जिस थीम को भी इंस्टॉल करना चाहते हैं उसके सामने इमेज के ऊपर माउस ले जाएं। कर सको ले जाते ही इंस्टॉल बटन और प्रीव्यू बटन दिखने लगेगा।
अब आपको इंस्टॉल बटन पर क्लिक करना हैं
इंस्टॉल बटन पर क्लिक करने के बाद थोड़े ही समय में थीम इंस्टॉल हो जाएगी और आपको एक एक्टिवेट का बटन दिखेगा।
अब आप एक्टिवेट बटन पर क्लिक करें क्लिक करते हैं थीम पूरी तरह से स्टॉल और एक्टिवेट हो जाएगा।
वर्डप्रेस एडमिन में थीम को अपलोड करके इंस्टॉल करने का तरीका
अभी जो मैंने थीम इंस्टॉल करने का तरीका बताया है उससे सिर्फ आप WordPress.org से फ्री थीम इंस्टॉल कर सकते हैं।
पर उस तरीके के जरिए आप प्रीमियम थीम इंस्टॉल नहीं कर सकते हैं जैसे कि न्यूज़पेपर, स्टूडियोप्रेस , जनरेट प्रेस थीम इत्यादि
तो अगर आप कस्टम से या प्रीमियम थीम का उपयोग करना चाहते हैं उसे इंस्टॉल करना चाहते हैं तो उसके लिए जो अभी तरीका में बता रहा हूं आपको इसे फॉलो करना होगा
इसे भी आप वर्डप्रेस एडमिन की मदद से इंस्टॉल और एक्टिवेट कर सकते हैं
तो चलिए स्टेप बाय स्टेप जानते हैं प्रीमियम थीम को इंस्टॉल और एक्टिवेट कैसे किया जाता है
सबसे पहले जहां से भी आपने थीम खरीदा है वहां से आपको अपने प्रीमियम थीम का जिप फाइल डाउनलोड करना है
अब अपने वर्डप्रेस एडमिन पैनल में लॉगिन करें।
लॉग इन करने के बाद अपीयरेंस विकल्प में थीम्स विकल्प क्लिक करें
अब एक नया पेज ओपन होगा यहां पर सबसे ऊपर एड न्यू का बटन दिया होता है उस पर क्लिक करें
अब फिर से एक नया पेज ओपन होगा यहां पर अपलोड थीम बटन दिखेगा इस पर क्लिक करें
अब एक न्यू पेज ओपन होगा यहां पर आपको उस जिप फाइल को यूज करना है जिससे अपने डाउनलोड किया था
तो फाइल को चुनने के बाद इंस्टॉल नाउ बटन पर क्लिक करें
अब जैसे ही आपका थीम इंस्टॉल हो जाएगा तो आपको एक्टिवेट और फ्प्रीव्यू का एक बटन दिखेगा
एक्टिवेट बटन पर क्लिक करें। आपका प्रीमियम थीम सक्सेसफुल इंस्टॉल और एक्टिवेट हो जाएगा ।
नोट: थीम अपलोड और इंस्टॉल करने का फीचर्स सिर्फ self-hosted WordPress.org यूज़र को मिलता है। अगर आप wordpress.com पर अपना ब्लॉग बना रखे हैं तो वहां पर आपको यह विकल्प नहीं मिलेगा।
एफटीपी का उपयोग कर वर्डप्रेस थीम इंस्टॉल करना
अगर आपके पास अपने लोकल कंप्यूटर पर वर्डप्रेस थीम है तो इससे आप फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल(FTP) की मदद से इनस्टॉल कर सकते है. पर FTP की मदद से थीम इनस्टॉल करने में फाइल डिलीट होने का भी डर रहता है जिससे आपकी ब्लॉग ऑफलाइन भी हो सकती है.
इसलिए ये जो तरीका है थीम इनस्टॉल करने का वो नए लोगो के लिए नहीं जिन्होंने हाल में वर्डप्रेस को सीखा है.
इसलिए इस तरीके से थीम वही लोगो इनस्टॉल करने का कोशिश करे जिन्हे FTP की जानकारी हो और साथ ही वर्डप्रेस में भी अनुभव हो.
नए थीम को FTP के द्वारा इनस्टॉल करने के लिए निचे बताये गए स्टेप्स को फॉलो करे.
शुरू करने के लिए, आपके पास एक एफ़टीपी होस्टनाम, उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड और एक एफ़टीपी ग्राहक (FTP Client) होना चाहिए |
हमने इस ट्यूटोरियल में स्टेप्स दिखाने के लिए FTP क्लाइंट फाइलजिला का उपयोग किया है।
सबसे पहले Filezilla लॉन्च करें, अपना लॉगिन विवरण दर्ज करें और Quickconnect बटन पर क्लिक करें।
निम्न विंडो में दूरस्थ साइट और एक रूट निर्देशिका (रूट निर्देशिका आपकी साइट का नाम) है। / Rootdirectory / web / content / wp-content / themes का चयन करें।
स्थानीय साइट विंडो में, अपने सहेजे गए थीम वाले फ़ोल्डर का चयन करें, अधिक विकल्पों के लिए राइट क्लिक करें और अपलोड करें को हिट करें।
अब आपने सफलतापूर्वक अपना थीम वर्डप्रेस पर अपलोड कर दिया है। अंतिम रूप देने के लिए, अपने नियंत्रण कक्ष में प्रवेश करें, Appearance > Themes पर जाएं और नए थीम पर अपने माउस को घुमाएं। अब Activate पर क्लिक करें।
अब आपका थीम पूरी तरह से इनस्टॉल और एक्टिवटे हो चूका है. आप अपने नए थीम की जांच करें और देखें कि आपको अपनी नई साइट का डिज़ाइन कैसा लगा।
नोट: जब भी थीम अपडेट करने की सोचे तो सबसे पहले अपने वर्डप्रेस ब्लॉग के डेटाबेस का बैकअप जरूर ले ले . थीम अपडेट करते समय अगर आपके कंप्यूटर या लैपटॉप का नेट चला जाता है या फिर लाइट चली जाती है तो ऐसे में आपकी ब्लॉग सही काम नहीं करेगा या फिर आपके ब्लॉग की कोई फाइल corrupt हो सकती है तो अपडेट करने से पहले बैकअप जरूर ले.
अब आप जान गए होंगे की वर्डप्रेस में थीम कैसे इनस्टॉल किया जाता है. एक अंतिम नोट है की थीम को हमेशा अपडेटेड रखे । कोर वर्डप्रेस थीम को अपडेट करने के लिए बहुत कम प्रयास करना पड़ता है।
सभी थीम अपडेट होने योग्य होते है, प्रत्येक अपडेट में नई सुविधाएँ और संवर्द्धन शामिल होते हैं, जैसे बेहतर सुरक्षा, वेबसाइट स्पीड और एसईओ इत्यादि
तो इस लेख के माध्यम से आपने सीखा की WordPress Me Theme Kaise Install Kare, वर्डप्रेस में थीम कैसे इनस्टॉल करते है उससे कैसे एक्टिवटे करते है. अगर आपका वर्डप्रेस थीम से ज़ुरा कोई सवाल या फिर सुझाव हो तो कमेंट में जरूर लिखे. जानकारी अच्छी लगी है तो इससे अपने दोस्तों के साथ शेयर करे.
Khatrimaza 2022: Khatrimaza एक पायरेटेड वेबसाइट है जो नवीनतम khatrimazafull बॉलीवुड फिल्में, Khatrimaza Movies Download, khatrimaza पूर्ण हिंदी साउथ मूवीज मुफ्त में डाउनलोड करने के लिए प्रदान करती है।
Khatrimazafull नवीनतम बॉलीवुड, हॉलीवुड, पंजाबी, भोजपुरी, तमिल, तेलुगू फिल्मों को ऑनलाइन लीक करता है।
Khatrimazafull org सिनेमाघरों में हिट होने से पहले ही सभी फिल्मों को मुफ्त में ऑनलाइन प्रदान करता है
एक तरीके से ये एक टोरेंट वेबसाइट है पायरेटेड मूवीज को उपलब्ध करता है.
Khatrimaza दुनिया में सबसे अधिक संख्या में पायरेटेड कंटेंट पब्लिश करने वाला एक टोरेंट वेबसाइट है। Khatrimaza पायरेटेड सामग्री प्रदान करता है और उपयोगकर्ताओं को हजारों खात्रीमाजफुल हॉलीवुड बॉलीवुड और फिल्मों, अंग्रेजी टीवी शो और क्षेत्रीय भाषा सामग्री प्रदान करता है।
Khatrimaza com बॉलीवुड फिल्मों को डाउनलोड करने और संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत में पायरेसी को बढ़ावा देने के लिए एक टॉप रेटेड पोर्टल है।
खातिरमाज़ा कॉम सरकार द्वारा अवैध और प्रतिबंधित है। खतिर्माजा ने कुछ साल पहले अपना संचालन शुरू किया और बॉलीवुड फिल्मों के डाउनलोड के लिए प्रमुख पायरेटेड वेबसाइट में से एक बन गया है
ये वेबसाइट अलग अलग क्वालिटी में मूवी डोलोअडिंग के लिए प्रदान करता ह जैसे की जैसे 360p, 720p, 1080p इत्यादि
Khatrimaza से Movies Download कैसे करें?
khatrimazafull org एक ऑनलाइन वेबसाइट और एक एंड्रॉइड ऐप का उपयोग करके पूरे भारत और दुनिया के अन्य हिस्सों में संचालित होता है।
khatrimaza com portal, khatrimaza in, khatrimaza पिंक, khatrimaza org ऐसे लिंक हैं जहां उपयोगकर्ता एंड्रॉइड ऐप या लैपटॉप के माध्यम से फिल्मों तक पहुंच सकते हैं। khatrimaza com या khatrimaza in, khatrimaza मूवी डाउनलोड, khatrimazafull कॉम वेबसाइट लिंक उपलब्ध हैं।
सबसे पहले खात्रीमाज़ा वेबसाइट पे जाये
अब जिस टाइप की मूवी डाउनलोड करना चाहते है उस केटेगरी को चुने
अब फिल्म की लिस्ट दिख जाएगी
जिस फिल्म को डाउनलोड करना उसके नाम पर क्लिक करे.,
अब आपको अलग अलग फॉर्मेट में डाउनलोड का बटन दिखेगा.बटन पर क्लिक करे.
अब मूवी डाउनलोड हो जाएगी.
Khatrimaza Live Link 2022:
चुकी यह एक पायरेटेड वेबसाइट है तो ऐसे में इसका यूआरएल बदलता रहता है क्यूंकि जैसे ही गोवेर्मेंट को इसके लिंक के बारे में पता चलती है तो वो ब्लॉक कर दिया जाता है.
पर फिर खात्रीमाज़ा टीम नए नए यूआरएल से वेबसाइट को रन करते रहती है.
Khatri maza full org Khatri maza.icu
Khatri maza.cc Khatri maza.full.net
Khatri maza.com Khatri maza.in
Khatri maza.ph Khatri maza.org
Khatri maza.co Khatri maza.by
Khatri maza.movie Khatri maza.ch
Khatri maza.lol Khatri maza.9x
Khatrimaza पर उपलब्ध Movies की Category
खात्रीमाज़ा कॉम वेबसाइट पे अलग अलग केटेगरी की मूवी डाउनलोड करने को मिल जाती है. इस वेबसाइट पर मूवी की उपलब्ध केटेगरी कुछ इस प्रकार से है.
4k
Anime
Bollywood
Bollywood 1080
Bollywood 720p
Dual Audio
Dual Audio 1080p
Dual Audio 720p
Hindi Dubbed
Hindi Dubbed 720p
Hollywood
Hollywood 1080p
Hollywood 720p
Old BollywoodOld
Hollywood
Other
Punjabi
SouthTv
SeriesWWE
Khatrimaza पर किस Format में Movie Download कर सकते हैं?
360p
480p
720p
1080p
HD movies
4K
Khatrimaza Website को Use करना Illegal?
Khatrimaza एक वेबसाइट है जो पायरेटेड फिल्में, टीवी धारावाहिक, वेब-सीरीज, वेब श्रृंखला, फिल्में प्रकाशित कर रही है। चूंकि यह पायरेटेड सामग्री है, इसलिए कानून किसी व्यक्ति को ऐसी वेबसाइटों पर जाने से रोकता है।
ऐसी वेबसाइटों को अपने देशों में लोड होने से बचाने के लिए प्रत्येक देश का अपना नियंत्रण तंत्र है।
पाइरेटेड साइटों पर कॉपीराइट का काम देखने वाले लोगों के लिए प्रत्येक देश के अपने कानून और दंड हैं। इसलिए, कृपया अपने देश के साइबर कानून पढ़ें और सुरक्षित रहने का प्रयास करें।
Khatrimaza के अन्य Alternative
खात्रीमाज़ा जैसे अन्य पायरेटेड वेबसाइट भी है जो फिल्मो के पायरेटेड वर्शन लाते है. गवर्नमेंट इन सब पर भी बन लगाया है पर फिर नाम बदल बदल कर आज भी ये पायरेटेड मूवी लाते रहते है.
Q. क्या कोई भी इस वेबसाइट पर मूवी अपलोड कर सकता है ?
नहीं, कोई भी यादृच्छिक व्यक्ति ऐसी वेबसाइटों पर फिल्में अपलोड नहीं कर सकता है। वेबसाइट पर केवल वेबसाइट एडमिन ही फ़िल्में अपलोड करता है और वेबसाइट पर आने वाले आगंतुकों से भी कमा सकता है।
Q. क्या वेबसाइट खत्रिमाजा अवैध है?
हां, खातिरमाजा वेबसाइट होना कानूनी नहीं है। चूंकि वेबसाइट अपनी वेबसाइट पर मुफ्त डाउनलोड के लिए नई रिलीज़ की गई फिल्मों का पायरेटेड संस्करण रखती है, इसलिए इसे अवैध घोषित कर दिया गया है।
फिल्म निर्माता हमेशा इस तरह की वेबसाइटों की तलाश में रहते हैं क्योंकि इनकी वजह से उन्हें भारी नुक्सान उठाना परता है.
Q. मैं 18 साल से कम उम्र का हूं। क्या मैं खत्रीमजा से फिल्में डाउनलोड कर सकता हूं?
जो कोई भी यह जानना चाहता है कि इस वेबसाइट को कैसे डाउनलोड करना है या कैसे एक्सेस करना है, चाहे वे किस भी उम्र के हों, खत्रिमाजा से फिल्में डाउनलोड कर सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जो व्यक्ति नाबालिग है, उसे पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर इस कृत्य के लिए दंडित नहीं किया जाएगा।
Q. क्या यह खातिरमाज़ वेबसाइट उपयोग करने के लिए सुरक्षित है?
नहीं, यह Khatrimaza वेब साइट का उपयोग करने के लिए सुरक्षित नहीं है। इसलिए, चूंकि यह एक पायरेसी करने वाली वेबसाइट है, इसलिए हमेशा एक मौका होता है कि उपयोगकर्ता को अपने डिवाइस में किसी प्रकार के मैलवेयर ,टार्ज़न या वायरस मिल सकते हैं जो उनके डिवाइस को बहुत हद तक नुकसान पहुंचा सकते हैं
Q. पायरेसी रोकने के लिए भारत सरकार क्या कर रही है?
फिल्मों की पायरेसी को खत्म करने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। 2019 में अनुमोदित सिनेमैटोग्राफ अधिनियम के अनुसार, कोई भी व्यक्ति निर्माता की लिखित सहमति के बिना फिल्म रिकॉर्ड करता हुआ पाया जा सकता है, जिसे 3 साल तक की जेल हो सकती है।
इसके अलावा दोषियों पर of 10 लाख का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। अवैध टोरेंट वेबसाइटों पर पायरेटेड प्रतियों को प्रसारित करने वाले लोगों को जेल की सजा का सामना करना पड़ सकता है
Disclaimer
भारतीय कानून के अनुसार piracy एक अपराध है | Hindiblog4u.in ऐसी piracy का पूर्ण विरोध करता है
इस जानकारी का उद्देश्य आपको अवैध गतिविधियों से अवगत कराना है ताकि आप ऐसी साइटों से दूर रहें | इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार से Piracy तथा illegal गतिविधियों को प्रोत्साहित करना या इन्हे बढ़ावा देना कतई नहीं है | इन साइटों के माध्यम से फिल्में डाउनलोड न करें क्योंकि यह अवैध है
गूगल दुनिया का सबसे अच्छा सर्च इंजन है जिसे सबसे ज्यादा यूज किया जाता है
गूगल का ऑफिस है दुनिया में और सभी देशों में है जिसमें इंडिया भी शामिल है । पूरी दुनिया में गूगल के 100 ऑफिसेज स्थित है।
आज के समय में हर एक व्यक्ति किसी न किसी तरह से गूगल के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करता ही है चाहे वो जीमेल , यूट्यूब, गूगल पाय, ब्लॉगर इत्यादि .
आज इस लेख में हम आपको गूगल ऑफ़िस इंडिया में कहां कहां हैं Google Office Kaha Hai उसकी जानकारी देने वाले हैं साथ ही गूगल का हेड ऑफ़िस इंडिया में वर्ल्ड में कहां है इसकी जानकारी भी देंगे।
इंडिया में गूगल ऑफ़िस अलग अलग लोकेशन पर उपलब्ध है.
इंडिया में गूगल के जितने भी ब्रांच है उन सभी का एड्रेस, फ़ोन नंबर और मैप की लोकेशन हम आपको यहाँ बताने जा रहे है.
India Me Google Office Kaha Hai(Google Office in India)
गूगल का ऑफ़िस भारत के चार मुख्य शहरों में स्थित है जिनका नाम मुंबई गुड़गांव बेंगलुरु और हैदराबाद है।
भारत में गूगल ऑफिस कहां कहां हैं उसका पूरा एड्रेस और मैंप का डायरेक्शन की जानकारी
Google Office in Bangalore
Google Bangalore Office Address:
No. 3, RMZ Infinity – Tower E
Old Madras Road
4th, and 5th Floors
Bangalore, 560 016
India
Phone: +91-80-67218000
Google Office Gurgaon
Google Gurgaon Office Address:
Sector 15, Part II Village Silokhera
Gurgaon 122002
India
Phone: +91-12-44512900
Google Office Hyderabad
Google Hyderabad Office Address:
Block 1
DivyaSree Omega
Survey No. 13
Kondapur Village,
Hyderabad, Telangana 500084
India
Phone +91-40-6619-3000
Google Office in Mumbai
Google Mumbai Office Address:
3 North Avenue
Maker Maxity
Bandra Kurla Complex
Bandra East
Mumbai, 400051
India
Phone: +91-22-6611-7200
Google Head Office in India
गूगल ऑफिस लगभग सभी देशों में है और सभी देशों में जहां उसका ऑफिस होता है वहां एक हेड ऑफिस भी होता है।
उसी तरीके से इंडिया में भी गूगल हेड ऑफिस है।
गूगल हेड ऑफिस इंडिया में हैदराबाद में स्थित है।
Google Ka Head Office Kaha Hai
पूरी दुनिया में भी एक मुख्य गूगल का हेड ऑफिस है।
गूगल का कॉरपोरेट हेड क्वार्टर यूनाइटेड स्टेट्स में स्थित है
Google HQ Address
1600 Amphitheatre Parkway in Mountain View, California, United States.
All Google Offices Lists | Google Offices All Over The World | Google Office Locations
गूगल का भारत में कहा कहा ऑफ़िस है इसकी जानकारी आपको मिल गयी है अब हम आपको बताते है की गूगल का ऑफ़िस दुनिया के कौन कौन से शहर में स्तिथत है.
Asia
Bangalore
Bangkok
Beijing
Guangzhou
Gurgaon
Hong Kong
Hyderabad
Jakarta
Kuala Lumpur
Melbourne
Mumbai
Seoul
Shanghai
Singapore
Sydney
Taipei
Tokyo – RPG
Tokyo – STRM
North America
Ann Arbor
Atlanta
Austin
Boulder
Boulder – Pearl Place
Boulder – Walnut
Cambridge
Chapel Hill
Chicago – Carpenter
Chicago – Fulton Market
Detroit
Irvine
Kirkland
Kitchener
Los Angeles, US
Madison
Miami
Montreal
Mountain View
New York
Pittsburgh
Playa Vista
Portland
Redwood City
Reston
San Bruno
San Diego
San Francisco
Seattle
Sunnyvale
Toronto
Washington DC
Latin America
Belo Horizonte
Bogota
Buenos Aires
Mexico City
Santiago
Sao Paulo
Europe
Aarhus
Amsterdam
Athens
Berlin
Brussels
Copenhagen
Dublin
Hamburg
Lisbon
London – 6PS
London – BEL
London – CSG
Madrid
Milan
Moscow
Munich
Oslo
Paris
Prague
Stockholm
Vienna
Warsaw
Wroclaw
Zurich
Africa & Middle East
Dubai
Haifa
Istanbul
Johannesburg
Tel Aviv
Google Office Kaha Hai FAQs:
Google का मुख्य कार्यालय कहाँ है? (Where is Google’s main office?)
माउंटेन व्यू, कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य
मैं Google ग्राहक सहायता से कैसे संपर्क करूं? (How do I contact Google customer support)?
आप हमें 1-866-2-Google (1-866-246-6453) पर सुबह 6:00 बजे से शाम 5:00 बजे पीएसटी, सोमवार से शुक्रवार तक कॉल कर सकते हैं।
क्या मैं Google से चैट कर सकता हूं? (Can I chat with Google?)
जी सूट ग्राहकों को बिना किसी अतिरिक्त लागत के चैट की पेशकश की जाती है।
Google का फ़ोन नंबर क्या है? (What is Google’s phone number?)
Google का ग्राहक सहायता नंबर 1-855-836-1987 है
क्या Google सॉफ़्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए कंप्यूटर विज्ञान की डिग्री चाहिए?
नहीं
Google Voice किसके लिए उपयोग किया जाता है? (What is Google Voice used for?)
Google Voice एक ऐसी सेवा है जो 2009 में बनाई गई है जो आपको कॉल, टेक्स्ट और कॉल फ़ॉरवर्डिंग का उपयोग करने और प्राप्त करने की सुविधा देती है।
भारत Google में सबसे कम वेतन क्या है?
Google इंडिया में वेतन औसत at 290,000 से लेकर 3,001,690 प्रति वर्ष तक होता है।
अंतिम शब्द: Google Office Kaha Hai
इस लेख में हमने गूगल ऑफ़िस के पते की जानकारी आपके साथ साझा की है.
यहाँ से आपको भारत में गूगल का कार्यालय (Google Office in India), गूगल मुख्यालय (Google Headquarters)की पूरी जानकारी जैसे की एड्रेस, फ़ोन नंबर इत्यादि मिल गयी होगी.
गूगल ऑफ़िस से जुड़ी कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेंट में ज़रूर बताये.
आज इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको बताने वाले है की Artificial Intelligence Kya Hai.
दोस्तों जैसा कि हम सभी जानते हैं कि आज के जमाने में Technology का ही बोल-बाला है। हमारे सुख-सुविधा के लिए दिन-प्रतिदिन एक से बढ़ कर एक Technology विकसित हो रहे हैं।
जिस समय कंप्यूटर का आविष्कार हुआ था उस समय किसी ने यह भी नहीं सोचा होगा कि कभी Smart-Phone जैसी कोई चीज भी बनायें जाएंगे।
लेकिन कहा गया है ना कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी होती है। जिस तरह से हमारी आवश्यकता बढ़ती है Technology भी उसी तरह से विकसित किया जाता है।
(जैसे- Robot, Computer, Laptop, Mobile, ATM , Automatic Machine और इस तरह से ना जाने कितने मशीन का आविष्कार किया गया)
अब तो ऐसा भी मशीन बनाया गया है जो इंसान की तरह सोच कर किसी समस्या का हल निकाल सके।
Technology को एक अलग स्तर पर ले जाने के लिए कंप्यूटर साइंस के कुछ वैज्ञानिकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉन्सेप्ट को दुनिया के सामने रखा। जिसका मूल उद्देश्य था कि एक ऐसे कंप्यूटर कंट्रोल्ड रोबोट या इंटेलीजेंट मशीन या सॉफ्टवेयर बनाया जाए जो कि मनुष्य की तरह बुद्धिमान हो। और वह बिल्कुल मनुष्य की तरह सोच समझकर किसी समस्या का समाधान कर सके तथा जिसमें अपने निर्णय लेने की क्षमता हो।
हालांकि कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि Technology मे इस तरह का Development ठीक नहीं होगा। क्योंकि ऐसी मशीन से भविष्य में मानव अस्तित्व को ही खतरा हो सकता है।
वर्तमान समय में ऑटोमेटिक मशीन और कंप्यूटर का इस्तेमाल बहुत ही ज्यादा होने लगा है और इनमें जो तकनीक का उपयोग होता है उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस करते हैं।
हम यह भी कह सकते हैं कि आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस ने ही ऑटोमेटिक मशीन और कंप्यूटर को सोचने और समझने की क्षमता देता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का मूल काम यह है कि ऐसे इंटेलिजेंट मशीन बनाएं जो कि मनुष्य के जैसे ही बुद्धिमान हो और उसमें अपने निर्णय (Decision) लेने की क्षमता हो।
दोस्तों आर्टिफिशियल का मतलब कृत्रिम होता है जो किसी व्यक्ति के द्वारा बनाया जाता है और इंटेलिजेंस का मतलब बुद्धिमता होता है जो खुद की सोचने की शक्ति रखता हो। अतः आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का मतलब कृत्रिम बुद्धिमता होता है।
तो दोस्तों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में इतना जानने के बाद आपके मन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े बहुत सारे सवाल होंगे। हमें मालूम है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में कुछ लोगों को मालूम होगा लेकिन बहुत से लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में नहीं मालूम होगा।
जिन लोगों को मालूम नहीं है उनको अब फिक्र करने की जरूरत नहीं है। सिर्फ उनको मेरा यह आर्टिकल शुरू से अंत तक पढ़ना होगा। जिससे उनको आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त हो जाएगी। क्योंकि आज हम अपनी इस आर्टिकल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी सभी जानकारी विस्तार में शेयर करने वाले हैं।
जैसे कीArtificial Intelligence Kya Hai ? और इसका इस्तेमाल कैसे करें? आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उदाहरण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इतिहास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का लक्ष्य इत्यादि
तो दोस्तों अगर यह जानकारी आपको अच्छा लगता है तो आप अपने दोस्तों के साथ शेयर भी कर सकते हैं। तो चलिए सबसे पहले जानते है की Artificial Intelligence Kya Hai?
Artificial Intelligence Kya Hai (What is Artificial Intelligence in Hindi)?
दोस्तों जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कंप्यूटर या कोई मशीन या फिर कोई भी ऑटोमेटिक मशीन किसी भी कार्य को बहुत सटीक और बहुत तेजी से कर सकता है। जो किसी भी व्यक्ति के लिए संभव नहीं है।
इसलिए Computer Science के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा मशीन को विकसित करने के बारे में सोचा जो मानव के जैसे ही किसी भी समस्या को सोच-समझकर उसका समाधान कर सके।
इसके अलावा उस मशीन में सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता हो। इसके साथ-साथ वह बोल सके, एक्टिंग कर सके, कुछ भी सीख सके, तथा उसमें Feelings हो Emotion भी हो।
और इस तरह से ऑटोमेटिक मशीन में सॉफ्टवेयर को Develop करना ही तथा उस मशीन में सोचने समझने की क्षमता को ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( AI ) या कृत्रिम बुद्धिमता कहते हैं।
ये सोचने समझने की क्षमता प्रकृति के द्वारा मानव में दी गई है ठीक उसके विपरीत मानव द्वारा उस मशीन में सोचने समझने की क्षमता दी जाती है। इसलिए इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कहते हैं।
दोस्तों अगर आप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को और और अच्छी तरह से समझना चाहते हैं तो आपके लिए Robot Movie आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का को समझने के लिए एक अच्छा उदाहरण हो सकता है। क्योंकि Robot Movie Artificial Intelligence पर ही आधारित फिल्म है।
दोस्तों अभी अपने जाना की Artificial Intelligence Kya Hai. अब इसके बारे में विस्तार से समझते है
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उदाहरण
उम्मीद है की आप आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के बारे में समझ गए होंगे. अब आपको इसके कुछ उदाहरण दे रहे है जिससे आपको ये समझ आ सके की आज के समय में ये किस रूप में उपयोग हो रहा है और क्या काम कर प् रहा है.
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इतिहास
1950 के दशक में ही Artificial Intelligence Research की शुरुआत हुई थी। लेकिन कई दशक के प्रयास के बाद भी कंप्यूटर में इस तरह का Software Developer नहीं हो पाया जो इंसान की तरह सोच-समझ कर निर्णय ले सके। जो बिल्कुल इंसान की तरह कार्य कर सकें।
लेकिन कहा गया है ना कि लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।
कंप्यूटर साइंस के वैज्ञानिकों ने इस बात को सही साबित कर दिया। जापान, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ के देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को विकसित करने के लिए अपने अपने टेक्नोलॉजी को विकसित करने का काम शुरू कर दिया।
आगे चल कर Norbert Wiener द्वारा की गई खोज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के शुरुआती विकास में बहुत हद तक सफल साबित हुआ। इससे एक आशा की किरण दिखाई दी। उन्होंने यह सिद्ध किया कि Intelligent Behaviour प्रतिक्रिया तंत्र के परिणाम होते हैं।
कंप्यूटर साइंस के वैज्ञानिकों के अथक प्रयास के बाद 1970 के दशक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को थोड़ा पहचान मिली।
जापान ने भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च पर 1981 में पहल की। उसने ‘फिफ्थ जनरेशन’ नामक योजना की शुरुआत की।
ब्रिटेन ने भी ‘एल्वी’ नामक एक प्रोजेक्ट को बनाया जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर सॉफ्टवेयर डेवलप कर सके।
यूरोपीय संघ के देशों ने भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ओर ध्यान दिया उन्होंने भी इस ‘एस्प्रीट’ नाम से एक कार्यक्रम की शुरुआत की।
Modern आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिशा में एक और बड़ा कदम का निर्माण हुआ। 1955 में Newell और Simon द्वारा Design किया गया यह first आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस Program माना जाता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रकार
दोस्तों जैसा कि हम सभी जानते हैं कि आज के समय में हम सब कहीं न कहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी ऑटोमेटिक मशीन का प्रयोग करते ही रहते हैं। इसका उपयोग भी हमारे लाइफ में दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है।
इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि ऑटोमेटिक मशीन का इंसान की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करना है।
इसकी उपयोगिता को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि वह दिन दूर नहीं जब किसी हॉलिवुड मूवी की तरह ही रोबोट का दबदबा हमारी दुनिया पर होगा।
आइए हम जानते हैं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रकार:-
कमजोर बुद्धिमता (Week Artificial Intelligence )
कमजोर बुद्धिमता या Week आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को नैरो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नाम से भी जाना जाता है। यह मशीन किसी स्पेसिफिक डिवाइस में ही अच्छे काम कर सकती है। यह मशीन अपना काम करने में स्मार्ट नहीं होती है। परंतु उन्हें ऐसा बनाया जाता है कि वे स्मार्ट लगे।
उदाहरण के लिए अगर आपका कंप्यूटर चेस गेम खेलता है तो गेम खेलने में ही एक्सपोर्ट रहेगा और बाकी कोई भी काम नहीं कर सकेगा। इसलिए इसे Week आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस करते हैं।
मजबूत बुद्धिमता (Strong Artificial Intelligence)
मजबूत बुद्धिमता या Strong आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक ऐसा सिस्टम है जिसमें इंसान और मशीन दोनों का दिमाग लगभग बराबर हो जाता है। Strong Artificial Intelligence ऐसी मशीन बनाता है जो वास्तव में इंसान की तरह सोच और कार्य कर सकती है यानी जो काम इंसान सोच समझकर आसानी से कर सकता है वह सब काम रोबोट या मशीन आराम से कर पाते हैं। इसलिए इसे Strong आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कहा जाता है।
विलक्षणता (Singularity Artificial Intelligence)
कमजोर बुद्धिमता और मजबूत बुद्धिमता के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में विलक्षणता भी शामिल हो सकती है।
Super Artificial Intelligence
दोस्तों यह अभी तक नहीं बनाया जा सका ।पर शायद हमारा भविष्य ही होने वाला है जिसमें रोबोट और मशीन इंसान से कहीं बेहतर सोच समाज और विचार रख सकेंगे। यानी मशीन इंसान को काफी पीछे छोड़ देगी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने इंसानों के काम को बहुत ही आसान बना दिया हैं। जो काम एक से इंसान मिलके करते हैं। उसे एक मशीन कुछ ही सेकंड में पूरा कर सकता है।
लेकिन यह सुविधा भी हमारे लिए खतरा बन सकता है। क्योंकि अभी तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त मशीन इंसानों द्वारा दी गई प्रोग्राम से ही चल रही है। लेकिन जब मशीन खुद निर्माण करने लगी तो इंसानों को मुश्किल में डाल सकती है।
अगर यह बात आप समझना चाहते हैं कि इस तरह का
मशीन इंसान को कैसे मुश्किल में डाल सकता है तो इसका उदाहरण रोबोट मूवी हो सकता है क्योंकि उसमें रोबोट अपनी मनमानी ढंग से काम करने लगता है जो की इंसानों के लिए बहुत ही घातक हो जाता है।
इसलिए इसके डिवेलप के लिए सोच समझकर कार्य करने की आवश्यकता है। अगर ऐसा मशीन बने तो यह ध्यान में होना चाहिए कि इसका प्रोग्रामिंग सिस्टम इंसान के हाथों में ही हो ना की मशीन के हाथों में। तो दोस्तों हमें उम्मीद है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी जानकारी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्यों महत्वपूर्ण है?
हम तकनीकी प्रगति से भरे इस युग में जीने के लिए एक विशेषाधिकार प्राप्त पीढ़ी हैं।
वे दिन गए जब लगभग सब कुछ मैन्युअल रूप से किया जाता था, और अब हम उस समय में रहते हैं जहां बहुत सारे काम मशीनों, सॉफ्टवेयर और विभिन्न स्वचालित प्रक्रियाओं द्वारा किए जाते हैं।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता सभी कंप्यूटर सीखने का आधार बनती है और सभी जटिल निर्णय लेने का भविष्य है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज लगभग हरेक क्षेत्र में काम को आसान बना रहा है और काम काम समय में हो प् रहा है.
विभिन्न क्षेत्रों में मानवीय प्रयासों को कम करने के लिए एआई सिस्टम पर्याप्त कुशल हैं।
उद्योग में विभिन्न गतिविधियों को करने के लिए, उनमें से कई कृत्रिम बुद्धि का उपयोग मशीन बनाने के लिए कर रहे हैं जो नियमित रूप से विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन करते हैं।
आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस का आज इन क्षेत्रो में बहुत ज्यादा योगदान है.
चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में
एयर ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में
बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों के क्षेत्र में
गेमिंग और मनोरंजन के क्षेत्र में
कृषि के क्षेत्र में
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कैसे किया जाता है?
दोस्तों जैसा कि हम पहले भी बता चुके हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग हमारे जीवन में बहुत ही अधिक हो गया है।
हम ना जाने दिन भर में कितनी बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करते हैं। अब इसके बिना भी जिंदगी की कल्पना नहीं की जा सकती। ऐसा हम क्यों बोल रहे हैं
आइए इसके उपयोग को बताते हैं जिससे आपको खुद ब खुद समझ में आ जाएगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का हमारे जीवन में कितना महत्व रखता है।
24×7 उपलब्धता हम सभी जानते हैं कि मनुष्य लगातार काम नहीं कर सकता। लेकिन मशीन में ऐसा नहीं है वह बिना ब्रेक के लिए हुए लगातार (24×7) काम कर सकता है। और वो भी बिल्कुल सटीक और बढ़िया से कर सकता है। उसे रिफ्रेश होने की भी आवश्यकता नहीं होती है।
इसलिए इसे लंबे समय तक काम करने के लिए प्रोग्रामिंग राहुल है रो है लेकिन ये हो ये लो हो रो हनन समझ सेट किया जा सकता है। मशीन किसी भी काम करने में नहीं रुकता है और ना ही विचलित होता है। वह लगातार सही से काम कर सकता है जो आप किसी भी व्यक्ति से उम्मीद नहीं कर सकते हैं।
डिजिटल सहायता
Technology का उपयोग करके बहुत से संगठनों ने अपने ग्राहकों के बातचीत करने के लिए मशीन को लागू कर दिया है।इसके अलावा बहुत से कंपनियों और बैंको में आपको ऑटो मस्सागिंग, ऑटो रिप्लाई का विकल्प मिलता है जिससे की आप अपने समस्या से जुड़े सवाल पूछते है और आपको ऑटोमेशन के जरिये उससे जुड़े जवाब कुछ ही सेकण्ड्स में मिल पाता है.
Day-To-Day आवेदन
आप सभी जानते हैं कि मोबाइल भी हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण हो गया है। यदि आप इस Smart Phone का उपयोग करते हैं तो इसका मतलब आप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ही आनंद ले रहे हैं। आप ATM का उपयोग कर रहे हैं तो कहीं ना कहीं आप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर रहे हैं।
मोबाइल में Google Assistant का इस्तेमाल करना भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करना है।
अगर आप ऑटोमेटिक ड्राइविंग कार का इस्तेमाल करते हैं या फिर GPS की मदद लेते हैं यह सब आप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ही उपयोग कर रहे होते हैं।
इस तरह से ना जाने हम दिन भर में कितना बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन का उपयोग करते हैं।
इस लेख में बताई गई बातों की तुलना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बहुत अधिक महत्व रखती है। यह आने वाले समय में इसका महत्व बढ़ता रहेगा।
इस ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से आप जान पाए की Artificial Intelligence Kya Hai और इसका जीवन में क्या महत्व है। आपको लेख के बारे में कैसा लगा, हमें लिखें। हमारे ब्लॉग पर बने रहें।
दोस्तों कंप्यूटर के बारे में तो हम सभी जानते हैं। क्योंकि हमारे जीवन में कंप्यूटर का महत्व इतना बढ़ गया है कि इस युग को हम कंप्यूटर युग भी बोल सकते है। क्योंकि आज की जमाने में अच्छे नौकरी (Job) के लिए कंप्यूटर की जानकारी होना जरूरी है।
कंप्यूटर का इस्तेमाल करना तो हम सभी जानते हैं लेकिन क्या आपको Computer Virus के बारे में मालूम है कि Computer Virus Kya Hai और इसके क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं?
क्योंकि Computer, Mobile, Electronic Gadgets इन सभी के लिए Virus बहुत ही हानिकारक है। क्योंकि Virus एक बार आपके कंप्यूटर में आ जाए तो आपके Computer System में कई नुकसान पहुंचा सकते हैं।
आपके कंप्यूटर में Computer Virus के आ जाने से आपका कंप्यूटर सिस्टम बहुत ही Slow काम करने लगता है। इसके साथ ही Computer Virus आपके Computer System और Data को नष्ट कर देता है।
हमें उम्मीद है बहुत से Computer Users को मालूम होगा की Computer Virus kya hai ? लेकिन कुछ Computer Users को नहीं मालूम होगा कि Computer Virus kya hai?
तो उनके लिए यह आर्टिकल बहुत ही लाभदायक साबित हो सकता है। इसके लिए आपको यह आर्टिकल पूरा पढ़ना होगा।
क्योंकि आज हम अपने इस आर्टिकल में Computer Virus से जुड़ी सभी जानकारी विस्तार से शेयर करने वाले हैं। जैसे – Computer Virus kya hai? Computer Virus क्या कर सकता है? Computer Virus कितने प्रकार के होते हैं Computer System में Virus Infection के क्या Sign है Computer Virus से बचने के क्या उपाय है?
आइए सबसे पहले जानते हैं कि Computer Virus kya hai?
दोस्तों कंप्यूटर वायरस भी एक प्रकार से सॉफ्टवेयर प्रोग्राम ही होता है, जिसे आपके कंप्यूटर के Performance को Slow करने के साथ-साथ, आपके Computer System Software को काम करने से रोकने के लिए तथा कंप्यूटर के डाटा को नष्ट करने या उसे हानि पहुंचाने के लिए बनाया गया है।
Virus का फुल फॉर्म Vital Information Resources Under Siege होता हैं।
दोस्तों हम सभी जानते हैं कि कंप्यूटर में बहुत सारे Software Program होते हैं और कंप्यूटर उन्ही Software Program के द्वारा हमारे द्वारा दिए गए कार्यों को पूरा करता है। कंप्यूटर बिना किसी Software Program के कुछ भी नहीं कर सकता।
यह Computer Virus कई तरफ से आपके कंप्यूटर सिस्टम में आपकी अनुमति के बिना आ सकता है। और सबसे खास बात यह है कि उपयोगकर्ता को इसका पता भी नहीं चलता है। यह वायरस धीरे-धीरे आपके कंप्यूटर में फैलता जाता है। आपका कंप्यूटर सिस्टम वायरस से ज्यादा प्रभावित होने पर हैंग भी हो जाता है.।
आपकी जानकारी के लिए यह भी बता दूं कि Virus कोई Natural नहीं होता है। इसे हैकर्स द्वारा बनाया जाता है। जिस तरह से कंप्यूटर को बेहतर तरीके से काम करने के लिए एक से बढ़कर एक Software Program बनाए जाते हैं ठीक उसी तरह से Virus को भी बनाया जाता है लेकिन इसका उद्देश्य सहायता के लिए नहीं बल्कि कंप्यूटर को क्षति पहुंचाने के लिए बनाया जाता है।
Computer Virus कितने प्रकार के होते हैं?(Type of Computer Virus in Hindi)
दोस्तों मुझे उम्मीद है कि अब आप समझ गए होंगे कि कंप्यूटर वायरस क्या है? लेकिन कंप्यूटर के बेहतर प्रदर्शन और उसकी सुरक्षा के लिए आपको यह भी जानना जरूरी है कि कंप्यूटर वायरस कितने प्रकार के होते हैं और यह आपके कंप्यूटर में कैसे आ जाते हैं? और ये वायरस आपके कंप्यूटर को कितना और कैसे प्रभावित कर सकते हैं? तो आइए विस्तार से जानते हैं कि कंप्यूटर वायरस कितने प्रकार के होते हैं?
ऐसे तो कंप्यूटर वायरस कई तरह के होते हैं उनमें से कुछ प्रमुख हैं जो इस प्रकार है:-
बुट सेक्टर वायरस (Boot Sector Virus)
फाइल इनफेक्टर वायरस (File Infector Virus)
माइक्रो वायरस (Micro Virus)
ब्राउज़र हाईजैकर वायरस (Browser Hijacker Virus)
रिसाइडेन्ट वायरस (Resident Virus)
पार्टीशन टेबल वायरस (Partition Table Virus)
डायरेक्ट एक्शन वायरस (Direct Action Virus)
बुट सेक्टर वायरस(Boot Sector Virus)
बूट सेक्टर वायरस एक ऐसा कंप्यूटर वायरस है जो खास करके floppy Disk के Hard Disk या Boot Sector के Master Boot Record (MBR) को Infect करता है। System में ये Virus मुख्य रूप से Removable Media के द्वारा आते हैं।
जब आपका कंप्यूटर इस वायरस से infact हो जाता है तो जब आप अपना कंप्यूटर ON करते हैं तब यह वायरस Operation System को load होने में बाधा डालते हैं। जब यह वायरस आपके कंप्यूटर को Infect कर देता है तब इसे अपने कंप्यूटर से निकाल पाना बहुत ही मुश्किल कार्य होता है। ज्यादातर इस वायरस को सिस्टम से निकालने के लिए सिस्टम को फ़ॉर्मेट करना पड़ता है।
फाइल इनफेक्टर वायरस (File Infector Virus)
फाइल इनफेक्टर वायरस से Infect होने वाली सिस्टम की संख्या सबसे अधिक है। क्योंकि वायरस का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी श्रेणी का है। जब कोई Particular Program Load होता है तो यह वायरस अपने आप Load हो जाता है। यह वायरस ईमेल के साथ ही यूजर के कंप्यूटर में आ सकता है। कुछ File Infector Virus, Programs File के साथ Attach होकर आते हैं। जैसे- .COM, EXE. File.
यह वायरस भी आपकी कंप्यूटर सिस्टम के लिए बहुत ही हानिकारक हो सकता है। क्योंकि यह वायरस आपके कंप्यूटर मे Store File या data को आसानी से इन Infect कर सकता है।
यह वायरस आपके कंप्यूटर सिस्टम प्रोग्राम को शुरू करने के साथ-साथ यह वायरस आपके कंप्यूटर में मौजूद Application को भी हानि पहुंचा सकता है। यह वायरस Executable File (जैसे- Sys, ovl, prg,and mnu) को Infect कर सकता है।
माइक्रो वायरस (Micro Virus)
माइक्रो वायरस विशेष रूप से उन Software और Application को Infect करने के लिए Target करता है जिसमें माइक्रोज होते हैं।
माइक्रो वायरस विशेष रुप से Micro Soft Office यानी Word, Document, PowerPoint, Spreadsheet जैसे Files को नुकसान पहुंचाता है। इससे उसकी Performance Slow कर देता है।
यदि ये माइक्रो वायरस इन सॉफ्टवेयर को Infect कर देता है तो जब भी आप अपनी अपनी सिस्टम में ये सॉफ्टवेयर को Open करेंगे तो यह माइक्रो वायरस Automatic ही अपने क्रियाओं को चालू कर देता है। जिससे दूसरा सॉफ्टवेयर या एप्लीकेशन भी प्रभावित होने लगता है।
दोस्तों जैसा कि हम सभी जानते हैं की कंप्यूटर वायरस, Software या Application के द्वारा ही फैलता है। इसलिए यह वायरस किसी भी Operating System जैसे- ( Windows, Android, macOS, iOS, etc) को भी Infect कर सकता है।
ब्राउज़र हाईजैकर (Browser Hijacker)
दोस्तों जैसे कि हम सभी जानते हैं कि इंटरनेट का इस्तेमाल आज कल कितना अधिक हो रहा है। आज के जमाने में हम ज्यादा ऑनलाइन Movie देखना पसंद करते हैं और ऑनलाइन Game खेलना पसंद करते हैं तथा अनेक प्रकार के वेबसाइट को Open कर देते हैं। जिससे हमारे Device में वायरस आने का खतरा बढ़ जाता है।
दोस्तों कुछ लोग अपनी आय बढ़ाने के लिए इंटरनेट पर Advertisement भी करते हैं। जब कभी आप ब्राउज़र के Address Bar में एक URL डालते हैं तो ब्राउज़र हाईजैकर्स आपको उस बेवसाइड पर नहीं ले जाकर किसी दूसरे Infected वेबसाइट पर पहुंचा देता है। ऐसे आम तौर पर अपनी आय बढ़ाने के लिए ही किया जाता है। इस तरह से जब आपका ब्राउज़र इस वायरस से Infected हो जाता है तब आपके ब्राउज़र पर अनेक प्रकार के तरह-तरह के Unwanted Advertisement दिखने
लगते हैं।
डायरेक्ट एक्शन वायरस (Direct Action Virus)
डायरेक्ट एक्शन वायरस को Non-Resident Virus भी कहा जाता है। ये वायरस आमतौर पर Extension( जैसे- .COM, EXE) वाले Files को ज्यादा Infect करती है।
यह वायरस एक बार आपके कंप्यूटर सिस्टम में आ जाए तो यह आपके कंप्यूटर की Memory में छुप कर (Hidden) के रहते हैं।
इस वायरस में खास बात यह है कि यह वायरस तब तक Action में नहीं आते जब तक उन्हें Click करके Open नहीं किया जाता।
यह वायरस Specific Type के File के साथ Attach होकर रहता है। जिन्हें यह Infect करता है। ये वायरस भी आपके सिस्टम के लिए हानिकारक ही है।
क्योंकि यह वायरस भी आपकी फाइल को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि राहत की बात यह है कि यह वायरस बहुत ज्यादा खतरनाक नहीं होता है इसे Antivirus Program की मदद से हटाया भी जा सकता है। और ये Users Experience और System Performance को Infect नहीं करता है।
रेसिडेंट वायरस (Resident Virus)
रेसिडेंट वायरस एक ऐसा वायरस है जो खुद को कंप्यूटर के RAM Memory में Store करके उन्हें Infect करता है। रेसिडेंट वायरस भी डायरेक्ट एक्शन वायरस की तरह ही आपके कंप्यूटर में Install हो जाता है।
कभी-कभी यह वायरस Antivirus के साथ भी जुड़ते हैं। रेसिडेंट वायरस भी कई तरह के होते हैं और वो अलग-अलग तरीके से कार्य करते हैं। इसमें कुछ वायरस तेजी से कार्य करता है और कुछ थोड़ा धीमी गति से कार्य करता है।
रेसिडेंट वायरस से Infect हुए कंप्यूटर सिस्टम में भी कई समस्या आ जाती है। जैसे- इस वायरस से Infect होने से आपका कंप्यूटर सिस्टम Operate, Shot Down और किसी भी डाटा को copy- peste करने में समस्या होने लगता है। इस वायरस को पहचान पाना भी थोड़ा मुश्किल कार्य होता है।
कंप्यूटर वायरस के उदाहरण क्या हैं? (What are the Examples of Computer Virus?)
तो चलिए अब आपको कुछ कंप्यूटर वायरस का नाम बताते है जो बहुत ही जयदा खतरनाक है.
SQL Slammer.
Nimda
Blaster
Code Red
ILOVEYOU
The Morris Worm
Creeper
Morris Worm.
Mydoom.
Stuxnet.
CryptoLocker.
Sasser & Netsky.
Anna Kournikova.
यहाँ पर जितने भी वायरस के नाम मैंने बताया है वो सभी टॉप नाम है इसके अल्वा भी बहुत सारे कंप्यूटर वायरस है और रोज नए नए बनते भी है.
Computer Virus क्या कर सकता है?(Effect of Computer Virus in Hindi)
कंप्यूटर वायरस आपके कंप्यूटर सिस्टम में मौजूद Data,File, Folder, Document को Delete या Corrupt कर सकता है।
कंप्यूटर वायरस आपकी कंप्यूटर सिस्टम के कार्य करने की क्षमता को कम कर देता है। वायरस आपकी कंप्यूटर डाटा के हार्ड डिक्स में स्टोर डाटा को भी डिलीट कर सकता है। Email के जरिए भी Attachment होकर एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर को भी प्रभावित कर सकता है।
Computer System में Virus Infection के क्या Sign है (What are the Symptoms of a Computer Virus in Hindi?)
दोस्तों हमें उम्मीद ही नहीं पूरा विश्वास है कि अब आप कंप्यूटर वायरस क्या है और कंप्यूटर वायरस कितने प्रकार के होते हैं? ये तो आप समझ ही गए होंगे। लेकिन सिर्फ यह जानना आपके लिए काफी नहीं है।
क्योंकि कंप्यूटर के बेहतर प्रदर्शन और उसे सुरक्षित रखने के लिए कंप्यूटर यूजर्स को कंप्यूटर वायरस के लक्षण के बारे में जानना बहुत ही जरूरी है। क्योंकि उस लक्षण से आप तुरंत समझ जाएंगे कि आपका कंप्यूटर वायरस से Infect हो चुका है।
तो आइए हम कुछ ऐसे लक्षण के बारे में आपको बताते हैं:-
आपके कंप्यूटर सिस्टम का Performance Slow होना।
किसी File या Folder का Delete होना या Corrupt ओ जाना है।
इंटरनेट Internet Speed Slow हो जाना।
आपके कंप्यूटर सिस्टम के डिस्प्ले पर Unexpected Advertisement का Show करना।
नया Folder या Program का अपने आप Computer में install हो जाना।
Unnecessary Email का आना।
ब्राउज़र इस्तेमाल करने के दौरान आपकी स्क्रीन पर Error Message या Warning Alert का आना।
अपने आप ही कुछ File, Program का खुद-ब-खुद चलना।
आपका डिवाइस Hang होने लगे तो इसका मतलब है कि आपका कंप्यूटर सिस्टम वायरस से Infect हो सकता है।
तो दोस्तों अगर ऐसा कुछ भी आपके कंप्यूटर सिस्टम में हो रहा हो तो समझ लीजिए कि आपका कंप्यूटर सिस्टम वायरस से Infect हो चुका है। और इससे अपने कंप्यूटर सिस्टम को बचाना भी बहुत जरूरी है।क्योंकि यह वायरस आपके कंप्यूटर सिस्टम के डाटा को डिलीट या नष्ट भी कर सकते हैं।
कंप्यूटर वायरस के कारण (Causes of Computer Virus in Hindi)
कंप्यूटर में वायरस आने के कई सारे स्रोत होते है तो चलिए हम आपको बताते है की कौन कौन से वो स्त्रोत हो सकते है जिनसे किसी कंप्यूटर या लैपटॉप में वायरस आता है.
एक डिवाइस को दूसरे डिवाइस से कनेक्ट करने से भी वायरस आ सकता है।
आपके कंप्यूटर सिस्टम में Antivirus Virus का ना होना।
डौन्लोडिंग प्रोग्राम्स: प्रोग्राम जिसमें डाउनलोड करने योग्य फाइलें होती हैं, मालवेयर का सबसे सामान्य स्रोत होते है जैसे फ्रीवेयर, वर्म्स और अन्य निष्पादन योग्य फाइलें
पायरेटेड या क्रैक किया हुआ सॉफ्टवेयर।
ब्लूटूथ
इंटरनेट
ईमेल अटैचमेंट्स
ऑनलाइन एड्स
दुर्भावनापूर्ण साइटों से सॉफ़्टवेयर डाउनलोड करना
अज्ञात या स्पूफ ईमेल से अटैचमेंट या लिंक खोलना
Computer Virus से बचने के क्या उपाय है? (Prevention of Computer Virus in Hindi)
दोस्तों कंप्यूटर का इस्तेमाल इतना बढ़ गया है ये तो आपको मालूम ही होगा। क्योंकि हर जगह कंप्यूटर का ही बोलबाला है। क्योंकि कंप्यूटर बहुत ही कम समय में ज्यादा से ज्यादा काम कर सकता है।
लेकिन कभी-कभी कंप्यूटर भी वायरस से Infect हो जाता है। जिससे कंप्यूटर के काम करने की क्षमता कम हो जाती है। वह बहुत ही धीरे-धीरे कार्य करने लगता है। जिससे बहुत सारा परेशानी होने लगता है। वायरस आपको कंप्यूटर को हैंग भी कर सकता है।
जो लोग कंप्यूटर इस्तेमाल करते हैं उनके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि वे कंप्यूटर सिस्टम को वायरस से कैसे बचाएँ।
तो आइए आज हम आपको वायरस से बचने के कुछ उपाय के बारे में बताते हैं। जो आपके लिए बहुत ही जरूरी है। मेरे द्वारा बताए गए तरीका को अपना कर आप अपने कंप्यूटर को वायरस से सुरक्षित रख सकते हैं।
आप अपने कंप्यूटर सिस्टम में बहुत ही बढ़िया Antivirus Install करें और उसे समय-समय पर अपडेट करते रहें। अगर आप ज्यादा इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं तो आप Premium Antivirus का भी इस्तेमाल कर सकते हैं ।
ज्यादा इंटरनेट इस्तेमाल करने से भी वायरस आने का खतरा रहता है। इसलिए ज्यादा इंटरनेट इस्तेमाल करने से बचें ख़ास कर उन वेबसाइट के उपयोग से जो सुरक्षित नहीं है.
जो बसाइट Popular और Registered नहीं है। उस Website को Visit ना करें।
पोर्न Website से दूर रहे। क्योंकि यदि आप चाहते हैं कि आपके कंप्यूटर में वायरस ना आए तो आप अपने कंप्यूटर में पोर्न वेबसाइट को कभी Open ही ना करें। क्योंकि 90% पोर्न वेबसाइट पर वायरस होता है।
Pen drive, Disk का इस्तेमाल करने से पहले उसे Scan कर ले
Antivirus से अपने कंप्यूटर सिस्टम को समय- समय पर Scan करते रहे।
कोई भी Email यदि आपको उसके Sender के विषय मैं जानकारी ना हो तो उसे Open ही ना करें।
Unauthorised Websites से कुछ भी डाउनलोड ना करें। जैसे- कोई भी Muve, MP3 Software या Application इत्यादि।
डाउनलोड की हुई चीज को अच्छे से स्कैन करवाए।क्योंकि इन में वायरस होने का खतरा बहुत ज्यादा होता है।
कंप्यूटर वायरस से कैसे निपटें ? (How To Deal with Computer Viruses in Hindi)
ऊपर आपने पढ़ा और जाना की कंप्यूटर में वायरस आने से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए. कैसे आप अपने कंप्यूटर या लैपटॉप को वायरस से बचा सकते है सुरक्षित रख सकते है.
पर आप के मैं में सवाल जरूर होगा की अगर वायरस कंप्यूटर में आ चूका है तो उससे कैसे निपट सकते है उससे कंप्यूटर से कैसे निकल सकते है. तो चलिए हम आप को कुछ तरीके बताने जा रहे है जिनसे आपके इन सवालों का जवाब आपको मिल जायेगा.
लैपटॉप से वायरस को दूर करने के लिए लिए निचे बताये गए स्टेप्स को फॉलो करे.
चरण 1: एक विश्वसनीय एंटीवायरस प्रोग्राम का उपयोग करें।
यदि आपके पास पहले से ही एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर आपके कंप्यूटर पर स्थापित है और यह अभी भी वायरस से संक्रमित है, तो आप जिस सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहे थे, वह एक अच्छा एंटीवायरस नहीं है आपको कोई बढ़िया एंटीवायरस का उपयोग करना होगा.
चरण 2: अपने कंप्यूटर में एंटीवायरस को रन करे और सिस्टम को स्कैन करें
जब आपके कंप्यूटर में एंटीवायरस इनस्टॉल हो जाता है तो उसे आपको ओपन करना होता है और उसके बाद स्कैन प्रोसेस को शुरू करना होता है. स्कैन शुरू करने के लिए स्कैन बटन पर क्लिक करे.
चरण 3: मैलवेयर निकालें
स्कैन हो जाने के बाद आपको रिजल्ट देखने को मिलता है जहा पर बताया जाता है की कंप्यूटर में कितने वायरस है अगर वायरस होता है तो उसके बाद रिमूव का विकल्प देखने को मिलता है . रिमूव बटन पर क्लिक कर आप खोजे गए वायरस को अपने कंप्यूटर सिस्टम से बहार कर देगा.
चरण 4: भविष्य के संक्रमण को रोकें
भविस्य में वायरस को कंप्यूटर में आने से रोने के लिए आप स्कैन को ऑटो सचेडूले करे जिससे की सप्ताह में एक या दो बार आपका कंप्यूटर स्कैन हो इस तरीके से आप अपने कंप्यूटर को जायदा सुरक्षित रख सकते है.
इसके अलावा एक्सटर्नल डिवाइस को कंप्यूटर से जोड़ने के बाद उससे भी सबसे पहले स्कैन करे और तभी खोले.
अक्सर आप किसी न किसी से सुनते होंगे की मैंने ऑनलाइन शॉपिंग की है मैंने ऑनलाइन ये सामान ख़रीदा या फिर आप खुद भी ऑनलाइन ख़रीददारी करते होंगे. क्या आप जानते है की ऑनलाइन जब आप किसी सामान को खरीदते है तो उसका भुगतान भी ऑनलाइन ही करना होता है.
ऑनलाइन भुगतान करने के लिए उस वेबसाइट या एप्लीकेशन को पेमेंट गेटवे लगी होती है जिसका उपयोग कर आप नेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर आप ऑनलाइन ख़रीददारी कर पाते है.
आप में से कई सारे लोग होंगे जिन्हे शायद नहीं मालूम होगा की Payment Gateway Kya Hai और कैसे काम करता है. पर आपको इसके बारे में जरूर जानना चाहिए.
यदि आप ऑनलाइन किसी सामान को सेल करना चाहते है या ऑनलाइन बिज़नेस शुरू करना चाहते है तो भी आपको पेमेंट गेटवे के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए.
दोस्तों आज इस लेख में हम आपको पेमेंट गेटवे से जुड़ी सभी जानकारी देने वाले है जैसे की Payment Gateway Kya Hai और ये कैसे काम करता है.
तो चलिए सबसे पहले जानते है की ये पेमेंट गेटवे होता क्या है?
Payment Gateway Kya Hai? (What is Payment Gateway in Hindi)
पेमेंट गेटवे एक तरह की तकनीक(technology) है जिसका उपयोग व्यापारियों के द्वारा अपने ग्राहकों से डेबिट या क्रेडिट कार्ड खरीद को स्वीकार करने के लिए किया जाता है.
यह एक सर्विस है जो कस्टमर के डेबिट और क्रेडिट कार्ड की जानकारी को वेबसाइट से कार्ड पैमेंट नेटवर्क को भेजती है और प्रोसेस होता है और फिर ट्रांसक्शन के परिणाम की जानकारी पेमेंट नेटवर्क से लेकर वेबसाइट को भेजता है.
आप ऑनलाइन वेबसाइट या मोबाइल डिवाइस पर डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भुगतान स्वीकार करते हैं या स्वीकार करना चाहते हैं तो आपके व्यवसाय(कंपनी) को पेमेंट गेटवे की आवश्यकता है।
आसान शब्दों में.
भुगतान गेटवे उपभोक्ता का सामना करने वाले एक इंटरफेस हैं जिनका उपयोग भुगतान एकत्र करने के लिए किया जाता है।
हमें भुगतान गेटवे और मर्चेंट खाते की आवश्यकता क्यों है (Why We Need Payment Gateway In Hindi)
अपनी वेबसाइट पर भुगतान स्वीकार करना शुरू करने के लिए, आपको एक व्यापारी खाते और भुगतान गेटवे की आवश्यकता होती है
यही एकमात्र तरीका है जिससे आप अपनी वेबसाइट या एप्लीकेशन पर ऑनलाइन भुगतान स्वीकार करना शुरू कर सकते हैं।
यदि आप एक ऑनलाइन व्यवसाय के मालिक हैं, तो आपको बस एक व्यापारी खाता(मर्चेंट अकाउंट) होना चाहिए।
एक मर्चेंट अकाउंट एक मर्चेंट और एक अधिग्रहण बैंक के बीच का समझौता है, जिस पर डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भुगतान की प्रक्रिया कर सकता है और स्वीकार कर सकता है।
उम्मीद है अब आप जान गए होंगे की पेमेंट गेटवे क्यों ज़रुरी है.
भुगतान गेटवे कैसे काम करते हैं (How Payment Gateways Work in Hindi)
भुगतान गेटवे आपको अपनी वेबसाइट को भुगतान प्रोसेसर से जोड़ने की अनुमति देता है।
निम्नलिखित मूल चरण हैं जो दिखाते हैं कि एक विशिष्ट पेमेंट गेटवे कैसे काम करता है
चरण 1: सबसे पहले ग्राहक अपने आदेश को रखता है और फिर वेबसाइट पर सबमिट या चेकआउट बटन को दबाता है
चरण 2: एक बार ऐसा होने के बाद, वेबसाइट प्लेटफॉर्म ग्राहक को भुगतान गेटवे पर ले जाता है, जहां वह डेबिट या क्रेडिट कार्ड के बारे में सभी प्रासंगिक जानकारी देता है जिसका वे भुगतान करने के लिए उपयोग कर रहे हैं।
उसके बाद पेमेंट गेटवे तब उपयोगकर्ता को सीधे जारी करने वाले बैंक के पृष्ठ या एक 3D सुरक्षित पृष्ठ पर ले जाता है और लेनदेन को अधिकृत करने के लिए कहता है।
चरण 3: गेटवे संवेदनशील डेटा को एन्क्रिप्ट करके कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक भुगतान को अधिकृत करता है। एक बार पेमेंट गेटवे को लेन-देन के लिए अनुमति मिल जाती है तो बैंक इस बात की जांच करता है कि ग्राहक के पास इस लेनदेन को सफल बनाने के लिए खाते में पर्याप्त शेष राशि है या नहीं
चरण 4: भुगतान गेटवे व्यापारी को तदनुसार संदेश भेजता है। यदि बैंक पोर्टल से प्रतिक्रिया के रूप में “हां” आती है, तो व्यापारी बैंक से लेनदेन चाहता है
यदि बैंक से उत्तर “नहीं” है, तो व्यापारी बाद में ग्राहक को एक त्रुटि संदेश भेजता है और उन्हें डेबिट या क्रेडिट कार्ड या बैंक खाते के साथ समस्या के बारे में बताता है
चरण 5: बैंक पेमेंट गेटवे के साथ पैसे का निपटान करता है और पेमेंट गेटवे बदले में व्यापारी के साथ पैसे का निपटान करता है
एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो ग्राहक को ऑर्डर दिए जाने का एक पुष्टिकरण संदेश मिलता है.
भुगतान गेटवे का उदाहरण (Examples of a Payment Gateway in Hindi)
अब तक आप जान गए होंगे की पेमेंट गेटवे क्या है और इसका उपयोग क्यों होता है. पर आपके मैं में सवाल ज़रूर होगा की कौन कौन से पेमेंट गेटवे उपलब्ध है जिसका उपयोग किया जा सकता है.
हम आपको कुछ पेमेंट गेटवे का उदाहरण दे रहे है.
CCAvenue
PayUbiz
Razorpay
PayPal
इत्यादि
ये सभी टॉप पेमेंट गेटवे जिनका उपयोग वेबसाइट से ऑनलाइन पेमेंट पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
पेमेंट गेटवे कैसे जानकारी को सुरक्षित रखता है (How a payment gateway keeps information secure)
भुगतान गेटवे इंटरनेट पर भुगतान स्वीकार करने के लिए एक बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण टर्मिनल है।
सुरक्षा के संदर्भ में, पेमेंट गेटवे इंटरनेट पर लेन-देन करते समय 100% यूजर के डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करता है, साथ ही उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी की 100% गोपनीयता भुगतान गेटवे के माध्यम से इंटरनेट पर करता है।
पेमेंट गेटवे सबसे विश्वसनीय और सुरक्षित तृतीय पक्ष प्रमाण पत्र प्राधिकारी (सीए) से एसएसएल प्रमाणपत्र का उपयोग करता है।
एसएसएल प्रमाणपत्र उन डेटा को एन्क्रिप्ट करता है जो भुगतान गेटवे के माध्यम से ऑनलाइन लेनदेन करते समय वेब ब्राउज़र से वेब सर्वर पर स्थानांतरित होते हैं।
एसएसएल प्रमाणपत्र उपयोगकर्ताओं को 256 बिट कुंजी के सबसे कठिन एन्क्रिप्शन ताकत के साथ वित्तीय डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करता है जो इंटरनेट पर उपयोगकर्ताओं की जानकारी की सुरक्षा के लिए सबसे कठिन एन्क्रिप्शन और डिक्रिप्शन एल्गोरिदम को सक्षम करता है।
इस तरीके से पेमेंट गेटवे ट्रांसक्शन को सुरक्षा प्रदान करता है और साथ ही उपयोगकर्ताओं के डाटा को भी सुरक्षित रखता है.
भुगतान गेटवे का उपयोग करने के लाभ (Benefits of using a Payment Gateway)
आप पेमेंट गेटवे के बारे में समझ गए और अब जानने की बात है की पेमेंट गेटवे के उपयोग से क्या क्या फायदे है.
पेमेंट गेटवे के उपयोग से तेजी से भुगतान प्रसंस्करण हो पता है जो की किसी भी बिज़नेस के लिए बहुत ही अच्छा होता है.
आपको अपने लेन देन को संसाधित करने के लिए किसी को भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है, और आपको कागज़ के चालान और बयानों का उत्पादन करने के लिए भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होती है आपको या किसी कर्मचारी को स्वयं समय नहीं देना होता है
एक ऑनलाइन भुगतान पोर्टल(Online Payment Portal) होने से यह सुनिश्चित होता है कि आपकी साइट हर समय भुगतान तैयार करने के लिए सुसज्जित है। यह आपके क्लाइंट को कहीं भी और कभी भी भुगतान करने की अनुमति देता है। यह आपके ग्राहकों के लिए मददगार है और उपभोक्ता निष्ठा की गारंटी देता है।
एक ऑनलाइन भुगतान ढांचा निरंतर भुगतान प्रक्रियाओं की देखभाल के लिए सुसज्जित है। इसे काम करने के लिए अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता नहीं है इसका मतलब है कि व्यवसाय करने की लागत कम है और साथ ही समय कम लगता है, और आपके लिए अधिक आवश्यक व्यवसाय मामलों पर ध्यान केंद्रित करने का अधिक अवसर होता है।
कई प्रकार के भुगतान को तुरंत स्वीकार करने की क्षमता पेमेंट पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध हो पाती है जिसके कारण अलग अलग डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड कस्टमर को आप अपने पोर्टल पर ला पते है.
उपयोगकर्ताओं को वस्तुओं और सेवाओं को ऑनलाइन खरीदने की अनुमति देकर, आप उन्हें अपनी शर्तों पर वस्तुओं का भुगतान करने की अनुमति दे पाते है.
पेमेंट गेटवे के उपयोग से इस तरह के और भी कई सारे फायदे होते है
पेमेंट गेटवे हर ऑनलाइन बिज़नेस के लिए बहुत ही ज्यादा लाभकारी है क्योंकि आपका पैसा और समय दोनों बचाता है और साथ इससे के उपयोग से आपका भुगतान का काम ज्यादा से ज्यादा हो पाता है.
अगर आप ऑनलाइन बिज़नेस करते है तो आपको जरुरत है की बढ़िया से बढ़िया पेमेंट गेटवे चुने जिसकी सर्विस अच्छी हो और जो आप से हर ट्रांसक्शन पर कम से कम फी ले.
अगर आप सोच रहे है की पेमेंट गेटवे कैसे चुने तो यहाँ पर हम को बताने जा रहे कुछ तरीके जिनसे आपको बढ़िया पेमेंट गेटवे का चयन करने में आसानी होगी.
सही भुगतान गेटवे कैसे चुनें (How to Find the Right Payment Gateway)
यदि आप एक ऑनलाइन स्टोर स्थापित करने की प्रक्रिया में हैं, तो कुछ बिंदु पर आपको अपने पोर्टल या एप्लीकेशन को भुगतान सक्षम करने की आवश्यकता होगी।
अपने ग्राहकों से भुगतान स्वीकार करना आसान नहीं है लेकिन यह जटिल भी नहीं है
आपको बस अपने व्यवसाय के लिए सही भुगतान गेटवे खोजने की आवश्यकता है
सही भुगतान गेटवे के साथ आप ग्राहकों को अपने उत्पादों के लिए भुगतान करना बहुत ही आसान बना सकते हैं
पेमेंट गेटवे का चुनाव करते समय आप निम्नलिखित बातो पर ध्यान देना चाहिए.
सेटअप शुल्क या लेनदेन शुल्क को जाने :
प्रत्येक पेमेंट गेटवे का सेटअप फीस और ट्रांसक्शन चार्ज अलग अलग रहता है तो आप इनके बार में ज़रूर जाने की आपको कितना चार्ज देना होगा. साथ ही अलग अलग पैमेंट गेटवे के चार्जेज की तुलना करे.
आपको स्वचालित बिलिंग सहायता की आवश्यकता है, तो निर्णय लें
आपको स्वचालित बिलिंग सहायता की जरुरत है तो आप इस विकल्प को ले सकते है जो आपके ऑनलाइन ट्रांसक्शन से जुड़े काम को आसान बनाएगा. अधिक जानकारी के लिए पेमेंट गेटवे के बिलिंग टीम से भी संपर्क कर सकते है.
क्या आप विदेशी ग्राहकों की सेवा करते हैं:
यही आप विदेशी ग्राहक को भी अपने पोर्टल से प्रोडक्ट खरीदने और भुगतान करने की सुविधा देने की सोच रहे है तो ऐसे में आपको वैसे पेमेंट गेटवे को चुनना होगा जो अंतरराष्ट्रीय लेन देन को स्वीकार करती है.
एकाधिक भुगतान गेटवे विकल्प रखें:
अगर आप अपने बिज़नेस को बढ़िया तरीके से चलना चाहते और ग्राहक को अच्छी सुविधा देने की सोचते है तो आपको एक से अधिक पेमेंट गेटवे को रखने की जरुरत होती है. कई बार हमारा पैमेंट गेटवे काम नहीं कर पात है तो ऐसे में आप स्विच कर दूसरे से ट्रांसक्शन को जारी रख पाते है और ट्रांसक्शन में बाधा नहीं होती है.
आपके भुगतान गेटवे की प्रतिष्ठा:
जब आपने पेमेंट गेटवे के बारे में जानकारी हासिल कर ली है और उसका चार्जेज भी आपको सही लग रहा है तो ऐसे में अब आपको उसके रिव्यू को भी देखना चाहिए
यानि की जो लोग उस गेटवे का उपयोग कर रहे है उनका उस कंपनी के सर्विस के बारे में क्या राय है. उनको कंपनी की सर्विस कैसे लग रही है.
ऐसा करने से आपको गेटवे देने वाले कंपनी की सही जानकारी मिल पायेगी.
ग्राहक सहायता:
जब हम ऑनलाइन बिज़नेस शुरू करते है तो ज़रुरी नहीं की हर बातों की जानकारी हो ऐसे में जब आप ऑनलाइन ट्रांसक्शन के लिए पेमेंट गेटवे की इंटेग्रटे करते है तो उस दौरान आपको कई बार परेशानी आती है
ऐसे में आपको जरुरत होती है सपोर्ट की.
बहुत सारे पैमेंट गेटवे देने वाली कंपनी की सपोर्ट अच्छी होती और वो आपको लाइव चाट और फ़ोन कॉल की द्वारा समय समय से मदद करते रहते है.
इसलिए पेमेंट गेटवे लेते समय आप इस बात पर ध्यान दे की कंपनी जो पेमेंट गेटवे प्रदान कर रही है उसकी सपोर्ट टीम कैसी है और जरुरत होने पे आपको मदद मिल पायेगी या नहीं.
हमने सभी महत्वपूर्ण टिप्स को आपके साथ शेयर किये है जिसकी मदद से आपको सही पेमेंट गेटवे को चुनने में आसानी होगी. अगर आपको कोई जानकारी है जो चुनाव करने में सही मदद कर सकती है तो आप कमेंट में ज़रूर लिखे.
निष्कर्ष: Payment Gateway Kya Hai
इस लेख में आपको पेमेंट गेटवे से जुड़ी सभी जानकारी मिल गयी होगी. अगर आप ऑनलाइन बिज़नेस शुरू करना चाहते है तो ऐसे में पेमेंट गेटवे की आपको अवस्य्क्ता होती है. पेमेंट गेटवे आपके भुगतान के काम को आसान बना देता है साथ ही भुगतान लेने के लिए आपको अलग से स्टाफ रखने की जरुरत नहीं होती है और किसी को इस काम पर अलग से समय देने की भी जरुरत नहीं होता है.
गेटवे का उपयोग कर आप भुगतान को आसान बना पाएंगे और अपने बिज़नेस को और भी ज्यादा बढ़ा पाएंगे क्योंकि इसके माध्यम से ज्यादा ट्रांसक्शन हो पता है. ऑनलाइन पेमेंट लेकर कर आप अपने ग्राहक और अपना कीमती समय को बचा पाएंगे और इस समय को आप अपने व्यापार को आगे बढ़ने में लगा सकेंगे.
उम्मीद है की आपको पेमेंट गेटवे से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त हुई होगी की पेमेंट गेटवे क्या है और कैसे काम करता है अगर दी गयी जानकारी अच्छी लगी हो तो इस लेख को अपने दोस्तों के साथ शेयर ज़रूर करे और उन्हें भी जानने में मदद करे.