Friday, April 4, 2025
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YouTube Channel Kaise Banaye

आज ऑनलाइन इनकम करने का सबसे अच्छा जरिया में से एक यूट्यूब है

कई सारे लोग यूट्यूब पर फुल टाइम काम करके पैसे कमा रहे हैं तो वहीं पर कई सारे लोग ऐसे भी हैं जिन्हें यह नहीं मालूम यूट्यूब से पैसे कमाया जा सकता है

अगर आपको भी नहीं मालूम है की YouTube Channel Kaise Banaye और यूट्यूब से पैसे कैसे कमाया जाता है तो यह पोस्ट आपके लिए बहुत ही ज्यादा हेल्पफुल होने वाला है

पोस्ट में आप स्टेप बाय स्टेप जानेंगे की मोबाइल से युटुब चैनल कैसे बनाया जाता है

अब आप को बताते है की यूट्यूब चैनल आप अपने मोबाइल फ़ोन यानि की स्मार्टफोन से कैसे बना सकते है वो भी कुछ ही मिनटों में.

Mobile से YouTube Channel Kaise Banaye

जब आप एंड्राइड फ़ोन खरीदते है और उससे चालु करते है तो उसमे कुछ भी फीचर उपयोग करने से पहले आपको अपना जीमेल अकाउंट यानि की गूगल अकाउंट सेटअप करना होता है.

बिना सेटअप किये हुए आप एंड्राइड फ़ोन के सभी फीचर्स का उपयोग सही से नहीं कर सकते है. उम्मीद करता हु की आपने अपने फ़ोन में गूगल अकाउंट पहले से सेटअप कर रखा है 

Step 1: 

सबसे पहले आपको अपने एंड्राइड फ़ोन में यूट्यूब एप्लीकेशन को ओपन करना है. अगर एप्लीकेशन नहीं तो प्लेस्टोरे से डाउनलोड कर इनस्टॉल कर ले.

Step 2:

अब आप दाहिने तरफ ऊपर कोने पर बने आइकॉन पर क्लिक/टच करे.

Step 3:

अब एक नया स्क्रीन दिखेगा जिसपर तीसरा विकल्प Your channel(योर चैनल) का ऑप्शन दिखेगा उस पर टच करे.

Step 4:

अब फिर से एक नई स्क्रीन ओपन होगा. यहाँ पर आपको पिक्चर और नाम का विकल्प देखने को मिलेगा.

  1. यहाँ से फोटो आइकॉन पर टच कर आप अपने चैनल के लिए फोटो अपडेट कर सकते है.
  2. नाम के सामने जो पेंसिल आइकॉन है उस पर क्लिक कर आप अपने चैनल को जो नाम रखना चाहते है वो लिखे और ऊपर दिए गए सेव बटन पर क्लिक कर सेव कर दे.

Step 5:

चैनल के लिए डिटेल्स अपडेट कर लेने के बाद आपको अब क्रिएट चैनल बटन पर क्लिक करना है. 

जैसे ही आप बटन पर टच करेंगे थोड़ी देर में नए स्क्रीन यानी की चैनल का स्क्रीन ओपन हो जायेगा और वह पर आपको Channel created मैसेज दिख जायेगा.

मुबारक हो, अपने सफलतापूर्वक अपना यूट्यूब चैनल बना लिया है और आप आपने चैनल पर वीडियो बना कर अपलोड कर सकते है.

YouTube चैनल से जुड़े सामान्य सवाल और उनके जवाब 

YouTube चैनल शुरू करने के लिए क्या आवश्यक है?

कंप्यूटर या लैपटॉप
Content रिकॉर्ड करने के लिए स्मार्टफोन या अन्य कैमरा
ट्राइपॉड्
माइक्रोफोन
वीडियो एडिट करने के लिए Editing सॉफ्टवेयर
लाइट

क्या यूट्यूब चैनल बनाना फ्री है?

यूट्यूब चैनल बनाना पूरी तरह से फ्री है। जब आप अपने चैनल के लिए Content बनाना शुरू करते हैं तो वह पर आपको पैसे खर्च करने की जरुरत पर सकती है जैसे की कैमरा या स्मार्टफोन, माइक्रोफोन, लाइट, कंप्यूटर या लैपटॉप, एडिटिंग सॉफ्टवेयर इत्यादि में 

क्या यूट्यूब चैनल बनाना फ्री है?

यूट्यूब चैनल बनाना पूरी तरह से फ्री है। जब आप अपने चैनल के लिए Content बनाना शुरू करते हैं तो वह पर आपको पैसे खर्च करने की जरुरत पर सकती है जैसे की कैमरा या स्मार्टफोन, माइक्रोफोन, लाइट, कंप्यूटर या लैपटॉप, एडिटिंग सॉफ्टवेयर इत्यादि में 

क्या यूट्यूब पर वीडियो पोस्ट करने में पैसे लगता है?

YouTube पर वीडियो अपलोड करना मुफ़्त और आसान है, और आप बिना किसी सीमा के जितने चाहें उतने वीडियो अपलोड कर सकते हैं

YouTube से भुगतान पाने के लिए आपको कितने Subscribers की आवश्यकता है?

YouTube से सीधे पैसा कमाना शुरू करने के लिए, क्रिएटर्स के पास पिछले एक साल में कम से कम 1,000 सब्सक्राइबर और 4,000 देखने का समय होना चाहिए

YouTube शॉर्ट्स कैसे पैसे कमाते हैं?

शॉर्ट्स फंड से भुगतान के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए, चैनलों ने पिछले 180 दिनों में कम से कम एक योग्य शॉर्ट अपलोड किया होगा।

अब YouTube का मालिक कौन है?

गूगल

YouTube आपको भुगतान कैसे करता है?

आपकी YouTube आय के भुगतान का प्राथमिक तरीका AdSense के जरिये होता है। ऐडसेंस गूगल का विज्ञापन प्रस्तुत करने वाला एक कार्यक्रम का नाम है

YouTube Se Paise Kamane Ka Tarika

निष्कर्ष: YouTube Channel Kaise Banaye

इस वीडियो में अपने स्टेप बी स्टेप जाना की स्मार्टफोन से YouTube channel kaise banaye. इस लेख को पढ़ने के बाद आप आसानी से अपना खुद का चैनल बना कर उसका नाम और लोगो बदल पाएंगे. अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी तो इससे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे. 

अगर इस पोस्ट से ज़ुरा आपका सवाल या सुझाव हो तो आप कमेंट में लिख हमे जरूर बताया हम आपकी मदद करने में ख़ुशी होगी.

NCC Ka Full Form Kya Hai – Full Form of NCC in Hindi

क्या आप NCC के बारे में जानते है। NCC Ka Full Form क्या है – Full Form of NCC in Hindi , एनसीसी क्या है, एनसीसी को जॉइन कैसे करे। एनसीसी जॉइन करने के क्या फायदे है, और इसके अलावा भी बहुत कुछ जो कि हर किसी को जानना चाहिए, जो एनसीसी में cadre बनने की सोच रहे है।

तो चलिए दोस्तो आज एनसीसी के बारे में सारी जानकारी विस्तार से जानते है,  ध्यान से देखिए इन सारी जानकारी को, यहाँ पर आपको वो सारी जानकारी आपको मिलेंगे, इसलिए इसको ध्यान से देखे।

बहुत से ऐसे छात्र और आदमी है जिसको इसके बारे में जानकारी नही होगी, तो चलिय इसको ध्यान से देखिए , यहाँ पे आपको एनसीसी के बारे में सारी जानकारी मिलेंगी।

तो चलिय फिर शुरू करते है।

NCC Ka Full Form Kya Hai - Full Form of NCC in Hindi

एनसीसी क्या है? (What is NCC in Hindi)

NCC क्या है इसको जानने के लिए सबसे पहले आपको इसका full फ्रॉम जानना होगा, तब ही इसको समझना आसान होगा तो जानते है इसका मतलब क्या होता है।।

NCC का मतलब राष्ट्रीय कैडेट कोर होता है।

राष्ट्रीय कैडेट कोर को सशत्रबल (Armed फ़ोर्स) का यूथ विंग्स कहा जाता है।

इस दुनिया के सबसे युवा संगठन में से एक है। जहाँ पर आपको अनुशासन और नेतृत्व के आधार पर प्रशिक्षित किया जाता है।

नेशनल Cadet core एक त्रि-सेवा संगठन है। जिसमे नौसेना, सेना, और वायु सेना शामिल है।

NCC की शुरुआत 1948 ई0 में हुआ था। यह पूरे भारत में हाइस्कूल, उच्य माध्यमिक, कॉलेजों, और विश्वविद्यालयों में कैडेटों की भर्ती करता है। ताकि देश के युवाओ के अनुशासित और देशभक्त नागरिकों में परिवर्तित और संवार सके।

NCC Ka Full Form हिंदी में (Full Form of NCC in Hindi)

NCC का फुल फ्रॉम National Cadet Corps. 

इसका हिंदी मतलब राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) होता है। 

एनसीसी की उत्पत्ति

भारत मे NCC 1948 ई0 की राष्ट्रीय कैडेट कोर अधिनियम के साथ बनाई गई थी। इसकी उत्पत्ति 16 जुलाई 1948 ई0 में हुई थी। 

एनसीसी की उत्पत्ति सेना की कमी को पूरा करने के लिए किया गया था। भारतीय रक्षा अधिनियम 1917 के तहत बनाया गया था, जो विश्विद्यालय कोर में हुई थी।

राष्ट्रीय कैडेट कोर 16 जुलाई 1948 को रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत NCC के XXXXI एक्ट के तहत निम्नलिखित उद्देश्य से आस्तित्व में आया था।

  • देश के युवाओं में चरित्र, भाईबन्दी सेवा का आदर्श और नेतृत्व के लिए क्षमता विकसित करना।
  • युवाओ को सेवा कालीन प्रशिक्षण प्रदान करके देश की रक्षा में रुचि जगाने के लिए प्रोत्साहन करना।
  • एक राष्ट्रीय आपात स्थिति, में एक आरक्षित का निर्माण करके सस्त्र सेनाओ को सक्षम करने की दिशा में तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

NCC का इतिहास (History of NCC in Hindi)

राष्ट्रीय कैडेट कोरे यानी कि NCC भारत के युवा सैन्य संगठन में एक है NCC जिसका गठन युवाओं में सेना के प्रति जागरूकता लाने के लिए किया गया था।

द्वितीय विश्व युद्ध के वक़्त ब्रिटिश सेना को सहायता देने के लिए अपने सैन्य बलो को भेजा। उस समय यूनिवर्सिटी ऑफिसर ट्रेनिंग कोर (युओंटीसी)  को भेज गया था। लेकिन युद्ध के दौरान युओंटीसी ने काफी निराश किया। जिसके बाद यह पाया गया कि यह बल अब युद्व स्तर के लिए काफी नही है, इसमें बहुत सारी ढेरो कमियां है,। जिस वजह से भारत की आजादी के बाद यूओटीसी और यूटीसी को मिलाकर एक नई सैन्य बल का गठन किया गया, जिसका नाम NCC पड़ा। इन दोनों के मिलान से NCC का गठन किया गया।

एनसीसी का लक्षय 

नेशनल कैडेट कोर के काम करने का मोटो है, एकता और अनुशासन (Unity and Discipline )

अभी वर्तमान में 3 लाख से ज्यादा स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थिय युवा इस संगठन के माध्यम से राष्ट की सेवा में शामिल है, जो एकता और अनुशासन के आदर्श पर आधारित है।

NCC Day कब मनाया जाता है?

हर साल नवंबर महीने के आखिरी रविवार को NCC डे मनाया जाता है। जो कि इस साल 71वा NCC दिवस मनाया जाएगा।

23 जनवरी को पहली बार NCC की स्थापना के उपलक्ष्य में मनाया गया था।

NCC का मुख्यालय कहाँ पर स्तिथ है?

NCC का मुख्यालय नई दिल्ली में है।

एनसीसी का झंडा (Flag of NCC in Hindi)

1954 ई0 में NCC के झंडे को डिज़ाइन किया गया था। इनमें 3 रंगों का वर्टीकल रूप से प्रयोग किया गया था। इसके बीच पतियों का वृत बना है, जिसके बीच में NCC लिखा हुआ रहता है। झंडे के ठीक नीचे इसकी एक टैगलाइन बन रहता है, जिसमें एकता और अनुशासन लिखा हुआ रहता है।

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एनसीसी की तयारी कैसे केरे

NCC की तैयारी की कोई जरूरत नही होती है, अगर आप 11वी या 12वी कक्षा में पढ़ रहे हैं तो किसी स्कूल लेवल पर स्कूल के अंदर आप जॉइन कर सकते हैं, इसमें किसी तैयारी की जरूरत नही होती, बस आपके शरीर के फिटनेस और आपके hight इसमें मान्य रखती हैं। अगर ये दोनों उस लाइक है तो आप उसको जॉइन कर सकते है। 

अगर आप स्कूल लेवल पर है तो वहाँ से और कॉलेज लेवल पर है तो वहाँ से जॉइन कर सकते हैं। 

NCC कैसे Join करें?

NCC में जोइनिंग का फॉर्म भरने से पहले आपको इन सभी शर्तों को पूरा करना होगा।

  • भारत का नागरिक होना जरुरी है| हालाँकि अगर आप नेपाल के निवासी हैं तब भी आप NCC को ज्वाइन कर सकते हैं
  • आप किसी शैक्षणिक संस्थान में छात्र होने चाहिए
  • Age Limit : आप की उम्र कम से कम 12 साल और अधिकतम उम्र 26 साल होनी चाहिए
  • NCC में जाने के लिए छात्र का पूरी तरह से physically fit होना जरुरी है

अगर आप अभी स्कूल में है तो आपको अपने स्कूल के प्रिंसिपल से बात करनी चाहिए. जिसके बाद आपके स्कूल के प्रिंसिपल आपको गाइड कर देंगे, और आपको NCC ज्वाइन करने का फॉर्म मिल जायेगा, जिसको आपको सही से भरना होगा

वहीं अगर आप एक कॉलेज के छात्र है और NCC ज्वाइन करने में इच्छुक हैं तो आपको अपने कॉलेज के किसी NCC officer से बात करनी चाहिए वह आपको NCC में भर्ती की पूरी प्रक्रिया समझा देंगे

अगर आपके स्कूल या कॉलेज में NCC battalion नहीं है तो आपको अपने किसी नजदीकी NCC Unit में जाकर संपर्क करना होगा

यह भी पढ़े.

NCC में दाखिला के लिए  योग्यता कितनी होनी चाहिए?

  • भारत का नागरिक होना जरुरी है| हालाँकि अगर आप नेपाल के निवासी हैं तब भी आप NCC को ज्वाइन कर सकते हैं
  • आप किसी शैक्षणिक संस्थान में छात्र होने चाहिए
  • Age Limit : आप की उम्र कम से कम 12 साल और अधिकतम उम्र 26 साल होनी चाहिए
  • NCC में जाने के लिए छात्र का पूरी तरह से physically fit होना जरुरी है

NCC में Certificates in Hindi

एनसीसी में छात्रों को प्रशिक्षण के स्तर को पूरा करने के बाद तीन तरह के प्रमाण पत्र दिए जाते हैं जैसे कि – 

NCC ‘A’ Certificate

NCC ‘B’ Certificate

NCC ‘C’ Certificate

प्रत्येक सर्टिफिकेट में ‘A’, ‘B’ और ‘C’ ग्रेड की ग्रेडिंग होती है| NCC का सबसे उच्चतम Certificate ‘C’ है जिसके साथ में ‘A’ Grading होती है| वही सबसे lowest rank का सर्टिफिकेट NCC ‘A’ Certificate होता है 

A, B and C certificate भारत के राष्ट्रीय कैडेट कोर द्वारा लिखित और परेड परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले कैडेट को प्रदान किए जाते हैं।

NCC ‘A’ Certificate 9th और 10th class के छात्रों के लिए होता है या आप यह भी बोल सकते की यह सर्टिफिकेट Junior Division / Junior Wing (JD/JW) के cadres को दिया जाता है

NCC ‘B’ और ‘C’ Certificate हाई स्कूल से ऊपर और College के छात्रों के लिए होता है (SD/SW)|

Note: NCC ‘C’ Certificate परीक्षा को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद ही आपको अपने करियर में अधिकांश लाभ मिलते हैं।

यह भी पढ़े.

FAQ on NCC [एनसीसी  से जुड़े सवाल और उनके जवाब ]

NCC कितने साल की होती है?

एनसीसी की जूनियर विंग में 2 साल और सीनियर विंग में 3 साल की ट्रेनिंग होती है

NCC ki स्थापना कब हुई थी?

16 अप्रैल 1948

एनसीसी के फॉर्म कैसे भरें?

सबसे पहले आप एनसीसी की ऑफिसियल वेबसाइट www.nccner.nic.in पर जाए । 
ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद आपको वेबसाइट के मेनू बार में Enrollment का ऑप्शन दिखाई देगा उसपर क्लिक करे  
अब आपके सामने रजिस्ट्रेशन फॉर्म दिखाई खुलेगा । 
इस फॉर्म को भर कर सबमिट करे.
एनसीसी का फॉर्म कैसे भरा जाता है?

2022 में एनसीसी की भर्ती कब निकलेगी?

एनसीसी में नए कैडेट्स की भर्ती प्रक्रिया 1 अगस्त से 31 अक्टूबर तक चलेगी

NCC गान के रचयिता कौन है?

NCC गान के रचयिता सुदर्शन फाकिर (Sudarshan Faakir) है।

एनसीसी की स्थापना कब हुई और किसने की?

भारत में एनसीसी 1948 की राष्ट्रीय कैडेट कोर अधिनियम के साथ बनाई गई थी।

भारत में कितने एनसीसी निदेशालय हैं?

देश में एनसीसी के कुल 17 निदेशालय हैं

Conclusion

तो चलिय दोस्तो आज बस इतना ही, हमने NCC के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की  

दोस्तो आशा करते हैं कि मेरे द्वारा दिया गए जानकारी से आप संतुष्ट होंगे, मेरे द्वारा बताई गई NCC क्या है के बारे में जानकारी आपको अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तो के साथ शेयर जरूर करे।

Best MilesWeb Review in Hindi

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अगर आप सस्ता और बढ़िया सर्विस वाली वेब होस्टिंग कंपनी की तलाश में है तो आप बिलकुल सही जगह पे है. 

आज इस लेख में हम आपके साथ एक सस्ती वेब होस्टिंग(MilesWeb Review in Hindi) के बारे में जानकारी देने वाले है जो बिलकुल आपके बजट में आ जाएगी और इससे लेकर आप अपना खुद वेबसाइट या ब्लॉग बना सके है.

आज बहुत सारे वेब होस्टिंग उपलब्ध है पर बहुत काम कम्पनिया है जो किफायती शुल्क पे वेब होस्टिंग सर्विस प्रदान करती वो भी बेहतरीन विशेषताओं और बढ़िया कस्टमर सपोर्ट सिस्टम के साथ.

ऐसे में नाम है माइल्सवेब का जो बढ़िया फीचर्स के साथ साथ सस्ती वेब होस्टिंग है. माइल्सवेब भारतीय वेब होस्टिंग उद्योग में सबसे तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों में एक नाम है।

माइल्सवेब को 2012 में लॉन्च किया गया था यह एक भारतीय वेब होस्टिंग कंपनी है जो असीमित सुविधाओं के साथ साथ  24/7 लाइव सपोर्ट सेवाएं प्रदान करती है।

तो आइए इस सबसे सस्ते भारतीय web hosting company के बारे में विस्तृत जानकारी देखें।

MilesWeb Review in Hindi

माइल्सवेब के बारे में (About MilesWeb in Hindi)

वेब होस्टिंग उद्योग में सबसे तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों में से एक कंपनी का नाम माइल्सवेब है। माइल्सवेब एक गतिशील वेब होस्टिंग कंपनी है जिसे वर्ष 2012 में स्थापित किया गया था। 

इस कंपनी के संस्थापक एक स्पष्ट उद्देश्य था की सस्ती कीमतों पर चौबीसों घंटे गुणवत्तापूर्ण वाली होस्टिंग सेवाएं प्रदान करना.

अगर आप एक विश्वसनीय वेब होस्टिंग की तलाश में है तो आपको बढ़िया वेब होस्टिंग पार्टनर खोजने के लिए कहीं भी खोज करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि मिलेस्वेब वेब होस्टिंग की बेहतरीन सेवाएं अपने ग्राहकों को प्रदान करता है वो किफ़ादि शुल्क पे.

MilesWeb विशेषताएं: 2021 में माइल्सवेब क्यों चुनना चाहिए?

Free SSL and Domain

मिलेस्वेब आपको आपकी वेबसाइट या ब्लॉग के लिए फ्री में सस्ल सर्टिफिकेट देता है साथ आपको १ साल के लिए एक डोमेन मुफ्त में देता है. 

तो ऐसे में अगर अपनी बनाने के लिए मिलेस्वेब होस्टिंग को चुनते है तो आपको अलग से डोमिन के पैसे नहीं लगाने होंगे आपको एक साल के लिए फ्री में डोमेन नाम जो आप लेना चाहते है और वो उपलब्ध होगा तो आसानी से मिल जायेगा. 

Great Speed And Response Time

मिलेस्वेब वेब होस्टिंग पे अपनी साइट को होस्ट करते है तो आपको बढ़िया साइट स्पीड के साथ अच्छा रेस्पोंसे टाइम भी देखने को मिलता है जो हर एक वेबसाइट के लिए बहुत ही जायदा जरुरी होता है.

cPanel 

मिलेस्वेब आपको सपनेल प्रदान करता है जब इससे वेब होस्टिंग लेते है इसकी मदद से आपने साइट के फाइल्स और डेटाबेस को आसानी से मैनेज कर पाते है. सपनेल आपके वेबसाइट से जुड़े काम को आसान कर देता है.

24/7 Customer Support

यहाँ से आप होस्टिंग लेते है तो आपको २४ घंटे और ७ दिन का सपोर्ट मिलेस्वेब की तरफ से मिलता है फ्री ऑफ़ कॉस्ट जिससे अगर साइट से रिलेटेड प्रॉब्लम आती है आप आसानी से कस्टमर सपोर्ट से बात कर सलूशन ले सकते है.

Money-Back Guarantee

यदि आपको माइल्सवेब की सेवाएं और समग्र अनुभव पसंद नहीं आता हैं, तो ऐसे में आप 30 दिनों की मनी-बैक गारंटी के साथ कवर किए जाते हैं। तो इन तीस दिनों के अंदर में आप अपना पैसा वापस ले सकते है.

Uptime

मिलेस्वेब में आपको वेबसाइट डाउन जाने की स्तिथि देखने को बिलकुल भी नहीं मिलती है. अगर आपकी साइट डाउन जाएगी तो इस चीज में नहीं सह सकते है ये सो और यूजर दोनों के लिए बहुत बुरा है. ऐसे में मिलेस्वेब का नो डाउनटाइम सिस्टम आपको बेहतरीन विकल्प प्रदान करता है.

MilesWeb Plans And Pricing Review in Hindi

मिलेस्वेब सबसे सस्ते होस्ट में से एक है जिसका शुरुआती प्लान सिर्फ ₹40 से शुरू है।

माइल्सवेब की प्लान्स और कीमतों के बारे में जानते है.

Shared Web Hosting

नई या कम ट्रैफ़िक वाली साइटों के लिए शेयर्ड वेब होस्टिंग एकदम उपयुक्त होस्टिंग है जहाँ आपको एक शेयर्ड सर्वर प्रदान किया जाता है जिसका उपयोग कई उपयोगकर्ताओं द्वारा किया जाता है।

Features:

  • Free Domain Name
  • Free SSL
  • Unmetered Bandwidth
  • Unlimited SSD Disk Space
  • One-Click Installer
  • Includes cPanel
  • Free Site Builder
  • Unlimited Sub-Domains and Parked Domains
  • Unlimited MySQL Databases
  • Automated Backup

Plans:

माइल्सवेब आपको अपनी साझा होस्टिंग के तहत तीन plans प्रदान करता है

  1. Solo
  2. Prime
  3. Multi
MilesWeb Shared Hosting

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WordPress Hosting

वर्डप्रेस वेबसाइटों के लिए वर्डप्रेस होस्टिंग एक अत्यधिक अनुकूलित समाधान है जो बेहतर स्पीड , बेहतर प्रदर्शन और एक शानदार अनुभव प्रदान करता है।

Features:

  • Free Domain
  • Free SSL
  • Unmetered Bandwidth
  • Unlimited SSD Disk Space
  • One-Click Installer
  • Includes cPanel
  • Free Site Builder
  • Unlimited Sub-Domains and Parked Domains
  • Unlimited MySQL Databases
  • Automated Backup

Plans:

माइल्सवेब वर्डप्रेस होस्टिंग आपको तीन अलग-अलग plans प्रदान करती है

  1. Solo
  2. Prime
  3. Multi
MilesWeb WordPress Hosting

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VPS Server Hosting

Features:

  • India-Based VPS
  • Managed and Unmanaged solutions
  • Full Root Access
  • SSD Disk Space
  • cPanel (WHM, Plesk, and more)
  • 100Mb/s Network
  • Custom Operating System
  • Unlimited Domains
  • Unlimited Email Accounts
  • Spam Protection and Malware Removal

Plans:

MilesWeb आपको छह प्रबंधित VPS योजनाएं प्रदान करता है जो इस प्रकार हैं V1, V2, V3, V4, V5, and V6.

MilesWeb VPS Hosting

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Dedicated Hosting

माइल्सवेब के पास आठ अलग-अलग डेडिकेटेड सर्वर योजनाएं प्लान उपलब्ध है जैसा कि आप देख सकते हैं, आप उनके उपलब्ध प्लान्स और उनकी कीमतों को देख उसके अनुसार सर्विस ले सकते हैं।

Features:

  • High Performance
  • Choice for cPanel
  • Intel-Powered Processor
  • 100% Guaranteed Resources
  • Custom Operating System
  • Full Root/SSH Access
  • Up to 128GB of RAM
  • Highly Secure
  • Premium Bandwidth

Plans:

माइल्सवेब के पास आठ अलग-अलग डेडिकेटेड सर्वर योजनाएं प्लान उपलब्ध है

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Reseller Server Hosting

रेसलर प्लान्स उन उपयोगकर्ताओं के लिए सबसे अच्छा विकल्प हैं जो वेब होस्टिंग बेचकर कमाई करना चाहते हैं।

रेसलर प्लान्स लेकर आप अपने यूजर्स को अपनी कीमत पर वेब होस्टिंग बेचकर अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं।

Features:

  • Highly Affordable
  • Unlimited Accounts and Bandwidth
  • Free Migration
  • Free SSL Certificate
  • Cpanel Included
  • Choice of DataCenters
  • SSD Disk Storage
  • Free Setup
  • Professional Emails

Plans:

MilesWeb आपको वर्तमान में चार अलग-अलग reseller plans प्रदान करता है

  1. Micro
  2. Startup
  3. Grow
  4. Expand

Add plan image…here

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आपके लिए माइल्सवेब कौन सा प्लान सर्वश्रेष्ठ है?

हम जानते हैं कि माइल्सवेब आपको कई योजनाएं Shared, WP, VPS, समर्पित और पुनर्विक्रेता प्रदान करता है, और उनमें से किसी एक को चुनने के लिए विशेषज्ञ सलाह की आवश्यकता हो सकती है।

Shared Hosting Plan उन यूजर्स के लिए सबसे अच्छी योजना है जो शुरुआती हैं, कम बजट वाले हैं

अगर आप एक छोटी वेबसाइट शुरू करना चाहते हैं और सीखना चाहते हैं। यदि आप उम्मीद करते हैं कि आपका ट्रैफ़िक निम्न स्तरों पर सीमाबद्ध होगा, तो आप shared hosting के शुरुआत करे 

इसे भी पढ़े:

माइल्सवेब के लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प

अगर मिलेस्वेब के अलावा अगर कोई दूसरा विकल्प देख रहे है तो ऐसे में कई सारे वेब होस्टिंग प्रोवाइडर मार्किट में उपलब्ध है जिनसे आप अपने बजट के हिसाब होस्टिंग् प्लान ले सकते है. 

कुछ अच्छे वेब होस्टिंग प्रोवाइडर ब्लॉग के लिए जो है उनका नाम इस प्रकार से है.

Hostinger
Bluehost
HostGator

FAQ on MilesWeb

क्या माइल्सवेब एक अच्छा वेब होस्टिंग कंपनी है?

जी हाँ, माइल्सवेब किफायती डरो पे सर्वश्रेष्ठ वेब होस्टिंग प्रदाताओं में से एक है

मिलेस्वेब का शुरुआती प्लान कितने से है.?

MilesWeb की शेयर्ड होस्टिंग मात्र Rs 40 प्रति माह से शुरू होती है।

अगर मुझे माइल्सवेब वेब होस्टिंग की सर्विस पसंद नहीं आया तो क्या करना होगा?

यदि आप माइल्सवेब से वेब होस्टिंग खरीदने के बाद उसकी सुविधा और सेवा अच्छी नहीं लगती है , तो आप खरीद के 30 दिनों के भीतर अपने पैसे वापस के लिए कह और ले सकते हैं।

माइल्सवेब के वैकल्पिक कुछ बेहतरीन वेब होस्टिंग प्रदाता कौन से हैं?

Hostinger
BlueHost
HostArmada
GreenGeeks
HostGator
Namecheap

MilesWeb Review in Hindi पर निष्कर्ष

इस माइल्सवेब होस्टिंग रिव्यु में, हमने माइल्सवेब से संबंधित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को देखा और जाना है।

तो इससे हमने यह पाया की यदि आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट के लिए एक किफायती वेब होस्टिंग सर्विस की तलाश में हैं तो माइल्सवेब एक बढ़िया विकल्प है।

दोस्तों मिलेस्वेब के बारे में इस ब्लॉग पोस्ट में हमने पूरी जानकारी दी है जिससे आपको मिलेस्वेब के फीचर्स, प्लान्स और प्राइसिंग की सही जानकारी मिल सके. अगर दी गयी जानकारी अच्छी लगी हो तो इससे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे. कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेंट सेक्शन में लिख हमे जरूर बताये.

pTron Bassbuds Vista Review In Hindi

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आज हमलोग जानेगे pTron Bassbuds Vista Review In Hindi के बारे में विस्तृत से पूरी जानकारी।

मुझे पता है, आपलोगो में से बहुत से ऐसे आदमी है, जिसको pTron bassbuds vista के फीचर्स के बारे में नही जानते होंगे,  की क्या क्या  है, इसकी कीमत क्या है,तथा अनेको जानकारी इसके बारे में।

यह एक प्रकार का हेडफोन है, जिसका उपयोग गाना सुनने या फोन पर बात करने के लिए किया जाता है, तथा इसके बैटरी इत्यादि अनेको जानकारी आज हमलोग जानेगे इस लेख के माध्यम से

Ptron bassbuds vista एक नया वायरलेस इयरफोन है, pTron bassbuds vista एक देशी कंपनी है। तो चलिए देखते है की इसमें क्या क्या फीचर हमे देखने को मिलता है.

pTron Bassbuds Vista Specifications

Ptrno bassbuds vista यह एक प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है, जिसका उपयोग हम एरेफोन के रूप में करते है। प्रमुख घरेलू ऑडियो असोसिरिज निर्माता कंपनी ने ptron के साथ दो ईयरबड्स लांच किए है।।

इसमें दो तरह के चीज शामिल है, एक ptron bassbuds vista और दूसरा ptron bassbuds pro शामिल है। जीनकी मार्केट में कीमत क्रमशः 1,299 रुपये और 1,199 रुपये शामिल है।।

इसमें ptron bassbuds vista वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट के जरिये आता है, तथा  ptron bassbuds pro एक डिजिटल बैटरी इंडिकेटर के साथ आता है।

आज के युग मे इयरफोन का डिमांड बहुत अधिक बढ़ गया है,  आज कल कस्टमर को बेहतर आवाज, बेहतर बैटरी बैकअप, और बेहतर कनेक्टिविटी, तथा बेहतर डिजाइनिंग वाला प्रोडक्ट ही ज्यादा पसंद आता है। इसलिए कंपनी भी आजकल के डिमांड को ध्यान में रखते हुए वैसे ही प्रोडक्ट को ज्यादा लंच करती है। उसी में से एक है ptron bassbuds vista जिसमें ठीक वैसा ही स्पेसिफिकेशन मिलता है।

pTron Bassbuds Vista

5W Qi Wireless Charge

तो चलिय दोस्तो अब हम जानते हैं, इसके कुछ ख़ास फीचर्स के बारे में।।

Ptron bassbuds vista  हेडफोन मे एक 5w का वायरलेस चार्जर पैड भी मिलता है। वही ptron bassbuds pro में इसकी चार्जिंग केस में डिजिटल डिस्प्ले मिलता है। और सबसे प्रमुख बात यह है कि दोनों कंपनियों को अमेजन इंडिया ने खरीदा है।

अगर आपको भी इस प्रोडक्ट को लेना हो तो अमेजन से खरीदा जा सकता है।

सबसे कमाल का फीचर इस मे 5w Qi चार्जिंग support और कंपनी एरफोन के साथ वायरलेस चार्जर भी देने वाली है, जो कि बहुत कम ऐसे कंपनी इस सुविधा को देती है। इसके साथ-साथ 400mh का चार्जिंग केस भी मिलेगा, जो की एरफोन के लिए बेस्ट backup पावर का काम करता है।

BT 5.1 Chipset

वायरलेस एरफोन में सबसे जरूरी स्पेसिफिकेशन है कि उसका फोन के साथ कनेक्टिविटी कैसी है, अगर आपने कभी ptron bassbuds vista का इस्तेमाल किया होगा तो आपको जरूर अंदाजा लग गया होगा कि अन्य हेडफोन के अपेक्षा इस हेडफोन को क्यों इतना महत्व दी जाती है। चाहे वो आपको गाना सुन ने में हो ,या किसी से फोन पर बात करने में हो, या फिर साउंड की किलरिटी के बारे में हो आदि अनेको प्रकार की कोई भी । आपको हर हेडफोन के अपेक्षा इसका इस्तेमाल बेहतर लगेगा।

इस बुलुथूथ में 5.1 के साथ साथ ip×4 की रेंटिंग भी मिलती है। इसमें चार्जिंग के साथ यूसबी टाइप सी का पोर्ट भी मिलेगा।  और चार्जिंग के लिए डिजिटल डिस्प्ले भी मिलेगा जिससे, बैटरी की सारी जानकारी भी मिलेगी।।

इसमें टच के साथ वायस कंट्रोल भी दिया गया है, यानी कि जिससे आप गूगल असिस्टेंट और एप्पल सिरी का भी इस्तेमाल कर सकते है।

IPX4 Sweat & Water-resistant

Ptron bassbuds vista में ip×4 वाटर रेजिडेंस है।  इसलिए यह दावा करता है, की यह पानी और पसीने के लिए प्रतिरोधी है।

इसका Ip×4 रेंटिंग है, जिसका अर्थ होता है कि यह समस्याओं के बिना किसी भी कोण से पानी के बौछार का प्रतिरोध करत है। वे हेडफोन नही है, इससे दूर पनडुब्बी या पानी के बड़े जेट का विरोध करने में सक्षम हैं।

Battery Life

कस्टमर को वायरलेस एरेफोन में सबसे बड़ी कठिनाई और परेशानी बैटरी के मामले में होता है। क्योंकि बहुत जल्द ही उसका बैटरी लाइफ डाउन हो जाता है,और कस्टमर को इससे दिकत आने लगती है। परंतु कस्टमर के तकलीफ़ को ध्यान में रखते हुए ptron bassbuds vista को कंपनीयो ने 12 घंटे की play टाइम लाइफ दी हैं। जो कि एक वीरलेस एरेफोन के लिए बहुत ही बेस्ट है। इससे कस्टमर को ट्रेवल करते समय या बैटरी से परेशानी नही आएगा।

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pTron Bassbuds Vista Price

तो दोस्तो जब इस तरह के लेटेस्ट मॉडल और इतना फीचर देने वाले प्रोडक्ट मार्केट में आता हैं, तो सभी को मन करता है लेने का पर लोग सोचते हैं कि इतना सारा खूबी होने के कारण इसका price भी बहुत ज्यादा होगा, जो हम नही ले पाएंगे।। पर इसमें ऐसा कुछ नही है, जी हाँ इस प्रोडक्ट का price सिर्फ हजारों में है।

ptron bassbuds vista का प्राइस कुछ ज्यादा नही, मात्र 999 रुपये है। जो कि लगभग सभी के बजट में आ सकता है।

इतनी सारी खूबी देने के बाद इतना सस्ता और हेडफोन के अपेक्षा हो तो कौन न लेना चाहेगा।। इतना फीचर दे कर इतना सस्ता में आने वाले ये हेडफोन और सब के अपेक्षा बहुत ही अच्छा है।

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pTron Bassbuds Vista Review In Hindi

हमने इसके बारे में सारी जानकारी की जाना, इतना सस्ता और इतना फ़ीचर देने वाले प्रोडक्ट कैसा है, ये आपको अच्छी तरह से समझ आ गया होगा।

मैं भी इस हेडफोन को कुछ समय से इस्तेमाल कर रहा हु। इसके साउंड, बैटरी, कनेक्टिविटी, और वायरलेस चार्जिंग को टेस्ट किया, मेरे एक्सपीरिएंस के हिसाब से जो सबसे बेहतर क्वालिटी इसमें मिलेगा वो है साउंड की क्लीरटी। 

क्योंकि मैंने कभी नही सोचा कि इतना कम दाम में हेडफोन ptron bassbuds vista में इतना बेहतर साउंड क्वालिटी है।

इसमें कंपनी कोई एक्सट्रा चार्ज नही लेती है, इससे बड़ी फायदा कस्टमर के लिए और क्या हो सकता है। इसका और सबसे बड़ा फायदा है कि फुल चार्ज करने के बाद 11 से 12 घंटे आराम से चलता है।

इस एरेफोन का ओरिजिनल price 2,999 रुपये है।  लेकिन इस समय यह अमेज़न पर disscount आफर चल रहा है, जिससे कि आपको अभी यह 1,299 रुपये में मिल रहे है। तो दोस्तो जल्द ही इस प्रोडक्ट का लाभ उठाएं, बिना देरी किये हुए।

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तो चलिए दोस्तो आज हमने पूरी डिटेल में जाना ptron bassbuds vista हेडफोन के बारे में। 

अगर मेरे द्वारा बताई गई जानकारी से आप संतुष्ट हैं तो इस लेख को अपने दोस्तो में शेयर जरूर करे। 

दोस्तो शायद ही कोई ऐसी कंपनी है जो इतना सस्ता में इतना फीचर वाले समान वायरलेस हेडफोन, वायरलेस चार्जिंग के साथ दे रही है, वो भी बिना किसी other चार्ज के। 

इसमें आपको अच्छा बैटरी, अच्छा साउंड तथा इसका best फीचर भी मिल रहा है। तो देर किस बात की दोस्तो एक बार इस प्रोडक्ट को try जरूर करे।

अगर आप मे से कोई इसका इस्तेमाल पहले से कर रहा है तो उसका एक्सपेरिएंस अपने दोस्तों को जरूर बताएं, और ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठाएं।

धन्यवाद।

Hartalika Teej Kyu Manaya Jata Hai | Hartalika Teej Kab Hai 2022 Me

Hartalika Teej 2022: क्या आप तीज व्रत के बारे में जानते है की तीज व्रत क्या है और Hartalika Teej Kyu Manaya Jata Hai. अगर आपको को हरतालिका तीज की जानकारी नहीं तो आज के इस लेख में आपको इसके बारे में पूरी जानकारी मिलेगी.

प्रत्येक साल भाद्रपद मास में कई व्रत-त्योहार आते हैं और उनमे से एक हरतालिका तीज भी है। ऐसा मन जाता है की इस व्रत को महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन के लिए करती हैं तो चलिए जानते है तीज पर्व के बारे में विस्तार से.

Hartalika Teej Kyu Manaya Jata Hai

हरतालिका तीज क्या है(What is Hartalika Teej in Hindi)?

Hartalika Teej 2022: हरतालिका तीज व्रत भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को प्रत्येक साल मनाया जाता है. इस दिन भगवन शिव और माता पारवती की पूजा की जाती है. इस व्रत को शादीशुदा महिलाओं के साथ ही कुमारी कन्याओं के द्वारा भी रखा जाता है 

इस व्रत को विवाहित स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं तो वही पर कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए 

चलिए जानते है की हरतालिका तीज व्रत करने के नियम क्या है.

Hartalika Teej Kyu Manaya Jata Hai

ये पर्व भगवान् महादेव और माता पार्वती को समर्पित होता है मन जाता है की इसी दिन माता पार्वती ने कठोर तपस्या के बाद भगवन शिव को प्राप्त किया था.

कुवारी लड़कियाँ इस त्यौहार को मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए करती है तो वही सुहागन महिलाये पति की लम्बी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती है

यह मान्यता है की हरियाली तीज के दिन ही भगवान शिव ने माता पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार करने का वरदान दिया था और इसी कारन से इस दिन को लोगो हरियाली तीज के रूप में मानते आ रहे है.

इस दिन सुहागिन महिलाएं भगवान शिव जी माता और पार्वती जी की पूजा करती हैं

हरतालिका तीज व्रत के नियम

हरतालिका तीज व्रत निर्जला रखा जाता है। 

कई जगह इस व्रत के अगले दिन जल ग्रहण किया जाता है। लेकिन कुछ लोग व्रत वाले दिन पूजा के बाद ही जल ग्रहण कर लेते हैं। 

हरतालिका तीज व्रत एक बार शुरू करने के बाद इसे छोड़ा नहीं जाता है। प्रत्येक वर्ष इस व्रत को विधि विधान से रखा जाता है। इस व्रत में महिलाएं दुल्हन की तरह सजती संवरती हैं और दिन सोते नहीं हैं

हरतालिका तीज की पूजा विधि

हरितालिका तीज के व्रत में श्रीगणेश, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। 

सबसे पहले मिट्टी से तीनों की प्रतिमा बनाएं जाता है और भगवान गणेश को तिलक करके दूर्वा अर्पित किया जाता है.

इसके बाद भगवान शिव को फूल, बेलपत्र और शमिपत्री अर्पित करें और माता पार्वती को श्रृंगार का सामान अर्पित करें।

तीनों देवताओं को वस्त्र अर्पित करने के बाद हरितालिका तीज व्रत की कथा पढ़ी और सुनी जाती है.

और उसके बाद श्रीगणेश भगवन की आरती की जाती है और भगवान शिव और माता पार्वती की आरती उतारने के बाद भोग लगाया जाता है 

2022 में हरतालिका तीज व्रत कब है? | Hartalika Teej 2022 Date

भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को ये त्यौहार मनाया जाता है और इस इस बार ये पर्व 30 अगस्त 2022 मंगलवार को पड़ रहा है

हरतालिका तीज व्रत – 30 अगस्त 2022
भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि शुरू – 29 अगस्त 2022 सोमवार, दोपहर 03.20 बजे से
भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि समाप्त – 30 अगस्त 2022 मंगलवार,दोपहर 03.33 बजे तक
सुबह का शुभ मुहूर्त-  30 अगस्त 2022, सुबह 06.05- 08.38 बजे तक
प्रदोष काल मुहूर्त – 30 अगस्त 2022, शाम 06.33- रात 08.51 रहेगा

हरतालिका तीज 2022 पूजा मुहूर्त

हरतालिका तीज के दिन पूजा करने के लिए दो मुहूर्त हैं। एक सुबह के समय में और दूसरा प्रदोष काल में यानि की सूर्यास्त के बाद।

इसे भी पढ़े:

हरतालिका तीज का क्या महत्व है | हरतालिका तीज का महत्‍व (Importance of Hartalika Teej in Hindi)

सुहागिन स्त्रियों की हरतालिका तीज में गहरी आस्‍था होती है  महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। 

ऐसा मन जाता है कि इस व्रत को करने से सुहागिन स्त्रियों को शिव-पार्वती अखंड सौभाग्‍य का वरदान देते हैं। वहीं कुंवारी लड़कियों को मनचाहे वर की प्राप्‍त‍ि होती है।

हरतालिका तीज की कथा | हरतालिका तीज की कथा क्या है | हरतालिका तीज की कथा सुनाइए | हरतालिका तीज की कहानी सुनाइए

हरतालिका तीज की कहानी कुछ इस प्रकार से है की पिता के यज्ञ में अपने पति शिव का अपमान देवी सती सह न सकीं थी और उन्होंने अपने आप को यज्ञ की अग्नि में भस्‍म कर दिया।

उनका अगला जनम हुआ उन्होंने अगले जन्‍म में राजा हिमाचल के यहां जन्‍म लिया। पिछले जन्‍म की स्‍मृति शेष रहने के कारण इस जन्‍म में भी उन्‍होंने भगवान शंकर को ही पति के रूप में प्राप्‍त करने के लिए तपस्‍या की। देवी पार्वती ने तो मन ही मन भगवान भोलेनाथ को अपना पति मान लिया था और वह सदैव भगवान शिव की तपस्‍या में लीन रहतीं।

अपने पुत्री की ऐसी हालत देखकर राजा हिमाचल को चिंता होने लगी। इस बात को लेकर उन्‍होंने नारदजी से चर्चा की तो उनके कहने पर उन्‍होंने अपनी पुत्री उमा का विवाह भगवान विष्‍णु से कराने का निश्‍चय किया। पार्वतीजी भगवान विष्‍णु से विवाह नहीं करना चाहती थीं।


पार्वती के मन की बात जानकर उनकी सखियां उन्‍हें लेकर घने जंगल में चली गईं। इस तरह उनके सखियों द्वारा उनका हरण कर लेने की वजह से इस व्रत का नाम हरतालिका व्रत पड़ा

पार्वती तब तक शिवजी की तपस्‍या करती रहीं जब तक उन्‍हें भगवान शिव पति के रूप में प्राप्‍त नहीं हो गए । और तभी से पार्वतीजी के प्रति सच्‍ची श्रृद्धा के साथ यह हरतालिका व्रत किया जाता है।

FAQ on Hartalika Teej 2022

2022 में हरतालिका तीज व्रत कब है?

30 अगस्त 2022 मंगलवार

भादो का तीज कब है?

30 अगस्त 2022 मंगलवार को 

तीज व्रत में क्या क्या सामान लगता है?

16 श्रृंगार के सामान जिसमे माता पार्वती के लिए एक हरी साड़ी, सुहाग का सामान जैसे सिंदूर, बिंदी, बिछुआ, मेहंदी, चूडियां, महौर, खोल, कुमकुम, कंघी, इत्र आदि। इसके अतिरिक्त कलश, अक्षत्, दूर्वा, अबीर, श्रीफल, चंदन, तेल, घी, कपूर, गाय का दूध, गंगाजल, दही, चीनी, शहद और पंचामृत आदि

हरतालिका तीज का क्या महत्व है?

महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं

Hartalika Teej Kyu Manaya Jata Hai?

शादीशुदा स्त्रियां अपने सुहाग को अखण्ड बनाए रखने और अविवाहित युवतियां मन मुताबिक वर पाने के लिए हरितालिका तीज का व्रत करती हैं

Final Words on Hartalika Teej

दोस्तों इस लेख में हमने आपको तीज व्रत के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की है जैसे की हरितालिका तीज क्या है Hartalika Teej kab hai और Hartalika Teej Kyu Manaya Jata Hai. 

उम्मीद है आपको ये लेख पसंद आया होगा और आपको जानकारी अच्छी लगी हो तो इससे सोशल मीडिया अपने दोस्तों के जरूर शेयर करे. 

अगर कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेंट सेक्शन में लिख हमे जरूर बताये.

IPL 2021 Team & Match Schedule के बारे में पूरी जानकारी

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हेलो दोस्तो आज हमलोग जानेगे IPL मैच 2021 के बारे में।

आईपीएल के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से जानेगे, आईपीएल को क्यों बीच मे रोका गया, आईपीएल का नया शेड्यूल क्या है तथा यह कहा पर शुरू होगा, इत्यादि अनेको सारे जानकारी आज इस लेख के माध्यम से हमलोग जानेगे। बहुत को इनके बारे में पता नही है, 2021 के आईपीएल की सारी जानकारी आज हमलोग जानेगे तो चलिय शुरू करते है।

IPL 2021 Schedule Match Ki Jankari

वीवो 2021 इंडियन प्रीमियर लिंग जिन्हें प्रयोजन कारणों से, आईपीएल 14 तथा वीवो आईपीएल 2021 के रूप में जाना जाता है। 2021 के आईपीएल इंडियन प्रीमियर लिंग के चौदहवाँ सत्र है। आईपीएल 2007 में भारतीय क्रिकेट कन्ट्रोल बोर्ड के द्वारा स्थापित पेशेवर 20 ट्वेंटी क्रिकेट लिंग है। 

2021 में आईपीएल स्थगित होने से पहले यह 9 अप्रैल से 30 मई तक भारत मे खेला गया था।

यह खेल भारत के संयुक्त अरब अमीरात अरुण जेटली स्टेडियम में हुआ था।

मुंबई इंडियन्स गत 2 वर्षों का विजेता टीम है, ( 2019,2020)  4 मई 2021 के अंतिम मैच हुआ, उसके बाद covid-19 के मामले में इतना न व्रद्धि हुआ कि उसके बाद आईपीएल को अनिश्चितकाल के लिए क्रिकेट बोर्ड को स्थगित कर दिया गया। 

स्थगित करने समय निर्धारित 60 मैचों में से 31 मैच अभी भी खेला जाना बाकी था।

Vivo IPL 2021 Teams & Matches

यह भारत का सबसे बड़ा खेल आयोजन है, जहां पर 8 टीमें आईपीएल खिताब को जीतने के लिए संघर्ष कर रही है।

आईपीएल 2021 की टीम इस प्रकार है, 8 टीम 

CSK चेनई सुपर किंग

एमएस धोनी (कैप्टन) , फाफ डु प्लेसिस, रुतुराज गायकवाड़, सुरेश रैना, अंबाती रायुडू, एन जगदीसन (डब्ल्यूके), रॉबिन उथप्पा, रवींद्र जडेजा, सैम कुरेन, ड्वेन ब्रावो, कर्ण शर्मा, आर साई किशोर, मिशेल सेंटनर, इमरान ताहिर, दीपक चाहर, शार्दुल ठाकुर, लुंगी एनगिडी, जोश हेजलवुड, केएम आसिफ, मोइन अली, के गौतम, चेतेश्वर पुजारा, एम हरिशंकर रेड्डी, के भगत वर्मा, सी हरि निशांत।

DC दिल्ली 

श्रेयस अय्यर (कप्तान), शिखर धवन, पृथ्वी शॉ, अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, मार्कस स्टोइनिस, क्रिस वोक्स, आर अश्विन, अक्षर पटेल, अमित मिश्रा, ललित यादव, प्रवीण दुबे, कगिसो रबाडा, एनरिक नॉर्टजे, इशांत शर्मा, अवेश खान, स्टीव स्मिथ, उमेश यादव, रिपल पटेल, विष्णु विनोद, लुकमान मेरीवाला, एम सिद्धार्थ, टॉम कुरेन, सैम बिलिंग्स।

RCB रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर

विराट कोहली (कप्तान) , देवदत्त पडिक्कल, जोश फिलिप (डब्ल्यूके), एबी डिविलियर्स (डब्ल्यूके), पवन देशपांडे, वाशिंगटन सुंदर, डैनियल सैम्स, युजवेंद्र चहल, एडम ज़म्पा, शाहबाज अहमद, मोहम्मद सिराज, नवदीप सैनी, केन रिचर्डसन, हर्षल पटेल, ग्लेन मैक्सवेल, सचिन बेबी, रजत पाटीदार, मोहम्मद अजहरुद्दीन, काइल जैमीसन, डेनियल क्रिश्चियन, सुयश प्रभुदेसाई, केएस भारत।

KKR कोलकाता नाइट राइडर्स

इयोन मोर्गन (कैप्टन), शुभमन गिल, नितीश राणा, टिम सेफर्ट (wk), राहुल त्रिपाठी, रिंकू सिंह, दिनेश कार्तिक (wk), आंद्रे रसेल, सुनील नरेन, वरुण सीवी, कुलदीप यादव, पैट कमिंस, लॉकी फर्ग्यूसन, कमलेश नागरकोटी, शिवम मावी, संदीप वारियर, प्रसिद्ध कृष्णा, शाकिब अल हसन, शेल्डन जैक्सन, वैभव अरोड़ा, करुण नायर, हरभजन सिंह, बेन कटिंग, वेंकटेश अय्यर, पवन नेगी।।

MI मुंबई इंडियन्स

रोहित शर्मा (कैप्टन), क्विंटन डी कॉक (wk), इशान किशन (wk), सूर्यकुमार यादव, क्रिस लिन, सौरभ तिवारी, अनमोलप्रीत सिंह, आदित्य तारे (wk), कीरोन पोलार्ड, हार्दिक पांड्या, क्रुणाल पांड्या, राहुल चाहर, जयंत यादव, अनुकुल रॉय, जसप्रीत बुमराह, ट्रेंट बोल्ट, धवल कुलकर्णी, मोहसिन खान, एडम मिल्ने, नाथन कूल्टर-नाइल, पीयूष चावला, जेम्स नीशम, युद्धवीर चरक, मार्को जानसेन, अर्जुन तेंदुलकर।

SRH सनराइजर्स हैदराबाद

डेविड वार्नर (कैप्टन), केन विलियमसन, जॉनी बेयरस्टो (wk), मनीष पांडे, श्रीवत्स गोस्वामी (wk), रिद्धिमान साहा (wk), प्रियम गर्ग, विजय शंकर, अभिषेक शर्मा, अब्दुल समद, विराट सिंह, मिशेल मार्श, जेसन होल्डर, मोहम्मद नबी, राशिद खान, शाहबाज नदीम, भुवनेश्वर कुमार, टी. नटराजन, संदीप शर्मा, खलील अहमद, सिद्धार्थ कौल, बासिल थम्पी, जगदीश सुचित, केदार जाधव, मुजीब-उर-रहमान।

KXIP किंग्स इलेवन पंजाब

केएल राहुल (कप्तान), मयंक अग्रवाल, क्रिस गेल, मनदीप सिंह, प्रबसिमरन सिंह, निकोलस पूरन (विकेटकीपर), सरफराज खान, दीपक हुड्डा, मुरुगन अश्विन, रवि बिश्नोई, हरप्रीत बराड़, मोहम्मद शमी, अर्शदीप सिंह, ईशान पोरेल, दर्शन नालकांडे, क्रिस जॉर्डन, डेविड मालन, झे रिचर्डसन, शाहरुख खान, रिले मेरेडिथ, मोइसेस हेनरिक्स, जलज सक्सेना, उत्कर्ष सिंह, फैबियन एलन, सौरभ कुमार।

RR राजस्थान रॉयल्स

संजू सैमसन (कैप्टन), जोस बटलर (wk), बेन स्टोक्स, यशस्वी जायसवाल, मनन वोहरा, अनुज रावत, रियान पराग, डेविड मिलर, राहुल तेवतिया, महिपाल लोमरोर, श्रेयस गोपाल, मयंक मार्कंडे, जोफ्रा आर्चर, एंड्रयू टाय, जयदेव उनादकट, कार्तिक त्यागी, शिवम दुबे, क्रिस मॉरिस, मुस्तफिजुर रहमान, चेतन सकारिया, केसी करियप्पा, लियाम लिविंगस्टोन, कुलदीप यादव, आकाश सिंह।

IPL New Schedule 2021

आईपीएल 2021 में 60 में से  30 मैच होने के बाद बचे हुए मैच का शेड्यूल निम्न प्रकार है।

मैच संख्या        मैच         तारीख

30.       MI vs CSK.      19/09/21

31.       KKR vs RCB.     20/09/21

32.       KXIP vs RR.      21/09/21

33.       DC vs SRH.       22/09/21

34.       MI vs KKR.        23/09/21

35.       RCB vs csk.    24/09/21

36.       DC vs RR.          25/09/21

37.       SRH vs KXIP.     25/09/21

38.       CSK vs KKR.       26/09/21

39.       RCB vs MI.        26/09/21

40.       SRH vs RR.         27/09/21

41.       KKR vs dc.       28/09/21

42.       MI vs KXIP.       28/09/21

43.       RR vs RCB.         29/09/21

44.       SRH vs CSK.      30/09/21

45.       KKR vs KXIP.      01/10/21

46.       MI vs DC.          02/10/21

47.       RR vs CSK.         02/10/21

48.       RCB vs KXIP.      03/10/21

49.       KKR vs SRH.         03/10/21

50.       DC vs CSK.          04/10/21

51.       RR vs MI.            05/10/21

52.       RCB vs SRH.         06/10/21

53.       CSK vs KXIP.       07/10/21

54.       KKR vs RR.           07/10/21

55.       SRH vs MI.         08/10/21

56.       RCB vs DC.         08/10/21

Play off

57.      TBD vs TBD .         10/10/21

58.      TBD vs TBD .         11/10/21

59.      TBD vs TBD .         13/10/21

Final

60.       TBD vs TBD.      15/10/21.     

TBA –    To Be Announced

TBD –    To Be Declared

IPL 2021 New Venue

आईपीएल 2021 की बाकी  बची 31 मैचों को दुबई में खेला जाएगा। इन मैचों को शुरू करने से पहले सारे खिलाड़ियों का covid टेस्ट लिया जा चुका है, और सबसे बड़ी खुसी की बात है कि मैच का टाइम टेबल आ गया है, जो मैंने उपर आपको इसको बारे में जानकारी दे चुके है।

बाकी बचे सारे मैचों को BCCI भारतीय क्रिकेट कन्ट्रोल बोर्ड 19 सितंबर से 15 अक्टूबर 2021   तक इस मैच का आयोजन किया गया है। जिसका मेजबान संयुक्त अरब अमीरात ( यूएइ ) कर रहा है।

यूएइ के मैदान पर अभी भी 31 मैच खेले जाने बाकी है। परन्तु अभी भी स्टेडियम के बारे में आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित नही किया गया है। फिर भी बचे हुए 31 मैच को 21 दिन में करने का शेड्यूल जारी किया गया है। इस प्रकार यह सारी मैच अबुधाबी, दुबई और शारजहाँ में खेला जाएगा।

एक यह भी कारण है कि वीवो आईपीएल चरण 2 भारत मे नही खेला जाएगा। क्योंकि 2021 के मैच के समय के अनुसार मॉनसून दस्तक दे देगा उस टाइम। 

इसके आलवा अभी तक BCCI के तरफ से कोई अपडेट नही है, जैसे ही स्टेडियम के बारे में कोई अपडेट आएगा, वैसे ही आपलोगो को जानकारी मिल जयेगा।

IPL 2021 Match Live Broadcasting

भारत में स्मार्टफ़ोन यूजर और इन्टरनेट यूजर जिनके पास लैपटॉप या PC है, वह Disney+ Hotstar  के VIP Subscription लेकर अगले एक साल तक Disney+ Hotstar पर सभी मैच Live Telecast और प्रीमियम मूवीज, वेबसीरीज और शोज का मजा ले सकते हैं।।

वहीं स्मार्टफोन यूजर JIO Sim के कुछ स्पेशल रिचार्ज प्लान के साथ भी एक साल तक का Free VIP Subscription पा सकते हैं।

India के लिए- 

Star Sports,  Star Sports 1  Hindi and Regional  channel Star Sports Tamil, Telugu  etc.

Streaming: Disney+ Hotstar VIP Subscription

तो चलिय दोस्तों आज इतना ही आशा करता हूं मेरे द्वारा बताई गई जानकारी आपको अच्छा लगा होगा। अगर बताये गए जानकारी से संतुष्ट है, तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे।

तो दोस्तो हमने जाना आज आईपीएल 2021 time table aur live match के बारे में सारी जानकारी विस्तृत से। 

अगर आपको अच्छा लगा हो तो मेरे द्वारा बताई गई जानकारी से संतुष्ट है तो दोस्तो के साथ शेयर जरूर करे।

ATM Ka Full Form in Hindi

दोस्तो आज हमलोग इस लेख के माध्यम से जानेंगे ATM के बारे में।

ATM क्या है, इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है, ATM कैसे काम करता है, ATM के क्या क्या से पार्ट्स होते है, तथा इस से बिना बैंक गए कैसे आसानी से मिनटों में पैसे निकाल या डाल सकते है, ATM Ka Full Form in Hindi तथा अनेको सारी जानकारी इसके बारे में आज हमलोग अपने इस लेख के माध्यम से जानेगे।

आज कल के युग मे ATM का इस्तेमाल लगभग सभी लोग करते है, शायद ही कोई ऐसे व्यक्ति है जो ATM का इस्तेमाल नही करते है

वैसे देखा जाए तो इस मशीन का उपयोग सभी लोग करते है। लेकिन इसका जानकारी सभी लोगो के पास नही होता है। बहुत से ऐसे लोग है जो ATM का इस्तेमाल सही तरीके से नही कर पाते है, जिस से उनको बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है

तो चलिय आज हम बात करते है एटीएम के बारे में। इस लेख में आज हमलोग विस्तार से जानेगे एटीएम के बारे में तो चलिय शुरू करते है।

Table of Contents

ATM क्या है (What is ATM in Hindi)?

ATM ( एटीएम ) –  एटीएम एक ऐसा कंप्यूटरीकृत  मशीन है, जो हमे बिना बैंक गए, तुरंत पैसा निकालने का सुविधा देता है।। इसका सेवा दिन और रात 24 घंटा के होता है। यह हमारे बैंक से ज़ुरा होता है और हम अपने एटीएम कार्ड के मदद से बिना बैंक गए, कही से भी पैसा निकाल और डाल सकते है।

एटीएम में सबसे खास बात यह है कि यह यहाँ हम सिर्फ पैसे डाल ही नही बल्कि निकाल बहु सकते है।

एटीएम के इस्तेमाल ने हमारे पैसे के डिपोजिट और विथडरॉल के कामो को काफी सुविधाजनक और आसान बना दिया है।

एटीएम से ये फायदा भी है कि पैसे निकालने के लिए हमे सिर्फ अपने एकाउंट के मतलब बैंक के एटीएम को खोजने का जरूरत नही है, हम किसी भी बैंक के एटीएम से अपना पैसा निकाल सकते है।

Atm से हम पैसे निकालने के अलावा और भी कई काम कर सकते है। जैसे – Balance inquiry , Money Transfer, Mini Statement और आजकल ATM मशीनो में पैसे deposit करने का Option भी होता है।

एटीएम का पूरा नाम क्या है (ATM Ka Full Form in Hindi)

एटीएम का पूरा नाम ATM – Automated Teller Machine  होता है । 

हिंदी में इसे ” स्वचालित गणक मशीन के नाम से जानते है, मतलब हिंदी में इसका पूरा नाम यह होता है।

ATM Full Form (ATM Ka Full Form Kya Hai)

Atm का फुल फ्रॉम –  Automated Teller machine.

Hindi में – स्वचालित गणक मशीन।

एटीएम का फुल फॉर्म हिंदी में (Full form of ATM in Hindi)

एटीएम – स्वचालित गणक मशीन।

एटीएम के दुसरे फुल फॉर्म्स

जिस समय एटीएम स्वचालित गणक मशीन का अविष्कार हुआ था, उस समय एटीएम को लोग 

बैंकोग्राफ के नाम से जाना जाता था।

ATM के प्रकार (Types of ATM in Hindi)

एटीएम के प्रकार निम्न प्रकार है।

  • White label ATM –  जो एटीएम गैर बैंकिंग कंपनी के स्वामित्व में होता है, और उनके द्वारा ही इसे संचालित किया जाता है । ऐसे एटीएम को वाइट लेबल एटीएम कहा जाता है।
  • Brown label ATM – वैसे एटीएम को ब्राउन लेबल atm कहते हैं, जो एटीएम बैंक द्वारा संचालित न होकर किसी तीसरे द्वारा संचालित होता है, जिसने इसको लीज पर लिया हो वैसे सेवा को ब्राउन लेबल एटीएम कहा जाता है।
  • Offsite ATM – वैसे  एटीएम जो बैंक परिसर के बाहर संचालित होते है, जैसे मॉल, आवासीय, सोसाइटी, आदि ऐसे सेवा को off site एटीएम के नाम से जाना जाता है।।
  • Onsite ATM – वैसे एटीएम जो बैंक परिसर के अंदर संचालित होते है, वैसे सेवा को onsite एटीएम के नाम से जाना जाता है।

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ATM के Parts क्या हैं?

अब हमलोग जानेगे एटीएम के पार्ट्स के बारे में । क्योंकि पैसे तो हर कोई निकाल लेते है, पर किसी को एटीएम के भागों के बारे में पता नही होता है। तो हमलोग जानेगे एटीएम के basic पार्ट्स के बारे में जानकारी।

एटीएम मशीन 4 output device तथा 2 इनपुट डिवाइस से बना होता है।

ATM Output Device

  1. Speaker-  एटीएम मशीन के अंदर एक speaker लगा होता है, जिससे हम किसी भी बटन को press करते है, तो एक आवाज सुनाई परता है।
  2. Screen-  एटीएम में  lcd स्क्रीन एक महत्वपूर्ण भाग होता है। जब हम एटीएम से पैसे निकलते या कोई काम करते है, तो हमे सारी ऑप्प्शन स्क्रीन पर दिखाई पड़ती है।
  3. Printer- जब हम अपने एटीएम से मिनी स्टेटमेंट या बैलेंस इन्क्वारी करते है तो हमे एक receipt मिलती है। जो हमे ATM के अंदर लगे प्रिंटर से प्रिंट हो कर मिलती है।
  4. Cash dispenser-  एटीएम मशीन से जिस जगह से कॅश निकलता है, उस जगह को कॅश डिस्पेंसर बोला जाता है।

ATM Input Device 

  1. Card Reader – कार्ड रीडर  हमारे एटीएम के पीछे लगे मैग्नेटिक स्ट्रीप से हमारे एकाउंट डिटेल को कैप्चर करता है। और होस्ट प्रोसेसर के द्वारा ये जानकारी हमारे बैंक के सर्वर पर भेजी जाती है।
  2. Pin No. – ये हमारे मुख्य रूप से पिन नंबर डालने तथा amount डालने के लिए काम मे आता है। जो स्क्रीन में नीचे की तरफ होता है।

ATM कैसे काम करता है (How ATM Works in Hindi)?

तो चलिए दोस्तो जानते है एटीएम कैसे काम करता है। 

एटीएम मशीन इंटरनेट से चलती है। और ये बैंक के सर्वर से जुड़ी होती है। पैसे निकालने के लिए या किसी भी जानकारी के लिए हम अपने एटीएम कार्ड को एटीएम के कार्ड रीडर के स्लॉट में डालते है, उसके बाद ATM हमारी एकाउंट से जुड़ी सारी जानकारी की इकट्ठा करती है, और चेक करती है। जो हमारे एटीएम कार्ड में मैग्नेटिक सटीक या चिप में लगी होती है उससे।

इसके बाद हमरा PIN ( पर्सनल इडेंटिफिकेशन नंबर ) मंगा जाता है। और फिर हमारे एकाउंट से जुड़ी सारी जानकारी बैंक तक भेजी जाती है। और सारी जानकारी सही होने पर bank से एटीएम को रेस्पोंस मिलने पर एटीएम हमरा सारा ट्रांजेक्शन कम्पलीट कर देता है।

सारे एटीएम सेटेलाइट के बैंकों के सर्वर से जुड़े होते है। इसलिए हम कही भी कभी भी किसी समय 24 घंटे किसी भी एटीएम मशीन से पैसे आसानी से निकाल सकते है।

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ATM के बारे में कुछ तथ्य (Some Facts About ATM in Hindi)

एटीएम का अविष्कार स्कॉटलैंड के रहने वाले John Shepherd-Barron ने किया। 

  • भारत मे सबसे पहला एटीएम सितंबर 1987 में मुंबई में सिटी बैंक और Hsbc बैंक में लगाया गया था।
  • सबसे पहले ATM का उपयोग उपयोग करके पैसे निकालने वाले व्यक्ति मशहूर कॉमेडी ऐक्टर Reg warne  थे।।
  • सबसे प्रमुख बात एटीएम में सबसे ज्यादा उपयोग होने वाला पीन नम्बर1234 होता है।
  • पहला तैरने वाला एटीएम केरला (कोची) में लगाया गया था।
  • सबसे ऊंचा एटीएम नाथू लॉ में है। यह एटीएम भारत और चीन बॉर्डर पर सेना के लिए लगया गया।
  • सबसे ज्यादा एटीएम वाला देश साउथ कोरिया हैं।

ATM (Automated Teller Machine) एक ऐसा कंप्यूटरीकृत मशीन है, जो हमें बिना बैंक गए तुरंत पैसे निकालने की सुविधा देता है। एटीएम एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है, जो बैंक द्वारा बैंक ग्राहकों के लिए प्रदान की गई सुविधा है।

आपको हम बता दे कि एटीएम का आविष्कार जॉन शेफर्ड बैरन ने 1960 ई0 में स्वचालित गणक मशीन का अविष्कार किया। उस समय एटीएम को बैंकोग्राफ कहा जाता था। 

कहा जाता है कि एटीएम का सबसे पहले उपयोग लंदन में किया गया था। भारत मे एटीएम की सुविधा 1987 में शुरू हुआ, जो  मुंबई में सबसे पहले लगाया गया था।

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एटीएम से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ on ATMs)

एक स्वचालित टेलर मशीन (एटीएम) क्या है?

ऑटोमेटेड टेलर मशीन एक कम्प्यूटरीकृत मशीन है जो बैंकों के ग्राहकों को नकदी निकालने के लिए उनके खातों तक पहुंचने की सुविधा प्रदान करती है बिना बैंक शाखा गए हुए वित्तीय लेनदेन करने की सुविधा प्रदान करती है।

एटीएम में किस प्रकार के कार्ड का उपयोग किया जा सकता है?

डेबिट कार्ड/एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड और प्रीपेड कार्ड (जो नकद निकासी की अनुमति देते हैं) का उपयोग विभिन्न लेनदेन के लिए एटीएम में किया जा सकता है।

एटीएम में कौन सी सेवाएं सुविधाएं उपलब्ध हैं?

खाता संबंधी जानकारी
नकद जमा
मिनी स्टेटमेंट
नियमित बिल भुगतान
मोबाइल के लिए री-लोड वाउचर की खरीद

एटीएम पर कितने लेनदेन मुफ्त हैं?

ग्राहक अपने स्वयं के बैंक एटीएम से प्रति माह वित्तीय और गैर-वित्तीय सहित पांच मुफ्त लेनदेन कर सकते है.।

एटीएम में कोई कैसे लेनदेन कर सकता है?

एटीएम में लेनदेन करने के लिए, ग्राहक एटीएम में अपना कार्ड डालें यानि की स्वाइप करें और अपनी व्यक्तिगत पहचान संख्या (पिन) दर्ज करें और उसके बाद अमाउंट जो आप निकलना चाहते है वो दर्ज कर प्रोसेस करे.

व्यक्तिगत पहचान संख्या (पिन) क्या है?

पिन एटीएम में उपयोग के लिए संख्यात्मक पासवर्ड है। कार्ड जारी करते समय बैंक द्वारा पिन ग्राहक को प्रदान किया जाता है जिससे बाद में ग्राहक को बदलना होता है .

अगर कार्ड गुम/चोरी हो जाए तो क्या करें?

ग्राहक कार्ड जारी करने वाले बैंक से तुरंत संपर्क कर सकता है ताकि बैंक ऐसे कार्डों को ब्लॉक कर सके। अथवा नेट बैंकिंग की मदद से ग्राहक खुद भी कार्ड को ब्लॉक कर सकते है.

क्या बैंक अन्य बैंक के एटीएम के उपयोग के लिए कोई सेवा शुल्क लेते हैं?

बैंक मुफ्त लेनदेन की संख्या प्रति माह अधिकतम पांच तक सीमित कर रखा हैं। इस संख्या से अधिक के लेनदेन के लिए, बैंक प्रति लेनदेन पर अधिकतम 20 रुपये तक का शुल्क ग्राहक से लेते हैं।

एटीएम से निकासी की सीमा क्या है?

25,000 प्रति दिन

क्या मैं अलग-अलग बैंक के एटीएम से पैसे निकाल सकता हूँ?

महानगरों में ग्राहक अन्य बैंक के एटीएम से तीन बार मुफ्त लेनदेन कर सकता है वही par छोटे शहरों में दूसरे बैंकों के एटीएम से पांच बार फ्री ट्रांजैक्शन कर सकता है। 
यदि लेनदेन महीने में पांच से अधिक है, तो ग्राहक को प्रत्येक निकासी के लिए 20 रुपये का शुल्क देना होगा

Conclusion On ATM Ka Full Form

तो चलिय दोस्तो आज इतना ही, हमने एटीएम के बारे में सारी जानकारी विस्तृत में जाना। आपको मेरे द्वारा दिया गया जानकारी अच्छा लगा हो या मेरे द्वारा बताए गए जानकारी से आप संतुष्ट हैं तो इसको शेयर करना न भूले।

आशा करता हु की मेरे द्वारा बताई गई एटीएम के बारे में सारे जानकारी आपको अच्छी जरूर लगी होगी। अगर इस जानकारी से आप संतुष्ट हैं तो इसको शेयर जरूर करे। जिससे आपके साथ- साथ और लोगो को भी इसके बारे में जानकारी मिल सके।।

धन्यवाद।।

Olympic Khel Kya Hota Hai. What is Olympic Games in Hindi Full Detail

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आज हम अपने लेख में बात करेंगे Olympic Khel Kya Hota Hai, Olympic game kya hai, इसको कैसे खेला जाता है, भारत ने इस खेल में कौन-कौन से मेडल अपने नाम किया है, तथा ओलंपिक में कूल कितने खेल होते है इत्यादि सारी जानकारी इस खेल का आज हमलोग अपने लेख में जानेंगे आज।

तो चलिय दोस्तो आज अपने इस लेख के माध्यम से ओलम्पिक खेल को पूरे विस्तार से जानते है। वैसे बहुत से लोग है, जिनको इसके बारे में कोई जानकारी नही है,तो ध्यान से इस लेख को देखिए इसमें ओलंपिक खेल से जुड़ी सारी जानकारी आपको मिलेगी।

Olympic Games in Hindi

ओलिंपिक खेल क्या होता है.  What is Olympic Games in Hindi

ओलंपिक खेल(Olympic Games) – ओलंपिक खेल सारे प्रतियोगिताओ में होने वाली सब खेल में अग्रणी खेल है, जिसमें हजारों एथलीट कई प्रकार के खेलों में भाग लेते है।

ओलंपिक की शीतकालीन एवं ग्रीष्मकालीन प्रतियोगिताओ में 200 से ज्यादा देश प्रतिभाग के रुप मे शामिल होते है।। ओलंपिक खेल प्रत्येक 4 वर्षों में आयोजित होता है।

ओलंपिक खेल में दुनिया के कोने- कोने से हजारों की संख्या में खिलाड़ि भाग लेते है, और अपने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने का सपना रखते है, जो कोई भी खिलाड़ी इस लक्ष्य को प्राप्त करता है, उसका नाम पूरे देश के साथ – साथ किताबों में भी एक चर्चा का विषय बन जाता है, इसलिए इसको पाने के लिए सालो – साल कड़ी मेहनत करते है।

इस अंतराष्ट्रीय ओलंपिक खेल का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि दुनिया को एकजुट करके विश्व- शांति स्थापित करने का कार्य करती है। 

ओलंपिक की यह प्रतियोगिता ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन प्ररूपो के अलावा यूथ ओलंपिक ( जिसमें 14 साल से 18 साल के युवा ) भाग लेते है।। और पैरालंपिक ( जिसमे दिव्यांग – जन या विकलांग – जन प्रतियोगी भाग लेते है ) के प्ररूपो में भी खेली जाती है।

ओलिंपिक खेल का इतिहास   History of Olympic Games in Hindi 

प्राचीन ओलंपिक खेलों का इतिहास- 

यदि प्राचीन ओलंपिक खेलों के इतिहास के  बारे में बात करे तो ओलंपिक खेलों का इतिहास लगभग 2800 वर्ष पुराना बताया जाता है।। 

अगर इतिहासकारो की माने तो उनके अनुसार सबसे पहले इन खेलों का आयोजन 776 BC में यूनान (ग्रीस) के देवता ज्युस (जीसस) के सम्मान में किया गया था। कहा जाता है कि इस समय इस खेल में सिर्फ पुरूष ही भाग लेते थे, और दर्शक बनकर इस खेल का आनंद भी लेते थे।

इसके बाद 394 AD आते-आते रोम (इटली) के सम्राट थियोडीसीयस ने इन खेलों की मूर्ति पूजा का उत्सव बताकर इन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश घोषणा कर दिया। इसके बाद यह खेल छोटे- मोटे वर्गों के बीच अलग-अलग प्रकार की प्रतिस्पर्धा के रूप में होते रहे,लेकिन इन खेलों के आयोजन पर आधिकारिक रूप से प्रतिबंध लगा रहा।

आधुनिक ओलंपिक खेल का इतिहास – 

अगर आधुनिक ओलंपिक खेलों की इतिहास  की बात करे तो इसका मुख्य क्षेय ” बैरोन पियरे डिकोबरटीन को दिया जाता है’।

इन्होंने ही इस खेल का शुभारंभ 1894 में यूनान ( ग्रीस ) के ओलंपिया-स्टेडियंम में दुनिया भर के खिलाड़ियों को बुला कर इस खेल का आयोजन रखा और यह आयोजन सफल भी रहा।

इसके बाद सबके पहले सन, 1896 में यूनान (ग्रीस) की राजधानी एथेंस के ओलंपिया स्टेडियम में इन खेलो का आयोजन किया गया, जिनका नाम ओलंपिक खेल रखा गया।

इसके 4 साल बाद 1900 में दुबारा से इस खेल का आयोजन पेरिस जो कि फ्रांस की राजधानी है, उसमे किया गया।। और इसी समय से इस खेल के दूसरे चरण में महिलाओं ने भी भाग लेना शुरू कर दिया।

और देखते – देखते इसी प्रकार इस खेल का आयोजन हर 4 वर्ष में होने लगा। जो कि 1904 में तीसरा चरण सेंट लुइस तथा चौथा चरण 1908 में लंदन में संपन्न हुआ।

ओलिंपिक खेल का सञ्चालन कौन करता है.

दुनिया की सबसे अंतराष्ट्रीय बहु- प्रतियोष्ठित ओलंपिक खेलों का आयोजन ” अंतराष्ट्रीय ओलंपिक समिति” के द्वारा किया जाता है।

यह समिति इन खेलों से जुड़ी सारी फैसला लेती है, जैसे कि कौन से खेल को ओलंपिक में डालना है, इन खेल का आयोजन कब और कहाँ करना है,, इत्यादि इस खेल के सारे फैसले यही समिति के द्वारा गठन किया जाता है।

इस समिति ( ioc ) की स्थापना 23 जून 1894 ई0 को फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुई थी। जिसका मुख्यालय लौसेन स्विट्जरलैंड में है।

जानकारी के लिए बता दे कि अंतराष्ट्रीय ओलंपिक समिति में वर्तमान (2021) में कुल 103 सदस्यों की संख्या है, जिसमें ioc के मौजूद अध्यक्ष थॉमस बॉस हैं।

ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेल (Summer Olympic Games)

ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलो कि बात करे तो इन खेलों का आयोजन गर्मी के दिनों में किया जाता है। इसके अलावा सबसे पहले आधुनिक ओलंपिक प्रारूप के तौर पर इन्ही खेलो का शुरुआत हुई थी। 

इनकी शुरुआत 1896 ई0 में एथेंस, यूनान (ग्रीस) में कई गयी थी, जो कि आजतक 4 वर्षों के अंतराल के तौर पर अंतरष्ट्रीय ओलंपिक समिति के द्वारा दुनिया भर में आयोजित किया जाते है।

शीतकालीन ओलम्पिक खेल (Winter Olympic Games)

शीतकालीन ओलंपिक खेलों की बात करें तो इसका आयोजन सर्दियों में किया जाता है।

इसके अलावा शीतकालीन ओलंपिक खेलो का आयोजन सबसे पहले अंतराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के द्वारा सन, 1924 पेरिस, फ्रांस में ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों के साथ इसका आयोजन किया गया।

इसके बाद लगातार 1992 तक इस खेल शीतकालीन ओलंपिक खेल  का आयोजन ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के साथ ही होता रहा।।  लेकिन1992 में अंतराष्ट्रीय ओलंपिक समिति को लगा कि एक साथ दोनों को पूरा करना बहुत ही मुश्किल है, क्योंकि इन दोनों का आयोजन – स्थल अलग-अलग होते हैं।

जिसमें 1994 लिलीहामर में शीतकालीन ओलंपिक अलग आयोजित कराए गए, इसके बाद 1998 में नागनो और 2002 में साल्ट लेक सीटी में शीतकालीन ओलंपिक खेल का आयोजन किया गया।

आपको जानकारी के लिए बता दे कि शीतकालीन ( शर्दी ) ओलंपिक में बर्फ़ से जुड़े खेल ही खेले जाते है।

ग्रीष्मकालीन ओलंपिक और शीतकालीन ओलंपिक में क्या अंतर है?

दोनो शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों में मुख्य रूप से अंतर यह है कि दोनों खेलो का आयोजन अंतरष्ट्रीय ओलंपिक समिति ioc के द्वारा प्रत्येक 2 वर्षों के अंतराल पर किया जाता है। उन दोनों के बीच  में अंतर उन स्थानों का है जहाँ पे वे आयोजित हुए थे, और वे खेल जो वे प्रदर्शित करते है।

शीतकालीन ओलंपिक जैसा कि नाम से पता चलता है, विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में आयोजित किये जाते है, इसलिए इन्हें शीतकालीन खेल भी कहा जाता है। 

कुछ लोकप्रिय शीतकालीन खेल जैसे, आइस-स्केटिंग, फिगर-स्केटिंग, आइस-हॉकी, स्नोबोर्डिंग, स्किंग आदि जैसे शीतकालीन खेल है। यह खेल एक मेजबान शहर में 2-3 सप्ताह की अवधि के लिए आयोजित होता है।

इस खेल में विजेता को स्वर्ण पदक प्राप्त होता है, तथा पहले रनर अप ने रजत पदक तथा दूसरे रनर अप को कांस्य पदक से सम्मानित किया जाता है।

ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेल है जो मुख्यह गर्मियों के मौसम में आयोजित किये जाते है।

ग्रीष्मकालीन खेल में आयोजित खेल और खेल का आयोजन शीतकालीन खेल के आयोजन के बिल्कुल विपरीत होती है। 

यह कहना भी उचित है कि यह प्रतियोगिता जो दुनिया की सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी और सबसे अधिक खेल की घटनाओं का अनुसरण करती है। 

इन आयोजनों में एथलेटिक्स, फुटबॉल, बास्केटबॉल, तैराकी, भारोत्तोलन, हॉकी, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, जिमनास्टिक, आदि शामिल हैं। शीतकालीन ओलंपिक खेल के अनुसार ग्रीष्मकालीन ओलंपिक भी 2-3 सप्ताह आयोजित की जाती हैं, और इसमें शीतकालीन जैसे ही पदक देने की प्रक्रिया है।  इन दोनों खेलो में जीत का वर्चस्व जो हैं वो संयुक्त राज्य अमेरिका के पास है।

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भारत में ओलिंपिक खेल का इतिहास .

भारत के ओलंपिक खेलों की इतिहास बात करे तो भारत ने सबसे पहले ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के दूसरे चरण में वर्ष 1900 पेरिस (फ्रांस) ओलंपिक में हिस्सा लिया था। 

जिसमें कोलकाता के ब्रिटिश भारतीय खिलाड़ी नॉर्मन गिल्बर्ट परिचर्ड ने भारत का प्रतिनितत्व करते हुए 200 मीटर और 200 मीटर बाधा दौर में 2 रजत पदक जीते थे।

इसके बाद भारत ने 20 वर्ष तक किसी भी ओलंपिक में हिस्सा नही लिया, लेकिन साल 1920 में एंटवर्प बेल्जियम ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भारत ने दुबारा हिस्सा लिया। लेकिन इस बार उसे बिना किसी पदक के ही संतोष करना पड़ा।

लेकिन उसके बाद से भारत हर ओलंपिक में अपना हिस्सा लेते आ रहा है।

भारत ने अपने ओलंपिक के इतिहास में आज तक कुल 28 पदक अपने नाम किया है। जिसमें भारत को 9 स्वर्ण पदक ( 8 स्वर्ण पदक हॉकी में तथा 1 स्वर्ण पदक निशानेबाजी में ), 7 रजत पदक तथा 12 कांस्य पदक प्राप्त हुआ है।

बता दे कि भारत की हॉकी टीम ओलंपिक के इतिहास में आज तक की सबसे सफल टीम है। जिसका रेकॉर्ड तोड़ना लगभग पूरी दुनिया के लिए असंभव है। 

भारत ने हॉकी में लगातार 6 स्वर्ण पदक (1928,1932,1936,1948,1952,1956,1964,1980 ) के साथ कुल 8 स्वर्ण पदक 1 रजत पदक तथा 2 कांस्य पदक जीता है।

ओलिंपिक में कुल कितने खेल होते है.

2016 रियो डी जेनेरियो (ब्राजील) में आयोजित समर ओलंपिक में कुल खेलों की संख्या 28 थी। लेकिन आगामी 2021 टोक्यो जपान समर ओलंपिक के लिए 5 नई खेल( बेसबॉल/सॉफ्टबॉल, सर्फिंग, स्केटबिर्डिंग, चढ़ाई/स्पोर्ट क्लाइंबिंग, कराटे ) को और शामिल किया गया है। जिसके बाद ओलंपिक खेलो कि संख्या बढ़कर 33 हो गयी है।

चलिय जानते हैं ओलंपिक खेलों को

  • एथलेटिक्स
  • आर्चरी
  • रेसलिंग
  • वेटलिफ्टिंग
  • शूटिंग
  • स्विमिंग
  • एक्रोबेटिक जिम्नास्टिक
  • आर्टिसिटिक जिम्नास्टिक
  • हॉकी
  • साइक्लिंग ट्रैक 
  • वाटर पोलो 
  • बॉक्सिंग
  • बैडमिंटन
  • बास्केटबॉल
  • फुटबॉल
  • डाइविंग
  • कैनु
  • सर्फिंग
  • बास्केटबॉल
  • टेनिस
  • आइस हॉकी
  • क्रॉस कंट्री स्किंग
  • फिगर स्केटिंग
  • लूग
  • फ्रीस्टाइल स्किंग
  • शोर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग
  • बॉब्सले
  • बायथलॉन
  • स्पीड स्केटिंग
  • अल्पाइन स्किंग
  • कर्लिंग
  • पैरालंपिक

ओलंपिक मेडल की कितनी होती है कीमत?

गोल्ड मेडल में गोल्ड 1%, सिल्वर 92.5 % तथा कॉपर 6.5% होता है। अगर गोल्ड मेडल में सिर्फ गोल्ड दिया हुआ हो तो इसकी किमत लगभग डेढ़ लाख भारतीय रुपये पहुंच जाती है।

सिल्वर मेडल भी लगभग 22000  भारतीय रुपये के पास पहुंच जाती है।

ब्रॉन्ज मेडल में 97% कॉपर 2.5% जिंक तथा 0.5% टिन की मात्रा रहती है। जिसका कीमत भारत मे 315 रुपये पहुंच जाती है।

जानकार बताते हैं कि अभी के मार्केट वैल्यू के मुताबिक अगर इन पदकों को पिघलाया जाए तो स्वर्ण पदक की कीमत करीब US $800 डॉलर यानी 59,319 रुपये होगी। 

वहीं, रजत और कांस्य मेडलों की कीमत क्रमशः $450 और $5 है। हालांकि, पिघलाने की तुलना में सामान्य पदक की कीमत ज्यादा होती है।

ओलंपिक में खिलाड़ियों को क्या-क्या मिलता है?

ओलंपिक एसोसिएशन के द्वारा सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को पदकों से ही नवाजा जाता है। हालांकि, कई देश में सम्मान स्वरूप खिलाड़ियों को अलग-अलग चीजें बतौर पुरस्कार दिया जाता है।

ओलिंपिक के बारे में कुछ रोचक जानकारी 

  • ओलंपिक खेलों का आयोजन दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन होता है, जिसमे दुनिया के  हर खिलाड़ी का मैडल (पदक) जितने का एक सपना होता है।
  • ओलंपिक  ( ग्रीष्मकालीन ओलंपिक ) की इस प्रतियोगिता का  1916 में  प्रथम विश्व युद्व के कारण आयोजन नही किया गया था।
  •  
  • ठीक वैसे ही द्वितीय विश्व युद्ध के कारण 4 साल 1940 और 1944 ई0 में ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन ओलंपिक खेलों का आयोजन रदद कर दिया गया था।
  • ओलंपिक दुनिया को आपस मे जोड़ने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका के तैराक माइकल फलेप्स ने ओलंपिक में सर्वाधिक 28 पदक जीते है। जिसमें 23 स्वर्ण पदक ही शामिल है।

Final Words on Olympic Games 

इस लेख के माध्यम से हमने जाना कि ओलम्पिक खेल क्या होते है। ओलंपिक खेलों से जुड़े लगभग सारी जानकारी को हमने इस लेख में जाना ।

इस लेख को लिखने के लिए हमने बहुत मेहनत किये है, इसलिए आपलोगो से उम्मीद करता हू की यहाँ तक अगर आपने इस लेख को अच्छे या ध्यान से पढ़ चुके है तो आपको और कही जाने की जरूरत नही पड़ेगी।

आशा करता हूं कि मेरे द्वारा बताए गए जानकारी आपको अच्छा लगा हो, अगर मेरे द्वारा दिये गए जानकारी से आप संतुष्ट है, तो इसको अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूले। 

अपने दोस्तों को जरूर बताएं जिस से उनलोगों को भी इसके बारे में जानकारी मिल सके।

धन्यवाद।

Hindiblog4u YouTube Video Setup

आज के लेख बिलकुल अलग है और आज इस लेख में मैं उन इक्विपमेंट्स के बारे बताने वाला हु जो मैं अपनी यूट्यूब वीडियो या सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने के लिए उपयोग करता हूँ. Hindiblog4u YouTube Video Setup जिनकी उपयोग मैं अपना YouTube चैनल के लिए वीडियो बनाने के लिए करता हूँ

यदि आप एक प्रोफेशनल YouTuber बनने पर विचार कर रहे हैं, तो ऐसी कई साड़ी चीजें हैं जिनकी आवश्यकता आपको होगी और इसमें सबसे महत्वपूर्ण आपके आवश्यक वीडियो उपकरण हैं।

Quality YouTube वीडियो बनाना उतना आसान नहीं है जितना दिखता है। 

यूट्यूब वीडियोस बनाने के लिए आप बहुत अधिक टेक्निकल नॉलेज की जरुरत नहीं होती है बस जो कंटेंट आप बनाना चाहते है ऑडियंस को बताना चाहते है उसके बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए और इसके साथ ही आपके पास सही इक्विपमेंट होने चाहिए जिससे वीडियो की क्वालिटी अच्छी हो.

यहां उन बुनियादी वीडियो उत्पादन उपकरणों की सूची दी गई है जिनकी उपयोग मैं अपना YouTube चैनल के लिए वीडियो बनाने के लिए करता हूँ.

  • Tripod
  • Camera
  • Microphones
  • Laptop/Desktop
  • Phone
  • Chair
  • Lighting
  • Video Editing Software

Hindiblog4u YouTube Video Setup

Video Equipments जो मैं उपयोग करता हूँ.

Tripod: 

हिलता डुलता वीडियो कंटेंट एक प्रोफेशनल वीडियो प्रोडक्शन करने में हमेशा समस्या बनेगा. इसलिए जरुरत होती है एक स्थिर वीडियो की और ऐसे में त्रिपाद जो है स्थिर फोटो और वीडियो लेने के लिए बेस्ट उपकरण है.

Tripod मैं Photron कंपनी का उपयोग करता हूँ जिसकी कीमत अभी लगभग 1190 रूपए है. 

Tripod

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Camera

वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए मैं अपना डिजिटल कैमरा और मोबाइल फ़ोन दोनों ही उपयोग करता हूँ वीडियो के अनुसार मैं कभी डिजिटल कैमरा तो कभी मोबाइल फ़ोन का उसे कर वीडियो बनता हूँ.

Canon Digital Camera 

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Mobile Phone

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Microphones

मैं ऑडियो रिकॉर्ड करने के लिए दो माइक्रोफोन का उपयोग करता हूँ. 

अगर मुझे अपने डेस्कटॉप पे ऑडियो रिकॉर्ड करना होता है तो मैं Maono का USB mic उपयोग करता हूँ वही अगर मुझे अपने मोबाइल से रिकॉर्ड करना हो तो मैं Boya का lavalier mic upyog करता हूँ.

Maono Mic

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Boya Mic

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Desktop

मैं वीडियो एडिटिंग के लिए डेस्कटॉप का उपयोग करता हूँ. मेरा डेस्कटॉप असेंबल्ड है जिसका कॉन्फ़िगरेशन मैं आपको लोगो के साथ शेयर कर रहा हूँ.

2021 के अगस्त तक मैं ये कॉन्फ़िगरेशन का कंप्यूटर उपयोग कर रहा था.

Processor : Intel(R) Core 2 Duo
RAM : 4 GB
Hard Disk : 1TB
System Type : 64-bit operating system, x64-based processor
Graphics Card : NA

और 2021 सितम्बर महीने से मैं निचे दिए गए कॉन्फ़िगरेशन का PC उपयोग कर रहा हु.

Processor : Intel(R) Core(TM) i7
RAM : 12.0 GB
Hard Disk : 1TB
System Type : 64-bit operating system, x64-based processor
Graphics Card : 2GB

Phone

मैं वीडियो शूट करने के लिए कई बार फ़ोन का ही उपयोग करता हूँ. साथ ही कई बार अपने मोबाइल फ़ोन पे ही वीडियो एडिट भी करता हूँ. इसके अलावा मैं अपने वीडियो के लिए सारे थंबनेल मोबाइल से ही बनता हूँ.

Mobile Phone

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Lighting

लाइटिंग के लिए मैं दो स्टैंड और बल्ब के साथ अम्ब्रेला का उपयोग करता हु

मैं शॉपी कंपनी का लाइट स्टैंड उसे करता हूँ. इसके साथ ही E27 सॉकेट होल्डर उसे करता हु बल्ब लगाने के लिए. 

Light Stand

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E27 Socket Bracket Studio Eu Plug

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Professional White Umbrella

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23-Watt LED Bulb

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Video Editing Software

मैं वीडियो एडिटिंग के लिए फिल्मोरा सॉफ्टवेयर का उपयोग करता हूँ इससे हम आसानी से वीडियो कर पाते है और साथ ही वीडियो में नॉइज़ रिमूव करना ट्रिम करना हो ट्रांजीशन ऐड करना सब कुछ आसानी से हो जाता है.

अगर मैं कुल इन्वेस्टमेंट की बात करू तो लगभग मैंने Rs 15500 रूपए इक्विपमेंट पे खर्च किये है पर ये सारे इक्विपमेंट्स मैंने एक बार में नहीं लिया था एक एक कर के धीरे धीरे समय के साथ लेता चला गया और इस मेरे वीडियो की क्वालिटी इम्प्रूव होती रही.

अच्छे इक्विपमेंट्स से सबसे बड़ा फायदा ये है की इससे वीडियो अच्छी क्वालिटी की शूट होती है जो चैनल और ऑडियंस दोनों के लिए ही जरुरी है.

जितने भी इक्विपमेंट्स मैं यूट्यूब वीडियो बनाने के लिए करता हूँ वो सब मैंने आप सभी के साथ शेयर किया है उम्मीद है आपका अच्छा लगा होगा. अगर आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेंट सेक्शन में लिख कर मुझे जरूर बताये.

Computer Keyboard Kya Hai Keyboard Ke Button Ki Jankari

Computer Keyboard Kya Hai, इसका उपयोग क्यों किया जाता है, इसके इस्तेमाल से होता क्या है आदि सभी प्रकार के जानकारी आज हम अपने इस लेख के माध्यम से जानेंगे।

Computer keyboard  के बिना आज के युग मे कोई भी काम करना बहुत ही कठिन है, क्योंकि बिना बिना कीबोर्ड के कोई भी फर्म या कोई चीज type करना  बहुत ही मुश्किल होता  है।। मुझे पूरा भरोसा है कि ऐसे बहुत से आदमी है, जिसको इसके बारे में कोई जानकारी नही है। 

तो चलिय दोस्तो हम बात करते है, कंप्यूटर कीबोर्ड के बारे में आज हम अपने इस लेख में कंप्यूटर कीबोर्ड  को पूरे विस्तार से जानते है।

जिनको भी इसके बारे में जानकारी नही है, वो इस लेख के माध्यम से आसानी से जान सकेंगे, क्योंकि हम पूरे विस्तार से इसके बारे में जानकारी को बताएंगे। 

तो चलिय दोस्तो शुरू करते है।

Computer Keyboard Kya Hai Keyboard Ke Button Ki Jankari

कंप्यूटर कीबोर्ड क्या है (What is Keyboard in Hindi)

कंप्यूटर कीबोर्ड :-  कीबोर्ड कंप्यूटर का एक मुख्य इनपुट उपकरण है।। इनमें अनेको keys होती है, इन्ही keys को दबाकर कंप्यूटर को इनपुट दिया जाता है।  कीबोर्ड की keys typewriter की keys के जैसी होती है।

कीबोर्ड का हिंदी में मतलब कुंजीपटल होता है।

“” बहुत सारे कुंजियों का समूह जो कंप्यूटर को निर्देश देने का काम आता है कंप्यूटर कीबोर्ड कहलाता है 

डेस्कटॉप कंप्यूटर के मुकाबले लैपटॉप में कुछ keys कम होती है। दिखने में कीबोर्ड कई तरह के होते है पर कार्य सब का  एक ही होता है।

डेस्कटॉप में कीबोर्ड CPU से एक write के द्वारा जुड़ा होता है, जबकि laptop में यह उसके साथ ही होता है,। कीबोर्ड का मुख्य भाग अल्फाबेट और नम्बर से बना होता है।

कीबोर्ड में कुछ महत्वपूर्ण keys भी होती है, जैसे  shift, caps, lock, tap, ctrl, alt आदि ।  किसी भी सॉफ्टवेयर में  शॉर्ट कट इन्ही keys के द्वारा बनाये जाते है।


कम्प्यूटर कीबोर्ड का इतिहास (Computer Keyboard History in Hindi)

वैसे कंप्यूटर कीबोर्ड का इतिहास कुछ ज्यादा पुराना नही है, मगर इसका पूर्वज टाइपराइटर है, इसलिए कीबोर्ड को  टाइपराइटर ही जितना budha माना जाता है।

आधुनिक कंप्यूटर कीबोर्ड का अविष्कार Christopher latham sholes, ने सन 1868 ई0  में किया था। क्योंकि इसी दिन इनको आधुनिक टाइपराइटर का पेटेंट मिला था।

एक मानक कंप्यूटर कीबोर्ड  में  कुल 104 बटन होती है, लेकिन यह संख्या कीबोर्ड निर्माता, कीबोर्ड प्रकार, कीबोर्ड डिवाइस के आधार पर कम या ज्यादा हो सकती है निष्कर्ष के तौर पर हम कह सकते है कि यह संख्या ( +-) 100 बटन के आसपास हो सकती है।

साफ शब्दों में बोला जाए तो कंप्यूटर दो प्रकार के होती है एक QWERTY keyboard और दूसरा non – qwerty keyboard होता है।

F and J keyboard keys Par Bumps Kyun Rehta Hai


कीबोर्ड के प्रकार (Types of Keyboard in Hindi)

कीबोर्ड पर विशेष कुंजियों ( keys ) की विशेष जमावट को ही कीबोर्ड ले आउट कहते है, कीबोर्ड ले आउट ही कीबोर्ड की बनावट, कीबोर्ड के प्रकार तथा कीबोर्ड की आकर को निर्धारित करता है । 

मतलब साफ शब्दों में जाने तो कीबोर्ड लेआउट से ही कीबोर्ड की सारी जानकारी मिलती है।

आज दुनिया भर में कंप्यूटर के कीबोर्ड की विभिन्न प्रकार के ले  आउट उपलब्ध है, दुनिया के हर अलग – अलग देशों या राज्यो ने अपने भाषा और लिपि के अनुसार कीबोर्ड ले आउट को विकसित किये हुए है।

हम इन सभी कीबोर्ड ले आउट को मोटे तौर पर 2 भागो में बाटे हुए है, जिनकी जानकारी नीचे आपको मिलेंगे।

1.   QWERTY Keyboard  Layout -:  यह  कीबोर्ड ले आउट सबसे प्रचलित तथा उपयोग होने वाली कीबोर्ड ले आउट है।। दुनिया भर में तथा आधुनिक कंप्यूटर कीबोर्ड में इसी ले आउट का उपयोग अधिकांश तौर पर होता है।

QWERTY Keyboard Layout पर आधारित कुछ अन्य  कीबोर्ड ले आउट है।

     QWERTY

     QWERTZ

     AZERTY

     QZERTY

2. Non- QWERTY Keyboard Layout -:.  जिन कीबोर्ड में QWERTY keyboard layout की कुंजियों के जमावट का इस्तेमाल नही किया जाता है, उन्हें non qwerty keyboard layout कहते है, जो कुछ इस प्रकार है ।

     Dvorak

     Colemak

     Workman

मुख्य तौर पर कीबोर्ड के यही प्रकार है, जिसका उपयोग पूरे दुनिया मे किया जाता है।


कीबोर्ड के बटन की जानकारी (Information About Keyboard Button in Hindi)

QWERTY layout अबतक का सबसे प्रचलित दुनिया भर में अपनाया गया एक सही पैटर्न है,, और इस लेख में इसी प्रकार के कीबोर्ड का उपयोग करना बता रहे है।

तो चलिय आइए दोस्तो आज हम जानते है कि कीबोर्ड में कुल कितने बटन होते है, तथा इन सब के नाम क्या होते है, तथा ये कितने प्रकार के होते है, इसका उपयोग इत्यादि के बारे में जानते है।

एक सामान्य कीबोर्ड में कुल 104 keys होती है। तथा इनकी संख्या keyboard manufacturers और operating system पर भी निर्भर करती है।

इसलिए हम साफ तौर पर बोल सकते हैं कि एक Qwerty कीबोर्ड में लगभग 100 (+–)कीबोर्ड होती है।

कीबोर्ड में मौजूद प्रत्येक कुंजी का अपना एक विशेष कार्य होता है, और इसी कार्य के आधार पर इनको निम्न 6 भागो में विभाजित किया गया है, जो इस प्रकार है।

  1. Function Keys
  2. Typing Keys
  3. Control Keys
  4. Navigation Keys
  5. Indicator Lights
  6. Numeric Keypad

Function Keys :- function keys keyboard में सबसे ऊपर होती है, इन्हें कीबोर्ड में F1 से F12 तक लिखा जाता है।। function key का प्रयोग किसी विशेष कार्य के लिए किया जाता है।। इनका हर प्रोग्राम में एक अलग कार्य होता है।

Typing Keys -: Typing keys का उपयोग सबसे अधिक किया जाता है,, typing keys में दोनों तरह की keys ( alphabet और number ) शामिल होती है।। इन्हें सामुहिक रूप से alphanumeric keys कहा जाता है। typing keys में सभी तरह के symbol तथा punctuation marks भी शामिल होते है।

Control Keys :-  इन keys को अकेले या किसी अन्य keys के साथ कोई निश्चित कार्य करने के इस्तेमाल में लाया जाता है।। एक सामान्य Keyboard में Ctrl key, Alt key, Window key, Esc key का उपयोग Control keys के रूप में किया जाता है, इसके  अलावा Menu key, Scroll key, Pause Break key, PrtScr key आदि keys भी control keys में शामिल होती है।

Navigation Keys :-.  इन keys में Arrow keys, Home, End, Insert, Page Up, Delete, Page Down आदि keys होती है। जिनका  use किसी document, webpage आदि में इधर-उधर करने के लिए किया जाता है।

Indicator Light -:  इन Keyboard में तीन तरह की Indicator light (संकेतक) होती है। Num Lock, Scroll Lock और Caps Lock.

जब Keyboard में पहली light जली होती है तो इसका अर्थ है कि Numeric Keypad चालु है।

दूसरी, light हमें letters के Uppercase और Lowercase के बारे में संकेत करती है,, ये  जब बंद होती है तो letter lowercase में होते है, और जब ये चालु होती है तो letter uppercase में होते है।

तीसरी, जिसे Scroll Lock के नाम से जाना जाता है. यह हमें scrolling के बारे में संकेत करती है।

Numeric Keyboard :- इन्हे हम Calculator keys भी कह सकते है, क्योंकि एक Numeric keypad में लगभग calculator के समान ही keys होती है, ईनका इस्तेमाल numbers लिखने में किया जाता है।


कीबोर्ड को कम्प्यूटर से कैसे कनेक्ट करते है (How to Connect Keyboard to Computer in Hindi)?

सबसे पहले तो कंप्यूटर से कीबोर्ड को जोड़ने के लिए बिजली कनेक्शन को बंद कर दे।

इसके बाद कीबोर्ड कनेक्टर का प्रकार चेक करे, यह कनेक्टर एक तार होता है, जिसका एक सिरा कीबोर्ड से जुड़ा होता है, तथा दूसरा सिरा बाहर की तरफ होता है।

बाहर वाले सिरे को ध्यान से देखे, अगर कीबोर्ड का छोर गोल है तो वह PS2 port है, और अगर आयताकार मतलब चकोर है तो usb port connecter है।

USB connecter वाला कीबोर्ड कैबिनेट के usb port में कनेक्ट होता है, और PS2 port  वाला कीबोर्ड PS2 port से कनेक्ट होता है।

इसके बाद कंप्यूटर कैबिनेट में उपयुक्त कनेक्टर ढूंढना है, इसे खोजने के लिये कैबिनेट का पिछला हिस्सा अपनी तरफ कीजिए और port का पता लगाइए।

इसके बाद सबसे पहले कीबोर्ड तार को दायें हाथ मे पकर लीजिए, फिर उपयुक्त कैबिनेट पोर्ट में कीबोर्ड कनेक्टर को घुसा दीजिए, इसे जोड़ते समय सावधानी बरतें और ज्यादा ताकत का इस्तेमाल न करे

जब कीबोर्ड जुड़ जाए तो कंप्यूटर को चालू कर के कीबोर्ड बटन को चेक कर ले। सही से जुड़ा है कि नही, अगर सही से कीबोर्ड बटन काम करे तो सही ज़ुरा है, और अगर न करे तो सही नही जुड़ा है।


Keys के प्रकार

कुछ मुख्य typing keys 

Tab key – Tab का use एक साथ कई अक्षरों का space देने के लिए किया जाता है,, इसके अलावा इसका उपयोग कुछ Keyboard Shortcuts में भी किया जाता है।।। टैब बटन कम्प्यूटर में केवले एक ही होता है, जो बाएं तरफ स्थित होता है ।

Caps lock key –  इस बटन का उपयोग सभी letters को uppercase ( बड़ा ) में लिखने के लिए किया जाता है,, सबसे बड़ी बात की जब caps lock key ऑन होगा तो सब लैटर बड़ा में लिखता है, और जब off होगा तो छोटा में लिखयेगा।

Shift keys –  Shift Keys का उपयोग letters को uppercase में लिखने के लिए किया जाता है. इसके अलावा किसी बटन के ऊपर वाले हिस्से को type करने के लिए भी Shift Keys का इस्तेमाल किया जाता है।

शिफ्ट बटन कम्प्यूटर में दो होते हैं,  एक बायां शिफ्ट बटन और दूसरा दायां शिफ्ट बटन, जब, बड़ा अक्षर बाएं हाथ से टाइप करना है तब दायां शिफ्ट बटन दबाते है और दाएं हाथ से बड़ा अक्षर टाइप करने के लिए बायां शिफ्ट दबाते हैं।

Spacebar –  Spacebar Keyboard में सबसे बड़ी key होती है, इसका उपयोग Cursor को एक space आगे खिसकाने के लिए किया जाता है।

Enter key –   Enter Key एक महत्वपूर्ण key है,,  इसका use अगली line शुरू करने के लिए किया जाता है,, और  जब Enter को दबाया जाता है तो Cursor अगली line के शुरूआत में चला जाता है।।।  Enter Key ‘OK’ button का भी कार्य  करती है।

Backspace –  Backspace का use Cursor के आगे तथा select किए हुए text को delete करने के लिए किया जाता है, इसके साथ ही अलग-अलग सॉफ्टवेयर में इसका कार्य बदल जाता है।

कुछ मुख्य control keys 

Esc keys – Esc Key का use वर्तमान में चालु किसी task को cancel करने के लिए किया जाता है, Esc Key का  पूरा नाम Escape Key है।

Ctrl keys –  Ctrl Key का पूरा नाम Control Key है,,, इसका use Keyboard Shortcuts में किया जाता है।

Alt keys – Alt Key का पूरा नाम Alter Key है,,, इसका use भी Keyboard Shortcuts में किया जाता है।

Windows logo key –  इस key का use start menu को use करने के लिए किया जाता है।

Menu keys –  Menu Key माउस के Right Click के समान ही कार्य करती है,,, यह किसी चुने हुए प्रोग्राम से संबंधित विकल्पों को open करती है।

Prtscr key – कम्प्युटर स्क्रीन की Image लेने के लिए इस Key का use किया जाता है।

Navigation key 

Arrow keys :- Arrow Keys चार होती है- Up Arrow, Down Arrow, Left Arrow तथा Right Arrow. इनका use cursor और Webpage को Arrows कि दिशा में सरकाने के लिए किया जाता है।

Home keys :- Home Key का use cursor को किसी दस्तावेज के शुरूआत मे लाने के लिए किया जाता है. इसकी सहायता से एक Web Page और Document के एक दम शुरूआत में आ सकते है।

End keys :- End Key का use cursor को किसी दस्तावेज के आखिर मे लाने के लिए किया जाता है. इसकी सहायता से एक Web Page और Document के एक दम नीचे जा सकते है।

Insert keys :-  insert Key का use Insert mode को On तथा Off करने के लिए किया जाता है।

Delete keys :- Delete Key का use Cursor के बाद के text, select किए हुए text तथा files एवं folder को delete करने के लिए किया जाता है।

Page up keys :- Page Up Key का use Cursor एवं किसी page को कुछ ऊपर सरकाने के लिए किया जाता है।

Page down keys :-  Page Down Key का use Cursor एवं किसी page को कुछ नीचे सरकाने के लिए किया जाता है।

Numeric कीबोर्ड :- numeric keypad keyboard के दाएं तरफ होता है, इसमें 0 से 9 तक संख्याये होती है, साथ ही गणीतिय चिन्ह- addition, subtraction, division, multiplication तथा decimal चिन्ह भी होते ह।


कीबोर्ड में कितने बटन होते हैं

मानक कंप्यूटर कीबोर्ड में कुल 104 बटन होती है।।। लेकिन यह संख्या कीबोर्ड निर्माता, कीबोर्ड बनावट, कीबोर्ड प्रकार, तथा कीबोर्ड डिवाइस के आधार पर कम या ज्यादा हो सकते है,

निष्कर्ष के तौर पर हम कह सकते है कि यह संख्या (±) 100 बटन के आसपास होती है।


कुछ मुख्य Control Keys और उनका उपयोग

वैसे तो बहुत सारे समय का बचत और बहुत सारे काम control keys से होते हैं, जिसके बारे में हम जानेंगे।

Ctrl+A=इसका उपयोग किसी भी फ़ाइल या डाटा को सेलेक्ट कर चयन के रूप में लाया जाता है।

Ctrl+B= इसका उपयोग किसी भी फ़ाइल या डेटा के अंदर जो शब्द दिए गए हो, उसको काला करने के लिए यानी हाईलाइट करने के लिए किया जाता है।

Ctrl+C=  इसका उपयोग किसी फ़ाइल या डाटा की दूसरी copy बनाने के लिए किया जाता है।

Ctrl+D= इसका उपयोग माइक्रोसॉफ्ट फ़ाइल में किसी पेज के बुकमार्क के लिए किया जाता है।

Ctrl+ E=इसका उपयोग किसी पेज को मध्य में लाने के लिए किया जाता है।

Ctrl+F= ईसका उपयोग किसी फ़ाइल से डाटा को खोज करने के लिए किया जाता है।

Ctrl+G= इसका उपयोग हमे किसी फ़ाइल या डाटा की खोज करते समय किस पेज या लाइन पर जाना है उसके लिए करते हैं।

Ctrl+H= इसका उपयोग किसी फ़ाइल से खोजे गए डाटा को किसी अन्य नाम से तैयार करने के लिए किया जाता है।

Ctrl+I= इसका उपयोग किसी फ़ाइल या खोजे गए डाटा को तिरछा करने के लिए किया जाता है।

Ctrl+J= इसका उपयोग इंटरनेट ब्राउज़र में डाऊनलोड किये गए फ़ाइल को खोलने या माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में हमारे द्वारा लिखे गए डाटा को जस्टिफाई करने के लिए किया जाता है।

Ctrl+K= इसका उपयोग h.t.m.l तथा माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में बनाये गए डाटा को haypling करने के लिए करते है।

Ctrl+L= इसका उपयोग माइक्रोसॉफ्ट में लिखे गए हमारे डाटा को लेफ्ट में लाने के लिए किया जाता है।

Ctrl+M=  इसका प्रयोग वर्ड प्रोसेसर तथा अन्य प्रोग्राम में इंडेंट लेने के लिए करते हैं।

Ctrl+N= ईसका उपयोग नई पेज बनाने के लिए किया जाता है।

Ctrl+O= इसका उपयोग हमारे द्वारा बनाई गई फ़ाइल को पुनः खुलवाने के लिए किया जाता है।

Ctrl+P= इसका उपयोग हमारे द्वारा बनाए गए डाटा के hard copy के रूप में करते है।

Ctrl+Q= इसका उपयोग माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में लगाए गया बुलेट को हटाने के लिए करते हैं।

Ctrl+R= इसका उपयोग पेज को रिलोड करने के रुप मे किया जाता है।

Ctrl+S= इसका उपयोग किसी डाटा फ़ाइल को संरक्षित करने के लिए किया जाता है।

Ctrl+T= इसका उपयोग नई टैब खोलना तथा माइक्रोसॉफ्ट वर्ड एडजस्ट करने के लिए किया जाता है।

Ctrl+U= इसका उपयोग माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में अंडरलाइन करने के लिए किया जाता है।

Ctrl+V= इसका उपयोग किसी भी फ़ाइल में कॉपी किये हुए टेक्स्ट को पेस्ट करने के लिए करते है।

Ctrl+W= इसका उपयोग ओपन टैब या माइक्रोसॉफ्ट में खुले हुए सिस्टम को बंद करने के लिए किया जाता है।

Ctrl+X= इसका उपयोग किसी भी फ़ाइल में कॉपी किये हुए चीज को काटने या cut करने के लिए करते है । 

Ctrl+Y= य इसका उपयोग किसी भी फ़ाइल में ridu या andu करने के लिए करते हैं।

Ctrl-Z= इसका उपयोग किसी भी फ़ाइल में हमारे द्वारा लिखे हुए को पहले जैसा बनाने के लिए करते हैं।

Keyboard Shift का प्रयोग

Shift f1 –  preview टेक्स्ट फॉर्मेटिंग

Shift f2 –  कॉपी टेक्स्ट

Shift f3 –  टेक्स्ट को चेंज करने के लिए

Shift f4 – किसी भी फ़ाइल में जाने के लिए

Shift f5 –  शब्दों को मूव करने के लिए

Shift f6 –  किसी डोकोमेंट फ़ाइल में गो टू पर जाने के लिए

Shift f7 – माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में थेसर्स ऑन करने के लिए

Shift f8 – माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में करंट सिलेक्शन किये हुए हाईलाइट को कम करने के लिए

Shift f9 –  फील्ड कोच में स्विच करने के लिए

Shift f10- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में शॉर्टकट मेनू को चलाने के लिए

Shift f11 –  पिछली फील्ड में वापस जाने के लिए

Shift f12 – किसी डोकोमेंट फ़ाइल में सेव us करने के लिए

Keyboard Alt Keys  का

Alt+ctrl+c- कॉपी राइट के लिए

Alt+ctrl+R- रजिस्टर करने के लिए

Alt+ctrl…..- कॉन्टिनुएस करने के लिए

Alt+ctrl+T-  ट्रेडमार्क के लिए

Alt+ctrl+E-  यूरो डॉलर के प्रतीक

Alt+shift+T-  इसका उपयोग करंट टाइम को जोड़ने के लिये

Alt+shift+D-  इसका उपयोग करंट तारीख को जोड़ने के लिए

Alt+Teb-  इसका उपयोग हमे यह बताता है कि कंप्यूटर पर कार्य करते समय हमे कितना खोल के रखना है।


Navigation Keys का उपयोग

Navigation Key 

Arrow keys :- Arrow Keys चार होती है- Up Arrow, Down Arrow, Left Arrow तथा Right Arrow. इनका use cursor और Webpage को Arrows कि दिशा में सरकाने के लिए किया जाता है।

Home keys :- Home Key का use cursor को किसी दस्तावेज के शुरूआत मे लाने के लिए किया जाता है. इसकी सहायता से एक Web Page और Document के एक दम शुरूआत में आ सकते है।

End keys :- End Key का use cursor को किसी दस्तावेज के आखिर मे लाने के लिए किया जाता है. इसकी सहायता से एक Web Page और Document के एक दम नीचे जा सकते है।

Insert keys :-  insert Key का use Insert mode को On तथा Off करने के लिए किया जाता है।

Delete keys :- Delete Key का use Cursor के बाद के text, select किए हुए text तथा files एवं folder को delete करने के लिए किया जाता है।।।।

Page up keys :- Page Up Key का use Cursor एवं किसी page को कुछ ऊपर सरकाने के लिए किया जाता है।

Page down keys :-  Page Down Key का use Cursor एवं किसी page को कुछ नीचे सरकाने के लिए किया जाता है।


कम्प्यूटर कीबोर्ड से संबंधित कुछ सामान्य सवाल-जवाब (FAQs on Computer Keyboard)

Q. कंप्यूटर कीबोर्ड में कितनी कुंजियां होती हैं और उनके कार्य क्या है?

मानक कंप्यूटर कीबोर्ड में आमतौर पर अक्षर सेटों को इनपुट करने के लिए 101 कुंजियाँ होती हैं जिनमें अक्षर, संख्याएँ, प्रतीक या फ़ंक्शन शामिल हैं।

Q. मुझे कंप्यूटर कीबोर्ड में क्या देखना चाहिए?

  • कार्य प्रकार
  • कीस्ट्रोक्स (स्विच)
  • डिज़ाइन
  • अनुकूलता
  • वायर्ड बनाम वायरलेस
  • अतिरिक्त फ़ंक्शन कुंजियाँ
  • कीमत

Q. F1 से F12 कुंजियों का क्या कार्य है?

फ़ंक्शन कुंजियाँ या F कुंजियाँ कीबोर्ड के शीर्ष पर पंक्तिबद्ध होती हैं और F1 से F12 तक लेबल की जाती हैं। ये कुंजियाँ शॉर्टकट के रूप में कार्य करती हैं, कुछ कार्य करती हैं, जैसे फ़ाइलें सहेजना, डेटा प्रिंट करना, या किसी पृष्ठ को ताज़ा करना

Q. CTRL A से Z का कार्य क्या है?

Ctrl + A → सभी सामग्री का चयन करें।

Ctrl + Z → किसी क्रिया को पूर्ववत करें।

Ctrl + Y → एक क्रिया फिर से करें।

Q. ऑल्ट F4 क्या है?

Alt+F4 का मुख्य कार्य एप्लिकेशन को बंद करना है

Q. कीबोर्ड के बारे में सच्चाई क्या है?

अधिकांश कीबोर्ड में 101 या 104 कुंजियाँ होती हैं

Q. कीबोर्ड कैसा दिखता है?

एक कीबोर्ड आपके कंप्यूटर में अक्षरों, शब्दों और संख्याओं सहित जानकारी डालने के लिए है।

Q. कीबोर्ड पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली की कौन सी है?

स्पेसबार कीबोर्ड पर सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली कुंजी है।

Q. सामान्य कीबोर्ड को क्या कहते हैं?

एक मानक कीबोर्ड को “QWERTY” कीबोर्ड के रूप में जाना जाता है

Q. कीबोर्ड कितने प्रकार का होता है?

  • क्वर्टी कीबोर्ड (Qwerty Keyboards)
  • वायर्ड कीबोर्ड (Wired Keyboards)
  • संख्यात्मक कीपैड (Numeric Keypads)
  • एर्गोनोमिक कीबोर्ड (Ergonomic Keyboards)
  • वायरलेस कीबोर्ड (Wireless Keyboards)
  • यूएसबी कीबोर्ड (USB Keyboards)
  • ब्लूटूथ कीबोर्ड (Bluetooth Keyboards)
  • जादू कीबोर्ड (Magic Keyboards)

Final Words on Computer Keyboard

तो चलिय दोस्तों आज इतना ही, दोस्तों आपलोगो से उम्मीद करते है कि कंप्यूटर कीबोर्ड क्या है उस से सम्बंधित हमरा यह आर्टिकल आपलोगो को पसंद आया होगा, और आपके सभी सवालों का जवाब आपको मिल गया होगा।

अगर आपको हमरा यह आर्टिकल पसंद आया हो तो दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें। शेयर करना न भूले, क्योंकि आपके साथ-साथ और लोगो को भी इसके बारे में जानकारी मिल सके। 

ऐसे ही आपलोग मेरे साथ बने रहे मेरा सपोर्ट करे कि आपलोगो को बहुत सारी जरूरी की जानकारी दे pau।

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